कैंपस

दिल्ली हिंसा: जामिया के एक और छात्र को यूएपीए के तहत आरोपी बनाया गया

इस साल फरवरी में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा मामले में जामिया मिलिया इस्लामिया के 24 वर्षीय छात्र आसिफ इकबाल तन्हा को बुधवार को गिरफ्तार किया गया और सात दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.

जामिया छात्र आसिफ इकबाल तन्हा. (फोटो: फेसबुक)

जामिया छात्र आसिफ इकबाल तन्हा. (फोटो: फेसबुक)

नई दिल्ली: इस साल फरवरी में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा मामले में बड़ी संख्या में छात्रों की गिरफ्तारी के विरोध के बीच दिल्ली पुलिस के विशेष सेल ने जामिया मिलिया इस्लामिया के एक और छात्र को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार किया है.

मिररनाउ न्यूज के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने कहा कि जामिया मिलिया इस्लामिया के एक 24 वर्षीय छात्र आसिफ इकबाल तन्हा को बुधवार को गिरफ्तार किया गया और आतंकवाद विरोधी कानून यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया. उन्हें सात दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.

दिल्ली पुलिस के विशेष सेल में एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, ‘उन्हें दिल्ली दंगों के मामले में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.’

तन्हा को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय कुमार जैन की अदालत में पेश करते हुए पुलिस ने कहा कि दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा की पूरी साजिश का खुलासा करने के लिए तन्हा को रिमांड पर लेने की जरूरत है. इसके अलावा जांच के दौरान जुटाए गए इलेक्ट्रॉनिक डेटा के बारे में भी उनसे पूछताछ करनी है.

इसके बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय कुमार जैन ने तन्हा को 27 मई तक हिरासत में भेज दिया.

फारसी भाषा में बीए कर रहे तृतीय वर्ष के छात्र तन्हा को पिछले साल दिसंबर में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान जामिया इलाके में हिंसा के सिलसिले में भी दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा 17 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था. उस मामले में उन्हें 31 मई तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया था.

पुलिस ने कहा कि शाहीन बाग के अबुल फजल एनक्लेव के रहने वाले तन्हा स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन के सदस्य हैं और नए नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शनों की अगुवाई करने वाली जामिया समन्वय समिति से भी जुड़े थे.

एक अधिकारी ने कहा, ‘वह उमर खालिद, शरजील इमाम, मीरान हैदर और सफूर जरगर के करीबी हैं जो दिल्ली में सीएए विरोधी प्रदर्शन और उसके बाद हुए दंगों के मामले में मुख्य आरोपी हैं.’

पिछले महीने पुलिस ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्र उमर खालिद और जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों मीरान हैदर और सफूरा ज़रगर पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया था.

35 वर्षीय हैदर पीएचडी छात्र हैं और दिल्ली में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की युवा इकाई के अध्यक्ष हैं जबकि जरगर जामिया से एम. फिल कर रही हैं.

इन छात्रों पर देशद्रोह, हत्या, हत्या के प्रयास, धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और दंगा करने के अपराध के लिए भी मामला दर्ज किया गया है.

जामिया समन्वय समिति (जेसीसी) ने इन हालिया गिरफ़्तारियों की जोरदार तरीके से निंदा की थी.

जेसीसी ने कहा था, ‘उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा में पूछताछ करने और असली दोषियों को गिरफ्तार करने के बजाय दिल्ली पुलिस बेशर्मी से जामिया के छात्र नेताओं का शिकार कर रही है. जब उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा के सभी साजिशकर्ता और अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं तब हमारे नेतृत्वकर्ताओं को जेल भेजा जा रहा है और सख्त कानून के तहत आरोपी बनाया जा रहा है.’

गौरतलब है कि फरवरी में उत्तर पूर्वी दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई थी. 13 अप्रैल तक पुलिस ने इस मामले में 800 से अधिक गिरफ्तारियां की थीं.

नए नागरिकता कानून के समर्थकों और इसका विरोध करने वालों के बीच उत्तर पूर्वी दिल्ली में 23 से 26 फरवरी के बीच झड़पें हुईं थीं, जिसमें 53 लोग मारे गए थे और सैकड़ों लोग घायल हो गए थे.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)