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दिल्ली: कोविड-19 की जांच कराने के छह घंटे बाद कॉन्स्टेबल की मौत, अगले दिन रिपोर्ट पॉजिटिव आई

मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले मृतक दिल्ली पुलिस के पहले कर्मचारी हैं, जिनकी कोरोना वायरस के चलते मौत हुई हैं. दिल्ली पुलिस के तकरीबन 70 कर्मचारी अब तक संक्रमित पाए गए हैं, वहीं महाराष्ट्र पुलिस में यह आंकड़ा 500 से अधिक हो गया है.

New Delhi: A worker sanitizes police barricades set up on NH 24, Delhi-Meerut expressway, during the nationwide lockdown imposed in wake of the coronavirus pandemic, in New Delhi, Friday, April 24, 2020. (PTI Photo/Atul Yadav)(PTI24-04-2020_000159B)

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के एक कॉन्स्टेबल की मौत कोरोना वायरस से होने का मामला सामने आया है. गौर करने वाली बात ये है कि कोरोना पॉजिटिव होने की रिपोर्ट आने के छह घंटे बाद ही उन्होंने दम तोड़ दिया.

सांस लेने में तकलीफ, हल्का बुखार और कफ की शिकायत के बाद उन्होंने कोरोना पॉजिटिव होने की जांच कराई थी, लेकिन इसके छह घंटे बाद ही उन्होंने दम तोड़ दिया. उनकी मौत के अगले दिन उनकी जांच रिपोर्ट आई जिसमें उनके कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई थी.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना बीते पांच मई की है. 32 वर्षीय मृतक अमित कुमार दिल्ली पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल थे.

मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले अमित दिल्ली पुलिस के पहले कर्मचारी हैं, जिनकी कोरोना वायरस के चलते मौत हुई हैं.

अमित कुमार के एक संबंधी का कहना है कि वह बिल्कुल स्वस्थ थे, उन्हें कोई बीमारी नहीं थी और मौत से एक दिन पहले चार मई तक उन्होंने ड्यूटी की थी.

उत्तर पश्चिम दिल्ली के डीसीपी विजयंता आर्या का कहना है कि जहां पर अमित कुमार की तैनाती थी, वहां पर उसके संपर्क में आए चार और पुलिसकर्मियों और क्राइम रिकॉर्ड्स ऑफिस के सात लोगों को क्वारंटीन किया गया है.

आर्या ने कहा, ‘अमित सोमवार (चार मई) को ड्यूटी पर तैनात थे और बिल्कुल ठीक थे. सोमवार शाम को उनकी तबियत थोड़ी खराब हुई, अगले दिन उनकी तबीयत थोड़ी और बिगड़ी तो, उन्हें कोरोना जांच के लिए भेजा गया. जांच के बाद वह अपने सहकर्मियों के घर पर आ गए. उसी दिन शाम को अचानक तबियत और बिगड़ने पर आरएमएल अस्पताल ले जाते हुए रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया.’

अमित कुमार के दोनों सहकर्मियों ने दावा किया कि उनको दो अस्पतालों ने भर्ती नहीं किया. अस्पताल भर्ती करने से पहले कोरोना टेस्ट करवाने का हवाला दे रहे थे.

अमित के साथी कॉन्स्टेबल ने कहा कि सुबह आठ बजे हम उन्हें लेकर दिल्ली पुलिस के हैदरपुर कोविड टेस्टिंग सेंटर ले गए, लेकिन वहां जाकर पता चला कि वहां सिर्फ टेस्ट हो सकता है, भर्ती नहीं कर सकते.

उन्होंने बताया कि इसके बाद बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल कई घंटे लाइन में लगे रहे, लेकिन वहां डॉक्टर ने कहा कि टेस्ट हो सकता है लेकिन भर्ती नहीं कर सकते.

इसके बाद अमित कुमार के दोनों सहयोगी उन्हें भारत नगर के दीपचंद बंधु अस्पताल ले गए और एसएचओ ने एक ड्यूटी ऑफिसर को वहां भेजा.

