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समाचार चैनलों के संगठन ने सरकार से पैकेज और सरकारी विज्ञापनों के बकाया भुगतान की मांग की

देश में तीन मई तक लागू लॉकडाउन की वजह से समाचार चैनलों के सामने आए भारी आर्थिक संकट का हवाला देते हुए न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखा है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: कोविड-19 के संकट से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सामने आए भारी आर्थिक संकट पर जोर देते हुए न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) ने सोमवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से अनुरोध किया कि उनके लिए प्रोत्साहन पैकेज दिया जाए तथा समाचार चैनलों का 64 करोड़ रुपये से अधिक का सरकारी विज्ञापनों के बकाया का भुगतान किया जाए.

सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को लिखे पत्र में एनबीए अध्यक्ष रजत शर्मा ने कहा कि प्रसारण मीडिया ने अपने संपादकीय और अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए सामाजिक दूरी के नियम बनाकर रखने के लिए अनेक कदम उठाए हैं.

उन्होंने कहा कि इससे मौजूदा महामारी और लॉकडाउन के दौरान समाचार प्रसारणकर्ताओं की ट्रांसपोर्ट लागत बहुत तेजी से बढ़ी है.

शर्मा ने कहा, ‘महामारी/लॉकडाउन के दौरान विज्ञापन भारी दबाव का सामना कर रहे हैं, जो इस कारोबार का अभिन्न और आवश्यक हिस्सा हैं तथा राजस्व का मुख्य स्रोत हैं.’

उन्होंने कहा कि आर्थिक संकट से उबरने के लिए हम सूचना और प्रसारण मंत्रालय से मांग करते हैं कि प्रसारण मीडिया के लिए प्रोत्साहन पैकेज घोषित किया जाए.

एनबीए ने पत्र में सरकार के सभी मंत्रालयों/विभागों और संस्थानों का कोविड-19 के संबंध में निजी सेटेलाइट टीवी चैनलों के माध्यम से समाज के सभी वर्गों के लिए सूचनाएं प्रसारित करने के लिहाज से बजट आवंटन बड़ी मात्रा में बढ़ाने की भी मांग की है.

शर्मा ने कहा, ‘हम कई साल से सूचना और प्रसारण मंत्रालय के समक्ष हमारे प्रसारणकर्ताओं के विज्ञापन और दृश्य प्रचार निदेशालय (डीएवीपी) या ब्यूरो ऑफ आउटरीच एंड कम्यूनिकेशन (बीओसी) पर बकाया राशि के मुद्दे को उठाते आ रहे हैं. ये बकाया 2010 से लंबित है और जिसका आज तक कोई समाधान नहीं निकला है.’

शर्मा ने कहा, ‘एनबीए के सदस्यों कि रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा बकाया लगभग 64 करोड़ रुपये है, जिसका भुगतान कई सालों से लंबित है’. साथ ही शर्मा ने ये भी बताया कि सूचना प्रसारण मंत्रालय पर ही एनबीए के सदस्यों का करीब 8,62,25,333 रुपये बकाया है.

उन्होंने कहा कि इस बकाया राशि का भुगतान कर देने से प्रसारकों को काफी राहत मिल सकती है, जो फिलहाल भारी वित्तीय दबाव का सामना कर रहे हैं.

एनबीए भारत में चौबीस घंटे समाचार प्रसारित करने वाले न्यूज़ चैनलों का संगठन है, जिसमें 27 ब्रॉडकास्टर सदस्य के तौर पर हैं जो 77 चैनलों का प्रतिनिधित्व करते हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)