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लॉकडाउन: हैदराबाद से ओडिशा जा रहे एक मज़दूर की 300 किमी पैदल चलने के बाद हुई मौत

अधिकारियों ने बताया कि प्रवासी मज़दूरों का समूह ओडिशा के मलकानगिरी जाने के लिए बीते 10 मई को हैदराबाद से पैदल निकला था.

(फोटोः पीटीआई)

(फोटोः पीटीआई)

हैदराबाद: कोविड-19 संक्रमण को काबू करने के लिए लागू लॉकडाउन के कारण हैदराबाद से अपने गृह राज्य ओडिशा पैदल जा रहे एक प्रवासी मजदूर की 300 किलोमीटर चलने के बाद भद्राचलम में संभवत: लू लगने से मौत हो गई.

अधिकारियों ने बताया कि प्रवासी मजदूरों का समूह ओडिशा के मलकानगिरी जाने के लिए 10 मई को हैदराबाद से पैदल निकला था.

उन्होंने बताया कि जब समूह 11 मई को भद्राचलम पहुंचा, तो एक प्रवासी मजदूर के सीने में दर्द हुआ. उन्होंने उल्टी की, जिसके बाद वह बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़े.

उनके मित्रों ने पुलिस को इस बारे में सूचित किया, जिसने उन्हें भद्राचलम के अस्पताल में भर्ती कराया. अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.

अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि व्यक्ति की मौत संभवत: लू लगने से हुई, क्योंकि उसकी त्वचा और मुंह सूखा हुआ था. उन्होंने व्यक्ति के मित्रों के हवाले से बताया कि उनमें से किसी भी व्यक्ति ने सोमवार दोपहर के बाद से कुछ भी नहीं खाया था.

अधिकारियों ने व्यक्ति के परिजन को उसकी मौत की सूचना दी और शव को मलकानगिरी ले जाने के लिए एक वाहन का प्रबंध किया.

हैदराबाद और भद्राचलम के बीच सड़क से दूरी 310 किलोमीटर है.

मालूम हो कि कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लागू देशव्यापी लॉकडाउन के कारण प्रवासी मजदूर भूखे-प्यासे अपने गृह राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं. सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलने की वजह से लगातार इस तरह की मौतों की खबरें आ रहीं हैं.

बीते बुधवार और गुरुवार को तीन अलग-अलग हादसों में 15 मजदूरों की मौत होने का मामला भी सामने आया है.

हाल ही में साइकिल में सवार होकर गुजरात से उत्तर प्रदेश जा रहे मज़दूर की रास्ते में जान चली गई थी. डाक्टरों ने उनकी मौत का कारण अत्यधिक थकान बताया था.

वहीं, साइकिल से दिल्ली से बिहार जा रहे एक मजदूर की उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में मौत हो गई थी. सात मजदूरों की टोली चार दिनों का सफर करके शाहजहांपुर पहुंची थी, जहां एक मजदूर की तबियत खराब हो गई थी.

मई की शुरुआत में  हैदराबाद से तकरीबन 400 किलोमीटर पैदल चलने के बाद महाराष्ट्र के वर्धा जिले में एक मजदूर ने आत्महत्या कर ली थी. वह अपने गृह जिला से गोंदिया से 160 किलोमीटर की दूरी पर थे.

इसके अलावा प्रवासी मजदूर आए दिन सड़क हादसों के शिकार होने की खबरें भी आ रही हैं.

हाल ही में जारी एक अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस लॉकडाउन के चलते 19 मार्च से लेकर 8 मई के बीच 350 से अधिक लोगों की जान गई है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)