सहयोगी ने कहा, ‘वहां एक डॉक्टर ने कहा कि हमें उन्हें (अमित) अशोक विहार में टेस्टिंग इकाई लेकर जाना होगा. हम वहां दोपहर डेढ़ से दो बजे के आसपास पहुंचे, जहां हमें डॉक्टर से गुहार लगानी पड़ी कि वे अमित का टेस्ट करे, लेकिन डॉक्टरों ने कहा कि उनका उस दिन का काम पूरा हो गया था तो उन्होंने टेस्ट करने से मना कर दिया. बाद में टेस्ट हुआ और हमें कहा गया कि हम अमित को घर ले जाए और उसकी देखभाल करें.’

दीपचंद बंधु अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि एक कॉन्स्टेबल के साथ पीड़ित पुलिसकर्मी (अमित) अस्पताल आए थे. हमें उनके सैंपल लिए. उनकी सैचुरेशन दर लगभग 95 फीसदी थी, जो चिंताजनक नहीं थी. आगे की जांच के लिए उन्हें आरएमएल अस्पताल ले जाने की सलाह दी थी.

वहीं, डीसीपी आर्या का कहना है कि अस्पताल की तरफ से किसी तरह की सलाह नहीं दी गई थी.

अमित कुमार के एक सहकर्मी ने कहा, ‘मंगलवार रात 6:45 से सात बजे के आसपास अमित की तबियत बिगड़ गई. हमने एसएचओ को इसकी जानकारी दी गई. वह आरएमएल अस्पताल में एक डॉक्टर के संपर्क में थे. हम अस्पताल से सिर्फ दो किलोमीटर ही दूर थे ही वह बेहोश हो गए. अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया.’

राममनोहर लोहिया के एक प्रवक्ता ने कहा, मरीज अस्पताल आने से पहले ही दम तोड़ चुका था. परिवार का कहना था कि वह कोरोना संक्रमित था इसलिए हमने जांच के लिए उसके सैंपल ले लिए.

अमित के परिवार में उनकी पत्नी और तीन साल एक बेटा हैं. अमित 2010 में दिल्ली पुलिस में भर्ती हुए थे और भारत नगर पुलिस थाने में तैनात थे.

कुमार के एक संबंधी का आरोप है कि अगर समय पर इलाज मिला होता तो वह जिंदा होते.

दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव का कहना है, ‘हेड कॉन्स्टेबल अमित कुमार की मौत से पूरी पुलिस बिरादरी दुखी है. हम इस दुख की घड़ी में उसके परिवार के साथ खड़े हैं और भगवान से प्रार्थना करते हैं कि वह उनके परिवार को इस पीड़ा को सहने की ताकत दे. उनके परिवार को हरसंभव मदद मुहैया कराई जाएगी.’

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अमित कुमार के परिवार को एक करोड़ रुपये सम्मान राशि देने की घोषणा की है.

शुक्रवार को दिल्ली पुलिस के तीन और पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं, जिनमें से एक ट्रैफिक इंस्पेक्टर भी है.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में कोरोना के 6,000 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें दिल्ली पुलिस के 70 से ज्यादा कर्मचारी संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं.

लॉकडाउन के बाद से महाराष्ट्र में 531 पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित

महाराष्ट्र पुलिस के 531 पुलिसकर्मी अब तक कोरोना संक्रमित पाए गए हैं, जिनमें 51 पुलिस अधिकारी हैं. इन 531 पुलिसकर्मियों में से 480 कॉन्स्टेबल हैं.

वहीं, इन 531 पुलिसकर्मियों में से 39 कोरोना वायरस से ठीक हो गए हैं. महाराष्ट्र पुलिस के पांच कर्मचारियों की अब तक कोरोना वायरस से मौत हो चुकी है.

बता दें कि देश में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए 24 मार्च को लॉकडाउन लगाया गया था और इसे 17 मई तक बढ़ा दिया गया है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)