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सिंगापुर में क़रीब 4,800 भारतीय नागरिक कोरोना वायरस से संक्रमित: भारतीय उच्चायुक्त

सिंगापुर में भारतीय उच्चायुक्त जावेद अशरफ़ ने बताया कि संक्रमित हुए 4,800 भारतीय नागरिकों में से 90 फीसदी से अधिक श्रमिक हैं, जो यहां विदेशी श्रमिकों के लिए बने डॉरमेट्री में रहते हैं.

सिंगापुर में कोरोना वायरस संक्रमण के अधिकांश मामले प्रवासी श्रमिकों में सामने आए हैं, जो डॉरमेट्री में रहते हैं. (फोटो: रॉयटर्स)

सिंगापुर में कोरोना वायरस संक्रमण के अधिकांश मामले प्रवासी श्रमिकों में सामने आए हैं, जो डॉरमेट्री में रहते हैं. (फोटो: रॉयटर्स)

सिंगापुर: सिंगापुर में विदेशी कर्मचारियों के लिए बने सामुदायिक शयन स्थलों (डॉरमैट्री) में रह रहे करीब 4,800 भारतीय नागरिक अप्रैल के अंत तक कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं. यह जानकारी सिंगापुर में भारतीय उच्चायुक्त ने सोमवार को दी.

सिंगापुर स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा रविवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या 18 हजार से अधिक पहुंच गई है और 18 लोगों की मौत हो चुकी है.

सिंगापुर में भारतीय उच्चायुक्त जावेद अशरफ ने कहा, ‘लगभग सभी संक्रमित भारतीय नागरिकों में हल्का संक्रमण है और उनकी स्थिति सुधर रही है.’

उन्होंने बताया कि 3,500 से ज्यादा विद्यार्थी समेत भारतीय नागरिकों ने देश वापसी के लिए या फिर रहने की सुविधा और भोजन के लिए पंजीकरण कराया है.

उन्होंने बताया कि संक्रमित हुए 4,800 भारतीय नागरिकों में से 90 फीसदी से अधिक श्रमिक हैं, जो यहां विदेशी श्रमिकों के लिए बने शयनागारों में रहते हैं.

अप्रैल में सिंगापुर में आए कोरोना वायस के 90 फीसदी से ज्यादा मामले इन शयनागारों से जुड़े हैं. प्रशासन यहां आक्रामक तरीके से जांच कर रहा है और वायरस से निपटने के लिए तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं.

अशरफ ने बताया कि भारत सरकार जब भी निर्णय लेगी, उन्हें देश भेजने की कोशिश शुरू की जाएगी.

सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि सोमवार तक डॉरमेट्री में रहने वाले 323,000 प्रवासी श्रमिकों में से 15,833 संक्रमित पाए गए हैं.

एनडीटीवी के मुताबिक, देश वापसी के लिए पंजीकरण कराना वालों में पर्यटक, व्यवसायिक यात्री, पेशेवर लोग, जिनके रोजगार पास की अवधि समाप्त हो गई है, छात्र जिन्होंने अपने पाठ्यक्रम समाप्त कर लिए हैं या उन्हें ऑनलाइन पढ़ाई करनी है या सिंगापुर में खुद को बनाए रखने की स्थिति में नहीं हैं.

इसके अलावा फंसे हुए लोगों में 55 पुजारी भी हैं जो एक हिंदू मंदिर में समारोह के लिए आए थे.

उच्चायुक्त के अनुसार, डॉरमैट्री में कोरोना संक्रमण के मामलों में वृद्धि को देखते हुए उनका व्यापक समुदाय के साथ संपर्क को काट देने के बाद पिछले सप्ताह की तुलना में संक्रमण के मामलों में कमी आई है.

डॉरमैट्री के बाहर रहने वाले वर्क परमिटों के बीच नए संक्रमण की संख्या पहले सप्ताह में प्रतिदिन औसतन 25 की कमी आई है. यही पिछले सप्ताह प्रतिदिन औसतन 14 थी.

कोरोना से अब तक दो भारतीयों की मौत हुई है. अशरफ ने कहा कि उच्चायोग बीमार लोगों के इलाज और भारतीय कामगारों के स्वास्थ्य के लिए सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है.

सिंगापुर सरकार विदेशी कामगारों के बीच संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए लगातार और तेजी से काम कर रही है. साथ ही कामगारों को शैक्षिक और मनोरंजक सामग्री भी प्रदान की जा रही है. डॉरमैट्री में ब्रॉडबैंड और वाईफाई की सुविधा भी बढ़ाई गई है.

इससे पहले बीते अप्रैल महीने की शुरुआत में सिंगापुर में तकरीबन 250 भारतीय कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे जोकि डॉरमैट्री में रहते थे. इसके अलावा केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया था कि ईरान में फंसे तकरीबन 250 भारतीयों में कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)