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लॉकडाउन: तीन अलग-अलग हादसों में यूपी और मध्य प्रदेश में 15 प्रवासी मजदूरों की मौत

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक बस से कुचलकर छह प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई जबकि चित्रकूट में ट्रक की टक्कर से एक मजदूर की मौत हो गई. मध्य प्रदेश में बस की टक्कर से ट्रक में सवार आठ प्रवासी श्रमिकों की मौत हो गई. इन हादसों में 60 से अधिक प्रवासी मजदूर घायल हो गए हैं.

(फोटो: एएनआई)

(फोटो: एएनआई)

लखनऊ/मुजफ्फरनगर/चित्रकूट/भोपाल: देशव्यापी लॉकडाउन के बाद सुविधाओं के अभाव में किसी भी तरह अपने घरों को पहुंचना चाह रहे परेशान प्रवासी मजदूरों के साथ हो रहे हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे और उन्हें अपनी जान तक से हाथ धोना पड़ रहा है.

तीन अलग-अलग हादसों में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में कम से कम 15 प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई है जबकि इस दौरान 60 से अधिक प्रवासी मजदूर घायल हो गए हैं.

उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर के समीप दिल्ली-सहारनपुर राजमार्ग पर तेज गति से आ रही एक बस से कुचलकर छह प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए.

एसएसपी अभिषेक यादव ने गुरुवार को बताया कि आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है. ऐसा शक है कि उसने शराब पी रखी थी.

अधिकारी ने बताया कि ये मजदूर हरियाणा से चले थे और बिहार में अपने घर पैदल जा रहे थे जब बुधवार देर रात यहां से करीब 20 किलोमीटर दूर घलीली जांच चौकी और रोहाना टोल प्लाजा के बीच दिल्ली-सहारनपुर राजमार्ग पर वे बस की चपेट में आ गए.

मृतकों की पहचान 51 वर्षीय हरेक सिंह और उनके 22 वर्षीय बेटे विकास, 18 वर्षीय गुड्डु, 22 वर्षीय वासुदेव, 28 वर्षीय हरीश और 28 वर्षीय विरेंद्र के रूप में की गई है.

हादसे में घायल सुशील, नाथू सैनी, पवन सैनी, प्रमोद और रामजी राय को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

इस बीच यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख के मुआवजे का ऐलान किया है. सीएम योगी ने घायलों को 50-50 हजार की आर्थिक मदद देने के भी निर्देश दिए हैं.

मृतकों के शव बिहार भिजवाने का इंतजाम किया जा रहा है. वहीं, मंडलायुक्त सहारनपुर को घटना की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है.

वहीं, चित्रकूट के बरगढ़ थाना क्षेत्र में कलचिहा गांव के पास एक ट्रक ने सड़क किनारे बैठे चार प्रवासी मजदूरों को टक्कर मार दी, जिसमें एक मजदूर की मौत हो गई. ये सभी मजदूर छत्तीसगढ़ के रायपुर से साइकिलों पर सवार होकर सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जिलों में स्थित अपने-अपने घर लौट रहे थे.

पुलिस ने बुधवार को बताया कि लॉकडाउन के कारण रायपुर में गुड़ की एक फैक्ट्री में काम बंद हो जाने के बाद मोहन (40), राधेश्याम (40), रामनिवास (54) और रवींद्र (54) साइकिलों पर सवार होकर अपने-अपने घर लौटने के लिए निकले थे. मोहन सहारनपुर जिले के चपारी गांव और राधेश्याम, रामनिवास एवं रवींद्र मुजफ्फरनगर जिले के पसीली गांव के रहने वाले हैं.

उन्होंने बताया कि सभी मजदूर पानी पीने के लिए मंगलवार शाम बरगढ़ क्षेत्र के रीवा मार्ग पर कलचिहा गांव के पास सड़क किनारे बैठ गए थे, तभी इलाहाबाद की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी.

पुलिस ने चारों को इलाज के लिए मऊ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां मोहन की इलाज के दौरान मौत हो गयी. उसका शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और ट्रक एवं उसके चालक को पकड़ लिया गया है.

मऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. शेखर वैश्य ने बताया कि अन्य तीनों घायल लोग खतरे से बाहर हैं और उनका इलाज चल रहा है.

इसके साथ ही मध्य प्रदेश में गुना के पास गुरुवार तड़के करीब दो बजे एक बस और ट्रक की टक्कर से ट्रक में सवार आठ प्रवासी श्रमिकों की मौत हो गई और बस चालक समेत लगभग 54 घायल हो गये.

65 प्रवासी श्रमिकों से भरी ट्रक महाराष्ट्र से उत्तर प्रदेश के उन्नाव जा रही थी. जबकि बस यात्रियों को छोड़ने के बाद भिंड से अहमदाबाद लौट रही थी.

छावनी पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक मदन मोहन मालवीय ने बताया कि हादसा गुरुवार तड़के गुना के पास हुआ जब प्रवासी श्रमिक महाराष्ट्र से एक ट्रक से उत्तर प्रदेश जा रहे थे.

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद पीड़ितों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया. यात्रियों के बचाव में लगे पुलिसकर्मियों को कोविड-19 के एहतियात के तौर पर पृथक किया गया है.

इससे पहले 10 मई को हैदराबाद से आम से लदे ट्रक पर सवार होकर यूपी लौट रहे छह प्रवासी मजदूरों की मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर के पास मौत हो गई थी. वहीं, 9 मई की सुबह मध्य प्रदेश के शहडोल और उमरिया जिलों के 16 प्रवासी श्रमिकों की मालगाड़ी से कटकर उस वक्त मौत हो गई थी जब वे औरंगाबाद के पास एक रेलवे ट्रैक पर सो रहे थे.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)