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बंगाल में गाय चोरी के शक में तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या

पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर ज़िले के एक गांव में ग्रामीणों को कुछ लोगों पर गाय चोर होने का संदेह हुआ तो पकड़कर उनकी पिटाई की जिससे उनकी मौत हो गई.

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(प्रतीकात्मक तस्वीर)

पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर ज़िले में गाय चोर होने के संदेह में तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. यह घटना उत्तर दिनाजपुर ज़िले के इस्लामपुर महकमे के अंतर्गत सोनापुर गांव की है.

प्रभात ख़बर अख़बार में छपे समाचार के मुताबिक, ‘पुलिस सूत्रों ने बताया कि सोनापुर ग्राम पंचायत के दुर्गापुर गांव में गुरुवार की देर रात गांव वालों की सामूहिक पिटाई में तीन लोगों की मौत हो गई.’

अख़बार ने पुलिस के हवाले से लिखा है, ‘रात को क़रीब 15 लोग गांव में घुस आए थे. कुछ लोगों की इन पर नज़र पड़ गई. इन लोगों को संदेह हुआ कि सभी गाय चोर हैं. उसके बाद वह लोग शोरगुल करने लगे. काफी संख्या में गांव वाले घर से निकले और इन सभी पर टूट पड़े. सभी लोग भाग गए लेकिन यह तीनों गांव वालों के हत्थे चढ़ गए. उसके बाद इन सभी की जमकर पिटाई की गई. मौक़े पर ही तीनों की मौत हो गई है.’

अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है, ‘गाय चोरी के संदेह में तीन लोगों की पीटकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने इस संबंध में तीन लोगों गिरफ़्तार किया है. मृतकों की पहचान नसीरुल हक़ (30), मोहम्मद समीरुद्दीन (32) और मोहम्मद नसीर (33) के रूप में हुई है.’

सूत्रों के हवाले से ख़बर में लिखा गया है, ‘गुरुवार रात क़रीब दस लोग वैन में सवार होकर गांव में घुसे और कुछ घरों से जानवर चुराने की योजना बना रहे थे. गांव में पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं इसलिए गांव वाले एलर्ट थे. आरोप है कि इन लोगों ने दो घरों से जानवर उठा लिए थे और तीसरे घर से उठाने की योजना बना रहे थे तभी एक व्यक्ति को इन पर शक हो गया. तीसरे घर के घर मालिक के आवाज़ लगाने पर भीड़ इकट्ठा हो गई. इन लोगों में से ज़्यादातर लोग भागने में सफल रहे. बचे तीन लोगों को भीड़ ने इतना पीटा कि उनकी जान चली गई.’

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि तीनों पहले भी पशु चोरी में लिप्त रहे हैं. बाक़ी पुलिस जांच कर रही है. इस मामले में असित बासु (29), असीम बासु (27) और कृष्णा पोद्दार (24) को पुलिस ने गिरफ्तार किया है.

  • salman syed

    भीड़ द्वारा पीट पीट कर हत्या करदेना देश में आम बात हो गयी हे अफ़सोस की बात हे की कुछ घटनाओं को छोड़ कर सभी घटनाओं में मुसलमानो को ही निशाना बनाया गया अलप संख्यों में डर का माहौल निर्मित किया जारहा हे क्या अब मुसलमानो को अपनी पहचान छिपानी पड़ेगी एक ख़ास विचार धारा को मीडिया द्वारा प्रचारित किया जारहा हे मुसलमानो को विलियन बनाया जा रहा हे ऐसी घटनाएं जब से केंद्र में भाजपा आयी हे तभी से शरू हुई हैं यदि समय रहते दोषिओं को सख्ती से कुचला नहीं गया तो देश में मुसलमानो को मजबूर होकर अपनी सुरक्षा आप करनी होगी