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श्रमिक देश की रीढ़ हैं, उनके घर लौटने का टिकट ख़र्च कांग्रेस वहन करेगी: सोनिया गांधी

रेलवे ने प्रवासी मजदूरों की आवाजाही के लिए देशभर में श्रमिक स्‍पेशल ट्रेनें चलाई हैं. केंद्र सरकार ने इनमें यात्रा करने वालों से किराया लेने के दिशानिर्देश जारी किए हैं. राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी शुरुआती 50 ट्रेनों का किराया देने की बात कही है.

New Delhi: Former Congress president Sonia Gandhi speaks during a ceremony for the presentation of Rajiv Gandhi National Sadbhavana Award to former West Bengal governor Gopalkrishna Gandhi, in New Delhi on Monday, Aug 20, 2018. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI8_20_2018_000234B)

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: कोरोना वायरस के मद्देनजर लॉकडाउन के बीच देशभर में फंसे मजदूरों की घर वापसी के लिए विशेष श्रमिक ट्रेनें चलाई जा रही हैं लेकिन मजदूरों को इसका किराया चुकाना पड़ रहा है.

मजदूरों से किराया वसूलने के निर्णय की आलोचना के बाद कांग्रेस ने इन मजदूरों की रेल यात्रा का खर्च उठाने का ऐलान किया है.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बयान जारी कर कहा कि देशभर में फंसे मजदूरों की घर वापसी के लिए रेलयात्रा का खर्च कांग्रेस पार्टी उठाएगी.

कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कहा गया, ‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने यह निर्णय लिया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की हर इकाई हर जरूरतमंद श्रमिक व कामगार के घर लौटने की रेल यात्रा का टिकट खर्च वहन करेगी एवं इस बारे जरूरी कदम उठाएगी.’

कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से सोनिया गांधी का यह बयान जारी किया गया है.

सोनिया गांधी ने कहा, ‘श्रमिक व कामगार देश की रीढ़ की हड्डी हैं. उनकी मेहनत और कुर्बानी राष्ट्र निर्माण की नींव है. सिर्फ चार घंटे के नोटिस पर लॉकडाउन करने के कारण लाखों श्रमिक व कामगार घर वापस लौटने से वंचित हो गए. 1947 के बंटवारे के बाद देश ने पहली बार यह दिल दहलाने वाला मंजर देखा कि हजारों श्रमिक व कामगार सैकड़ों किलोमीटर पैदल चल घर वापसी के लिए मजबूर हो गए. न राशन, न पैसा, न दवाई, न साधन पर केवल अपने परिवार के पास वापस गांव पहुंचने की लगन. उनकी व्यथा सोचकर ही हर मन कांपा और फिर उनके दृढ़ निश्चय और संकल्प को हर भारतीय ने सराहा भी.’

बयान में कहा गया, ‘पर देश और सरकार का कर्तव्य क्या है? आज भी लाखों श्रमिक व कामगार पूरे देश के अलग अलग कोनों से घर वापस जाना चाहते हैं पर न साधन है, और न पैसा. दुख की बात यह है कि भारत सरकार व रेल मंत्रालय इन मेहनतकशों से मुश्किल की इस घड़ी में रेल यात्रा का किराया वसूल रहे हैं.’

Bhiwandi: Migrants from various northern states of India board a special train for Gorakhpur, during the ongoing COVID-19 lockdown, in Bhiwandi, early Sunday, May 3, 2020. (PTI Photo/Mitesh Bhuvad)(PTI03-05-2020_000003B)

(फोटो: पीटीआई)

उन्होंने कहा, ‘श्रमिक व कामगार राष्ट्रनिर्माण के दूत हैं. जब हम विदेशों में फंसे भारतीयों को अपना कर्तव्य समझकर हवाई जहाजों से निशुल्क वापस लेकर आ सकते हैं, जब हम गुजरात के केवल एक कार्यक्रम में सरकारी खजाने से 100 करोड़ रुपये परिवहन व भोजन इत्यादि पर खर्च कर सकते हैं, जब रेल मंत्रालय प्रधानमंत्री के कोरोना फंड में 151 करोड़ रुपये दे सकता है, तो फिर तरक्की के इन ध्वजवाहकों को आपदा की इस घड़ी में निशुल्क रेल यात्रा की सुविधा क्यों नहीं दे सकते?’

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा, ‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने मेहनतकश श्रमिकों व कामगारों की इस निशुल्क रेलयात्रा की मांग को बार बार उठाया है, दुर्भाग्य से न सरकार ने एक सुनी और न ही रेल मंत्रालय ने. इसलिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने यह निर्णय लिया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की हर इकाई हर जरूरतमंद श्रमिक व कामगार के घर लौटने की रेल यात्रा का टिकट खर्च वहन करेगी व इस बारे जरूरी कदम उठाएगी. मेहनतकशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने के मानव सेवा के इस संकल्प में कांग्रेस का यह योगदान होगा.’

वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव ने भी ऐलान किया है कि राष्ट्रीय जनता दल शुरुआती तौर पर बिहार सरकार को अपनी तरफ से 50 ट्रेनों का किराया देने को तैयार है.

तेजस्वी ने ट्वीट कर कहा, ‘हम गरीब बिहारी मजदूर भाइयों की तरफ से इन 50 रेलगाड़ियों का किराया असमर्थ बिहार सरकार को देंगे. सरकार आगामी पांच दिनों में ट्रेनों का बंदोबस्त करें, पार्टी इसका किराया तुरंत सरकार के खाते में ट्रांसफर करेगी’.

बता दें कि रेलवे ने कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर 25 मार्च से देशभर में लागू लॉकडाउन के कारण विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासी श्रमिकों, तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, छात्रों और अन्य लोगों की वापसी के लिए एक मई से विशेष नॉन-स्टॉप ‘श्रमिक ट्रेनें’ शुरू की.

हालांकि, विभिन्न राज्यों में फंसे लोगों को विशेष ट्रेनों से यात्रा करने की इजाजत देने के बाद रेल मंत्रालय ने इस संबंध में गाइडलाइन जारी की है. इसके मुताबिक ‘श्रमिक ट्रेनों’ से यात्रा करने वाले लोगों द्वारा किराया वसूला जाएगा.

रेलवे ने कोरोना वायरस की वजह से लागू किए गए लॉकडाउन में फंसे लोगों की यात्रा को लेकर बीते शनिवार को कुल 19 तरह के दिशानिर्देश जारी किए, जिसमें राज्य सरकारों द्वारा मजदूरों, छात्रों इत्यादि से ट्रेन का किराया वसूलने की भी बात शामिल है.