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कोरोना वायरस: राहुल गांधी समेत कुछ नेताओं ने चिकित्सा उपकरणों पर जीएसटी को लेकर उठाए सवाल

कोरोना वायरस के इलाज में काम आने वाले मास्क, वेंटिलेटर, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण, सैनिटाइज़र, टेस्ट किट आदि पर जीएसटी न वसूलने की विभिन्न तबकों द्वारा मांग की जा रही है.

New Dellhi: Congress MP Rahul Gandhi speaks to media, at Parlaiment in New Delhi, Thursday, March 12, 2020. (PTI Photo)(PTI12-03-2020_000153B)

राहुल गांधी. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली/पुदुचेरी: कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कुछ नेताओं ने कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले चिकित्सा उपकरणों पर केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी वसूलने पर सवाल उठाए हैं.

दरअसल कोरोना वायरस के इलाज में काम आने वाले मास्क, वेंटिलेटर, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई), सैनिटाइजर, टेस्ट किट आदि पर जीएसटी न वसूलने की विभिन्न तबकों द्वारा मांग की जा रही है.

इसके बाद इन नेताओं की ओर से इस संबंध में बयान दिया गया है.

एक ट्वीट में राहुल गांधी ने कहा है, ‘कोविड 19 के इस मुश्किल वक्त में हम लगातार सरकार से मांग कर रहे हैं कि इस महामारी के महामारी से जुड़े सभी छोटे-बड़े उपकरण जीएसटी मुक्त किए जाएं.’

उन्होंने कहा, ‘बीमारी और ग़रीबी से जूझती जनता से सैनिटाइज़र, साबुन, मास्क, दस्ताने आदि पर जीएसटी वसूलना ग़लत है. #GSTFreeCorona मांग पर हम डटे रहेंगे.

इसी तरह पुदुचेरी के मुख्यमंत्री नारायणसामी ने कहा है कि केंद्र को राज्यों की मदद करनी चाहिए और सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर, मॉनिटर, मास्क और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद करनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि वैकल्पिक रूप से राज्य सरकारों को देश में या देश के बाहर से उपकरण खरीदने की इजाजत देनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि उपकरणों पर जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) लगाने से कीमतों में बढ़ोतरी हुई है और इसलिए राज्यों को कम दाम पर ऐसे उपकरण मुहैया कराने के लिए इन उपकरणों पर जीएसटी हटाया जाना चाहिए.

मुख्यमंत्री ने केंद्र से अपील की कि कोरोना वायरस संक्रमण के रोगियों की देखभाल करने वाले डॉक्टरों और नर्सों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा के सामान व उपकरण पर्याप्त संख्या में उपलब्ध कराए जाएं.

हालांकि समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के हवाले से लिखी गई बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, मास्क, वेंटिलेटर और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण पर जीएसटी से छूट की संभावना नहीं है.

रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में वेंटिलेटर पर 12 प्रतिशत, मास्क पर पांच प्रतिशत, टेस्ट किट पर 12 प्रतिशत, सैनिटाइजर पर 18 प्रतिशत, पीपीई पर यह पांच प्रतिशत (दाम एक हजार रुपये तक) और 12 प्रतिशत (अगर पीस का दाम एक हजार रुपये से ज्यादा हो) जीएसटी देनी पड़ती है.

सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि इन उत्पादों से जीएसटी हटाने पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) मिलना रुकना जाएगा, जिससे इनकी निर्माण लागत में बढ़ोतरी होगी और उपभोक्ताओं को भी अधिक कीमत देनी होगी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)