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संयुक्त अरब अमीरात में फंसे नागरिकों को लाने के लिए केरल से विमान रवाना

एयर इंडिया ने वीजाधारकों और विदेशियों को वापस भेजने वाली उड़ानों में बुकिंग शुरू की. अमेरिका में फंसे भारतीयों की नौ मई से शुरू होगी स्वदेश वापसी. अमेरिका से वापस आने वाले भारतीय नागरिकों के नामों को चुनने के लिए कम्प्यूटर पर एक ड्रॉ निकाला जाएगा.

एयर इंडिया (फोटो: रॉयटर्स)

एयर इंडिया (फोटो: रॉयटर्स)

कोच्चि/कोझिकोड/नई दिल्ली/वॉशिंगटन: संयुक्त अरब अमीरात में फंसे भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाने के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस के दो विमान बृहस्पतिवार को केरल से रवाना हो गए.

कोविड-19 की वजह से लागू बंद के चलते ये लोग खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं.

इन विमानों से अबू धाबी और दुबई से 340 यात्री बृहस्पतिवार देर रात तक कोच्चि और कोझिकोड पहुंचेंगे. इन यात्रियों में गर्भवती महिलाएं, नवजात बच्चे और चिकित्सा आपात स्थिति वाले लोग हैं.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारतीय नागरिकों (ज्यादातर यात्री केरल से हैं) को अबू धाबी से लाने के लिए पहला विमान कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से रवाना हुआ. विमान अबू धाबी से शाम चार बजकर 15 मिनट पर वहां से यात्रियों को लेकर उड़ान भरेगा और रात नौ बज कर 40 मिनट पर गंतव्य स्थान पर पहुंच जाएगा.

वहीं दुबई से शाम पांच बजे कोझिकोड़ के लिए दूसरा रवाना होगा और वह 10 बजकर 40 मिनट पर गंतव्य स्थान पर पहुंचेगा.

इसके अतिरिक्त नौसेना के तीन जहाज भी फंसे हुए नागरिकों को स्वदेश लाने के लिए मालदीव और संयुक्त अरब अमीरात भेजे गए हैं.

राज्य के मुख्य सचिव टॉम जोस ने कहा कि सिर्फ कोविड-19 के निगेटिव लोगों को विमान में चढ़ने की अनुमति दी गई है और उनके वापस लौटने के बाद भी गर्भवती महिलाएं, बच्चों और बुजुर्गों को छोड़कर अन्य सभी सात दिन तक संस्थानों में पृथक वास में रहेंगे.

उन्होंने तिरुवनंतपुरम में संवाददाताओं से कहा कि पृथक-वास केंद्रों में होटल भी शामिल हैं. पृथक-वास में रखे गए लोगों की जांच सात दिन के बाद की जाएगी और निगेटिव पाए जाने के बाद उन्हें घर पर पृथक रखने के लिए भेज दिया जाएगा.

उन्होंने कहा, ‘हमने गृह मंत्रालय को सारी चीजें स्पष्ट कर दी हैं. गृह मंत्रालय ने 14 दिन पृथक-वास अवधि तय की है. जो लोग कोविड-19 निगेटिव पाए जाएंगे, सिर्फ उन्हें ही विमान में चढ़ने की अनुमति होगी.’

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पहले चरण की प्रक्रिया में आठ विमान, 60 पायलट और 120 चालक दल के सदस्य शामिल हैं.

भारत ने विदेश में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए अब तक का सबसे बड़ा अभियान ‘वंदे भारत मिशन’ की घोषणा की है.

सरकार ने बीते चार मई को विदेशों में फंसे अपने नागरिकों को सात मई से स्वदेश लाने के लिए चरणबद्ध योजना शुरू करने की घोषणा की थी.

कई एजेंसियों के सहयोग से चलाए जाने वाले ‘वंदे भारत मिशन’ नाम के इस अभियान में सबसे प्रमुख ध्यान खाड़ी क्षेत्र, पड़ोसी देशों के साथ ही अमेरिका, ब्रिटेन और सिंगापुर से भारतीयों को वापस लाने पर केंद्रित किया जाएगा.

भारत के नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पांच मई को बताया था कि एयर इंडिया कोविड-19 लॉकडाउन के बीच विदेश में फंसे करीब 15,000 भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए सात मई से 13 मई के बीच 64 उड़ानें संचालित करेगी.

एयर इंडिया की 64 उड़ानें दस राज्यों में उतरेंगी जिनमें से 15 उड़ानें केरल में, 11-11 तमिलनाडु और दिल्ली में, सात-सात महाराष्ट्र और तेलंगाना में, पांच गुजरात में, तीन-तीन कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर में और एक-एक विमान पंजाब और उत्तर प्रदेश में उतरेंगे.

पुरी ने बताया कि एयर इंडिया और उसकी सहयोगी इंडिया एक्सप्रेस के विमान 12 देशों- संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन, अमेरिका, कतर, सउदी अरब, सिंगापुर, मलेशिया, फिलीपीन, बांग्लादेश, बहरीन, कुवैत और ओमान से उड़ान भरेंगे.

उन्होंने बताया कि भारत सात मई से 13 मई के बीच संयुक्त अरब अमीरात के लिए 10, अमेरिका और ब्रिटेन के लिए सात-सात, सउदी अरब के लिए पांच, सिंगापुर के लिए पांच और कतर के लिए दो उड़ानें भेजेगा.

नौसेना के दो पोत भी भारतीयों को वापस लाने में लगाए जाएंगे. भारतीय नौसेना ने ऑपरेशन ‘समुद्र सेतु’ लांच करते हुए दो पोत को मालदीव की राजधानी माले में फंसे भारतीयों को लाने के लिए रवाना किए थे, जो आठ मई को पहले चरण में भारतीयों को वापस लाएंगे.

