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दिल्ली: डॉक्टर आत्महत्या मामले में आप विधायक प्रकाश जारवाल गिरफ़्तार

दिल्ली के एक डॉक्टर ने 18 अप्रैल को अपने आवास पर आत्महत्या कर ली थी. पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला था, जिसमें आप विधायक प्रकाश जारवाल और उनके सहयोगी कपिल नागर पर परेशान करने और खुदकुशी के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया गया था.

आप विधायक सौरभ भारद्वाज के साथ प्रकाश जरवाल. (फोटो: ट्विटर/@PrakashJarwal)

आप विधायक सौरभ भारद्वाज के साथ प्रकाश जरवाल. (फोटो: ट्विटर/@PrakashJarwal)

नई दिल्लीः दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी (आप) के देवली से विधायक प्रकाश जारवाल और उनके सहयोगी कपिल नागर को पिछले महीने हुए एक डॉक्टर की आत्महत्या मामले में गिरफ्तार किया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, डीसीपी (दक्षिण) के अतुल कुमार ठाकुर ने कहा, ‘दोनों को उगाही, आत्महत्या के लिए उकसाने और आपराधिक धमकी देने के लिए आईपीसी की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है.’

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिल्ली की एक अदालत की ओर से जारवाल और नागर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के एक दिन बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया है.

उन्होंने बताया कि अगर किसी मामले में गैर जमानती वारंट जारी किया जाता है तो पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर सकती है बशर्ते अदालत ने आरोपी को अग्रिम जमानत नहीं दी हो.

जारवाल और नागर को शनिवार दोपहर रोहिणी से शाम लगभग चार बजे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था और उन्हें शाम तक आत्महत्या मामले में गिरफ्तार कर लिया गया. इस संबंध में मामला नेब सराय पुलिस थाने में दर्ज है.

गिरफ्तारी से दो दिन पहले जारवाल के पिता और उनके भाइयों से भी पुलिस ने पूछताछ की थी.

आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता ने इस गिरफ्तारी पर कहा, ‘कानून अपना काम करेगा.’

बता दें कि 52 साल के डॉ. राजेंद्र सिंह ने 18 अप्रैल को अपने आवास पर आत्महत्या कर ली थी.

पुलिस का कहना है कि उन्हें मौके से एक सुसाइड नोट मिला था, जिसमें उन्होंने जारवाल और नागर पर आरोप लगाया गया है कि वे इनके जल आपूर्ति कारोबार को लेकर उन्हें और उनके परिवार वालों का परेशान कर रहे थे.

इस सुसाइड नोट में मृतक ने जारवाल को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है और उन पर उगाही करने का आरोप लगाया है.

मृतक के बेटे हेमंत ने भी आरोप लगाया है कि उनके पिता को जारवाल और नागर परेशान कर रहे थे. उन्होंने 18 अप्रैल को नेब सराय पुलिस थाने में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी जिसके बाद आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया.

राजेंद्र सिंह का इलाके में एक क्लिनिक है और वह टैंकर के जरिए पानी की सप्लाई भी करते हैं.

जारवाल ने 19 अप्रैल को अपने बयान में इन सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा, ‘मैंने पिछले आठ से 10 महीनों  से उनसे कोई बात नहीं की और न ही मैं उनसे मिला हूं. मैं किसी भी तरह की जांच के लिए पुलिस के साथ सहयोग करने के लिए तैयार हूं.’

डीसीपी ठाकुर ने शनिवार को कहा, ‘हमने इकट्ठा किए गए सबूतों और जांच के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया है. हमारे पास सुसाइड नोट भी है, जिसमें मृतक ने उनके नामों का उल्लेख किया है.’