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लॉकडाउन: तेरह फीसदी कर्मचारियों की छंटनी करेगा जोमैटो, वेतन में होगी कटौती

जोमैटो के संस्थापक और सीईओ दीपिंदर गोयल का कहना है कि कोविड लॉकडाउन के चलते हमारा कारोबार गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है और हमें अपने सभी कर्मचारियों के लिए पर्याप्त काम मिल पाने की उम्मीद नहीं दिख रही है.

A food delivery man is seen on a deserted road during a nationwide lockdown imposed in the wake of novel coronavirus, in Bengaluru, Saturday, April 11, 2020. Photo: PTI

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: कोविड-19 महामारी के चलते हुए लॉकडाउन का असर विभिन्न व्यवसायों पर हुआ है और कई बड़ी कंपनियां अपने कर्मचारियों को हटा रही हैं. इस कड़ी में  खान-पान से संबंधित ऑनलाइन सेवाएं देने वाली कंपनी जोमैटो का नाम भी जुड़ गया है.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि वह कोरोना वायरस महामारी के कारण लगभग 13 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है. कंपनी में लगभग 4,000 कर्मचारी काम करते हैं. इसके साथ ही कंपनी अपने कर्मचारियों की तनख्वाह में अधिकतम 50 फीसदी की कटौती भी की जाएगी.

जोमैटो के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) दीपिंदर गोयल ने कर्मचारियों को लिखे एक मेल में कहा, ‘कोविड लॉकडाउन के चलते हमारा कारोबार गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है. बड़ी संख्या में रेस्टोरेंट स्थायी रूप से बंद हो चुके हैं और हम जानते हैं कि ये बस शुरुआत है. मुझे उम्मीद है कि अगले छह महीने से साल भर के अंदर रेस्टोरेंट की संख्या 25-40 फीसदी तक कम होगी. असल में क्या होगा, कोई नहीं कह सकता.’

उन्होंने कहा, ‘हम एक अधिक केंद्रित कंपनी तैयार करना जारी रखेंगे लेकिन हमें अपने सभी कर्मचारियों के लिये पर्याप्त काम मिल पाने की उम्मीद नहीं दिख रही है. हम करीब 13 प्रतिशत कर्मचारियों को आगे अपने साथ रख पाने में सक्षम नहीं होंगे.’

उन्होंने यह भी लिखा है, ‘ऐसे कर्मचारियों को, जिनकी छंटनी की गई है, उन्हें अगले छह महीने तक 50 प्रतिशत वेतन दिया जाएगा. ऐसे कर्मचारियों से हम उम्मीद करते हैं कि वे कंपनी संबंधी काम वापस सौंपने के एक-दो हफ़्तों के बाद अपना पूरा समय और ऊर्जा नई नौकरी खोजने में लगाएंगे.’

उन्होंने कहा कि जो भी कर्मचारी छंटनी से प्रभावित हुए हैं, उन्हें आने वाले दिनों में कंपनी की नेतृत्व टीम से जूम कॉल का निमंत्रण मिलेगा.

गोयल ने यह भी कहा है कि कंपनी ज्यादा से ज्यादा नकदी रिज़र्व रखने का प्रयास कर रही है. उन्होंने यह प्रस्ताव भी रखा है कि जून से आगे कंपनी के सभी कर्मचारियों के वेतन में अस्थायी कटौती की जाएगी. उनका कहना है कि यह कटौती कम वेतनभोगी कर्मचारियों में कम और ऊंचे वेतन पाने वालों के लिए अधिक होगी.

एक रिपोर्ट के अनुसार कोविड के चलते हुए लॉकडाउन के दौरान जोमैटो और स्विगी कम डिलीवरी स्टाफ और कर्मचारियों के साथ काम तो कर रही हैं, लेकिन इनके काम में 60 फीसदी की गिरावट आयी है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)