नौसेना की विज्ञप्ति के मुताबिक, पहले चरण में आईएनएस जलाश्व और आईएनएस मगर के जरिए एक हजार लोगों को वापस लाने की योजना है. इन्हें कोच्चि तक लाया जाएगा.

सरकारी सूत्रों ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में तीन लाख से अधिक लोगों ने वहां से निकलने के लिए पंजीकरण कराया है लेकिन सरकार केवल उन्हें पहले वापस लाएगी जिनके सामने घर वापसी के लिए चिकित्सा संबंधी आपात स्थिति, वीजा अवधि समाप्त होने या निर्वासन की संभावना जैसे अत्यावश्यक कारण हैं.

एयर इंडिया ने वीजाधारकों और विदेशियों को वापस भेजने वाली उड़ानों में बुकिंग शुरू की

एयर इंडिया ने अमेरिका, ब्रिटेन और सिंगापुर के वैध वीजाधारकों और जाने की शर्तों को पूरा करने वाले विदेशी नागरिकों के लिए वंदे भारत अभियान के तहत सात से 14 मई तक वहां जाने वाली उड़ानों के लिए बुकिंग शुरू कर दी है .

अधिकारियों ने कहा कि विदेशी नागरिकों या वैध वीजा धारकों से वही किराया लिया जाएगा, जो वहां से आने वाले भारतीय नागरिकों से लिया जा रहा है .

भारत और अमेरिका के बीच वंदे भारत मिशन के तहत चल रही उड़ानों के लिए प्रति यात्री किराये के तौर पर एक लाख रुपये लिए जा रहे हैं. भारत और सिंगापुर के बीच उड़ान का किराया प्रति यात्री 18,000 से 20,000 रुपये है, जबकि ब्रिटेन के लिए किराया प्रति यात्री के हिसाब से 50,000 रुपये है.

गृह मंत्रालय ने मंगलवार को स्पष्ट किया था कि जिस व्यक्ति के पास विदेशी भारतीय नागरिकता (ओसीआई) कार्ड या दूसरे देश की नागरिकता या उस देश का एक साल से अधिक अवधि का वैध वीजा है या ग्रीन कार्ड है, वह वंदे भारत अभियान के तहत भारत से उस देश की यात्रा का पात्र है.

नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को घोषणा की थी कि एयर इंडिया सात से 13 मई तक 12 देशों के लिए 64 उड़ानों का संचालन करके कोरोना वायरस लॉकडाउन के कारण विदेश में फंसे करीब 15,000 भारतीयों को वापस लाएगा.

एयरलाइन के अधिकारियों ने बताया कि कुछ उड़ानों में देरी होने से अब 64 उड़ानें सात से 14 मई तक चलेंगी.

वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को एक भारतीय व्यवसायी और उसका रसोइया जाम्बिया के लुसाका से विमान में दिल्ली हवाई अड्डे उतरा. इस निजी विमान को बिना किसी यात्री के आना था और इसमें जाम्बिया के करीब 40 नागरिकों को वापिस जाना था.

डीजीसीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हमने आने वाले किसी यात्री को अनुमति नहीं दी थी. हम एयरलाइन (निजी) से सफाई मांगेंगे. आव्रजन ब्यूरो का इन मामलों में सख्त प्रोटोकॉल है, जिस पर अवश्य कार्रवाई हुई होगी.’

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि व्यवसायी और उसके रसोइये को भारत में पृथक-वास में भेजा गया है या वापस भेज दिया गया है.

अमेरिका में फंसे भारतीयों की शनिवार से शुरू होगी स्वदेश वापसी

कोरोना वायरस वैश्विक महामारी को फैलने से रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर लगाई गई पाबंदियों के बीच अमेरिका में फंसे भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाने के लिए शनिवार से सात विशेष उड़ानें संचालित की जाएंगी.

वॉशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास ने यह जानकारी दी.

विशेष सात विमानों में सीमित संख्या में सीटें उपलब्ध होने के कारण भारतीय नागरिकों के नामों को चुनने के लिए कम्प्यूटर पर एक ड्रॉ निकाला जाएगा.

भारतीय दूतावास ने बुधवार रात को जारी परामर्श में कहा कि एयर इंडिया की नौ मई से भारतीय नागरिकों की वतन वापसी के लिए अमेरिका से भारत तक सात उड़ानें संचालित करने की योजना है.

दूतावास ने कहा, ‘चूंकि विमानों में सीटों की संख्या सीमित है तो चिकित्सा आपात स्थितियों या परिवार में शोक के कारण वापसी की अधिक आवश्यकता वाले लोगों, छात्रों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों या जिनकी वीजा अवधि समाप्त हो गई है उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी और उनका चयन इलेक्ट्रॉनिक ड्रॉ के जरिये किया जाएगा.’

इन विमानों का किराया इकॉनोमी क्लास के लिए एक लाख रुपये से अधिक, बिजनेस क्लास के लिए दो लाख रुपये से अधिक और फर्स्ट क्लास यात्रियों के लिए चार लाख रुपये से अधिक होगा.

मीडिया परामर्श के अनुसार, सभी यात्रियों को विमान में सवार होने से पहले चिकित्सा जांच करानी होगी और केवल बिना लक्षण वाले यात्रियों को यात्रा की अनुमति दी जाएगी. भारत पहुंचने पर सभी यात्रियों की चिकित्सा जांच की जाएगी और उन्हें आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना होगा तथा उस पर पंजीकरण कराना होगा.

इसमें कहा गया है कि सभी यात्रियों को भारत पहुंचने पर अनिवार्य रूप से 14 दिन तक पृथकवास केंद्रों में रहना पड़ेगा. 14 दिन के बाद कोविड-19 जांच की जाएगी और उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)