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कोरोना वायरस: मुंबई में 171 में से 53 मीडियाकर्मी से संक्रमित पाए गए

मुंबई के मामलों के सामने आने के बाद ही सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि अखबार और मीडिया प्रतिष्ठानों को एक सलाह जारी की जा रही है. देश में कोरोना वायरस से सर्वाधिक प्रभावित राज्य महाराष्ट्र अब तक संक्रमण के 4,666 मामले सामने आ चुके हैं और 232 लोग जान गंवा चुके हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

(फोटो: रॉयटर्स)

मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में कम से कम 53 मीडियाकर्मी ऐसे हैं जिनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. यह जानकारी बृह्नमुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के एक अधिकारी ने दी.

उन्होंने बताया कि कोविड-19 की जांच के लिए 16 और 17 अप्रैल को आजाद मैदान में विशेष शिविर लगाया गया था और इस दौरान 171 मीडियाकर्मियों के लार के नमूने लिए गए थे जिनमें इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के पत्रकार, फोटोग्राफर और कैमरामैन शामिल थे.

बीएमसी के प्रवक्ता विजय खाबले ने बताया, ‘कुल 171 नमूनों में से 53 कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं. उन्होंने बताया कि इनमें से अधिकतर में अभी तक कोई लक्षण नहीं है.’

खाबले ने बताया, ‘सभी संक्रमितों को पृथकवास में रखा जाएगा और इसके लिए उचित स्थान की तलाश करने की प्रक्रिया चल रही है.’

उन्होंने बताया कि उनके संपर्क में आए लोगों का पता लगाने की भी कोशिश की जा रही है.

सबसे पहले 20 अप्रैल को एक युवा पत्रकार को उनके कोरोना पॉजिटीव होने की जानकारी दी गई थी जिनके दो बच्चे हैं और मां-बाप भी बीमार हैं.

द वायर से बात करते हुए उन्होंने बताया कि बीएमसी से जानकारी मिलने के बाद उन्होंने सबसे पहले इसके बारें में अपनी ब्यूरो चीफ को बताया.

उन्होंने कहा, ‘मुझसे केवल यह कहा गया कि अपना ख्याल रखो और कुछ दिनों के लिए बाहर मत निकलो. रिपोर्टर ने कहा कि उसे यह जवाब तब मिला जब उसने एक भी दिन छुट्टी लिए बिना एक महीने से अधिक समय तक काम किया और ब्यूरो चीफ से हर रोज कहता रहा कि रिपोर्टरों पर फील्ड पर भेजने के लिए दबाव न डालें.’

वहीं, इस पेशे में अपना एक दशक से अधिक समय दे चुके एक अन्य पत्रकार ने कहा कि अपनी जिंदगी खतरे में डालने वाले पत्रकारों के प्रति संपादकों और समाचार चैनल मालिकों द्वारा दिखाया गया व्यवहार निराशाजनक है.

29 वर्षीय पत्रकार ने कहा, ‘उचित सुरक्षा के बिना मैदान पर हर रोज जाने में कुछ भी साहसी नहीं है. मैं अपने बॉस से कहता रहा हूं कि मैं अभी जो कुछ भी रिपोर्ट कर रहा हूं, उसमें से अधिकांश काम घर से कर सकता हूं और इससे रिपोर्टिंग की गुणवत्ता किसी भी तरह से प्रभावित नहीं होगी, लेकिन संपादक सुनने के लिए तैयार नहीं हैं.’

कुछ मामलों में टेलीविज़न चैनलों ने अपने कर्मचारियों के लिए सलाह जारी की है, लेकिन पत्रकारों का कहना है कि ऐसे उपाय निरर्थक हैं.

एक ट्रेनी रिपोर्टर ने कहा, ‘ये सलाह केवल हमें ध्यान रखने के लिए कहते हैं. यह हमें नहीं बताता कि कैसे. साथ ही, हमें अपने संगठन से कोई भी निजी सुरक्षा उपकरण प्रदान नहीं किया जाता है.’

मुंबई के अलावा, चेन्नई में दो पत्रकारों ने भी इस महीने की शुरुआत में कोरोना वायरस पॉजिटीव पाए गए थे. मार्च में मध्य प्रदेश के भोपाल का एक पत्रकार भी संक्रमित पाया गया था.

हालांकि, मुंबई के मामलों के सामने आने के बाद ही सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़़ेकर ने कहा कि अखबार और मीडिया प्रतिष्ठानों को एक सलाह जारी की जा रही है.

जावड़ेकर ने ट्वीट कर कहा, ‘यह चौंकाने वाला है कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के 50 से अधिक पत्रकारों, विशेष रूप से कैमरामैन को मुंबई में कोरोना वायरस पॉजिटीव पाया गया है. हर पत्रकार को उचित देखभाल करनी चाहिए.’

मुंबई में 138 की मौत, कुल संक्रमितों की संख्या 3,000 पहुंची

मुंबई में कोरोना वायरस संक्रमण के 155 नये मामले सामने आने के साथ यहां कोविड-19 के कुल मामले बढ़ कर 3,000 के पार पहुंच गये. वहीं, बृह्नमुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) मुताबिक, सात और लोगों की मौत होने के बाद मृतक संख्या बढ़ कर 138 हो गई है.

इस बीच, महाराष्ट्र में सोमवार को कोरोना वायरस से संक्रमण के 466 नये मामले सामने आये. स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि राज्य में अभी तक 4,666 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है.

अधिकारियों ने बताया कि कोविड-19 से आज राज्य में नौ लोगों की मौत हुई. राज्य में अभी तक 232 लोग कोरोना वायरस संक्रमण से जान गंवा चुके हैं.

इस बीच, बीएमसी के के 24/7 आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष के दो कर्मचारी संक्रमित पाये गये हैं. एक अधिकारी ने यह बताया.

बीएमसी की विज्ञप्ति के मुताबिक, मुंबई में कोविड-19 के कुल 3,090 मामले अब तक सामने आये हैं.

सिर्फ चार दिनों के अंदर संक्रमण के 1000 नए मामले सामने आने से अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है.

बीएमसी ने कहा कि 84 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दी गई. कुल 394 मरीज स्वस्थ हुए हैं.

उन्होंने कहा, ‘मरने वाले सात लोगों में से छह पहले ही अन्य बीमारियों से ग्रसित थे.’

मामले बढ़ने के कारणों पर प्रकाश डालते हुए बीएमसी ने कहा कि विभिन्न प्रयोगशालाओं में 14-17 अप्रैल के बीच 137 लोगों के नमूनों में संक्रमण की पुष्टि हुई और सोमवार को इनकी जानकारी मिलने के बाद इन्हें तालिका में जोड़ा गया.

वहीं, बीएमसी ने कहा कि कस्तूरबा अस्पताल कोविड-19 के मरीजों का इलाज प्लाज्मा थैरेपी से करने के लिए भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) से अनुमति लेने की प्रक्रिया में है.

इस बीच, पुणे में कोविड-19 के नये 65 नये मामले सामने आने के साथ शहर में इसकी कुल संख्या बढ़ कर 734 हो गई. एक स्वास्थ्य अधिकारी ने यह जानकारी दी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)