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लॉकडाउन: उत्तर प्रदेश में दो अलग-अलग हादसों में प्रवासियों के दो बच्चों की मौत

पहला हादसा उत्तर प्रदेश के मैनपुरी ज़िले में, जबकि दूसरा हादसा कानपुर ज़िले में हुआ है. कानपुर में हुए हादसे में 12 लोग घायल भी हुए हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

मैनपुरी: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में मंगलवार सुबह एक तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से छह साल की बच्ची की मौत हो गई. इसी तरह कानपुर जिले के बिल्हौर इलाके में दो ट्रकों की टक्कर में चार साल के एक बच्चे की मौत हो गई.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, मैनपुरी में हुए हादसे में मृतक बच्ची अपने माता-पिता के साथ सीतापुर जिले में अपने गांव जाने के लिए राज्य सरकार की ओर से बंदोबस्त की गई बस का सड़क किनारे खडे़ होकर इंतजार कर रही थी.

बच्‍ची के माता-पिता हरियाणा के गुड़गांव में दिहाड़ी मजदूरी का काम करते थे.

यह परिवार उत्तर प्रदेश स्थित अपने गांव जाने के लिए 18 मई को हरियाणा से एक ट्रक में सवार हुआ था.

यह ट्रक मंगलवार सुबह यूपी के मैनपुरी जिले की तरफ बढ़ रहा था कि इस दौरान पुलिसकर्मियों ने इस सीमा चेक-पोस्ट पर रोक दिया और परिवार को ट्रक से उतरने के लिए कहा.

रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने परिवार से कहा कि वे सड़क किनारे इंतजार करें क्योंकि प्रशासन ने उनके लिए सरकारी बस की व्यवस्था की है.

परिवार ट्रक से उतरकर सड़क किनारे खड़े होकर बस का इंतजार करने लाग की तभी पास की खदान से पत्थर ले जा रहे एक ट्रक ने छह साल की बच्ची प्रियंका को टक्कर मार दी.

ट्रक की स्पीड बहुत तेज थी और टक्कर मारने के बाद यह कुछ मीटर आगे जाकर पुलिस बैरियर से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया.

बच्ची के पिता शिव कुमार ने बताया, ‘मैं हरियाणा में अन्य लोगों के खेतों में काम करता था. हम बस घर जाने की कोशिश कर रहे थे. कोरोना की वजह से लगे लॉकडाउन ने हमारी जिदंगी को बुरी तरह प्रभावित किया था और हम इस मुश्किल वक्‍त में अपने घर जाने के लिए बेताब थे.’

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मैनपुरी के पुलिस अधीक्षक अजय कुमार का कहना है कि ट्रक को कब्जे में ले लिया गया है. ट्रक ड्राइवर घटना के बाद मौके से फरार हो गया था. उसे जल्द ही पकड़ लिया जाएगा.

इस मामले में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत किशनी पुलि थाने में मामला दर्ज किया गया है.

मृतक बच्ची के पिता शिव कुमार ने कहा, ‘वह 15 मार्च को होली के बाद गुड़गांव लौटा था लेकिन होली के बाद ही लॉकडाउन लगने की वजह से मुझे कोई काम नहीं मिल सका. हमारा गुजारा दिहाड़ी पर ही होता था.’

उन्होंने कहा, ‘गुड़गांव में हमारा हरेक दिन काटना मुश्किल हो रहा था इसलिए हमने सीतापुर में अपने गांव लौटने का फैसला किया. हमने अपनी बेटी को खो दिया, घर लौटने का उत्साह अब मातम में बदल गया है.’

उन्होंने कहा कि मैं अब कभी गुड़गांव नहीं लौटूंगा.

श्रमिकों को ले जा रहा ट्रक दुर्घटनाग्रस्त एक बच्चे की मौत, 12 घायल

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बिल्हौर इलाके में मंगलवार रात प्रवासी श्रमिकों को ले जा रहे एक ट्रक की दूसरे ट्रक से आमने-सामने की टक्कर में एक बच्चे की मौत हो गई तथा 12 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए.

बिल्हौर के पुलिस क्षेत्राधिकारी देवेंद्र मिश्रा ने बताया कि हरियाणा से करीब 45 मजदूरों को लेकर पश्चिम बंगाल जा रहा एक ट्रक नानामऊ के पास सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गया. टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों ही ट्रक पलट गए.

उन्होंने बताया कि इस घटना में 4 साल के एक लड़के की मौत हो गई, वहीं 12 मजदूर घायल हो गए. उनमें से 10 को हाथ या पैर में फ्रैक्चर हुआ है. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घायलों में से एक की हालत गंभीर बताई जाती है.

बता दें कि कोरोना वायरस के कारण देशभर में मार्च के आखिरी सप्ताह से लगे लॉकडाउन के बाद से ही प्रवासी मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है.

रोजगार छिनने से इन मजदूरों को जो भी साधन मिल रहा है, ये उसके जरिए घर लौट रहे हैं. कुछ ना मिलने पर पैदल ही ये मजदूर मीलों का सफर तय कर रहे हैं. इनमें से कई मजदूर सड़क दुर्घटनाओं का भी शिकार हो रहे हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)