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भ्रष्टाचार के आरोपों के बावजूद नेतन्याहू सरकार बना सकते हैं: इज़राइली उच्चतम न्यायालय

तीन साल के समझौते के तहत बेंजामिन नेतन्याहू और बेनी गैंट्ज़ साथ में शपथ लेंगे. पहले नेतन्याहू प्रधानमंत्री पद पर सेवा देंगे, जबकि गैंट्ज़ नामित प्रधानमंत्री होंगे. 18 महीने बाद गैंट्ज़ प्रधानमंत्री बनेंगे.

बेंजामिन नेतान्याहू. (फोटो: रॉयटर्स)

बेंजामिन नेतान्याहू. (फोटो: रॉयटर्स)

यरुशलम: इज़राइल के उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को व्यवस्था दी कि भ्रष्टाचार के मामले में आरोपों के बावजूद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू नई सरकार का गठन कर सकते हैं.

अदालत के फैसले ने बेंजामिन नेतन्याहू और उनके पूर्व प्रतिद्वंद्वी बेनी गैंट्ज़ के लिए सत्ता में साझेदारी के विवादित समझौते को अमल में लाने का रास्ता साफ कर दिया है.

सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय आधी रात से पहले सुनाया गया, जिससे 17 महीने से चल रहे राजनीतिक गतिरोध पर विराम लग गया और देश को लगभग एक साल में लगातार चौथी दफा चुनाव में जाने से भी बचा लिया.

अपने फैसले में 11 न्यायाधीशों की पीठ ने गठबंधन सरकार और नेतन्याहू के खिलाफ आपराधिक मामले को लेकर आशंका जताई, लेकिन कहा कि सरकार बनाने से रोकने के लिए आधार नहीं मिला है.

अदालत ने कहा, ‘हम नेतन्याहू को सरकार गठन से रोकने के लिए कोई कानूनी कारण पता नहीं लगा पाए.’

अदालत ने कहा, ‘जिस कानूनी निष्कर्ष पर हम पहुंचे हैं, वह नैतिक निष्ठा के उल्लंघन के लिए नेतन्याहू के खिलाफ लंबित आरोपों की गंभीरता को कम नहीं करते हैं.’

नेतन्याहू और बेनी गैंट्ज़ ने कहा कि उनकी गठबंधन सरकार के अगले हफ्ते शपथ लेने की उम्मीद है. देश में बीते एक साल में तीन चुनाव हुए, लेकिन किसी को बहुमत नहीं मिला.

इसके बाद नेतन्याहू और पूर्व सैना प्रमुख बेनी गैंट्ज़ ने पिछले महीने आपातकालीन सरकार बनाने का ऐलान किया और कहा कि वे देश को कोरोना वायरस संकट से निकालने के लिए अपनी प्रतिद्वंद्विता को भूल रहे हैं.

बहरहाल आलोचकों और कुछ समूहों की ओर से कहा गया है कि यह समझौता अवैध है और इसे उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गई है.

तीन साल के समझौते के तहत नेतन्याहू और गैंट्ज़ साथ में शपथ लेंगे और पहले नेतन्याहू प्रधानमंत्री पद पर सेवा देंगे, जबकि गैंट्ज़ नामित प्रधानमंत्री होंगे. 18 महीने बाद गैंट्ज़ प्रधानमंत्री बनेंगे.

70 वर्षीय नेतन्याहू पर धोखाधड़ी, विश्वासघात और रिश्वत लेने के आरोप हैं. हालांकि उन्होंने आरोपों से इनकार किया है.

इज़राइल दिसंबर 2018 से एक स्थिर सरकार के बिना है. यह समझौता इस देश को राजनीतिक स्थिरता प्रदान करेगा, जिसे कोरोना वायरस से हुई आर्थिक क्षति को ठीक करने की दरकार है.

इज़राइल में कोरोना वायरस से संक्रमण के 16 हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं और तकरीबन 238 लोग इससे अपनी जान गंवा चुके हैं.

समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक नेतन्याहू पर अनुचित उपहार स्वीकार करने और सकारात्मक मीडिया कवरेज के बदले अवैध रूप से व्यापारिक लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया गया है.

इस संबंध में उनके खिलाफ सुनवाई 24 मई को शुरू होगी.

नेतान्याहू के दल लीकुड और गैंट्ज़ के दल ब्ल्यू एंड ह्वाइट की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि नई सरकार 13 मई का शपथ लेगी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)