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मणिपुर लौट रहे जो लोग क्वारंटीन में नहीं रहेंगे, उन्हें जेल भेज दिया जाएगा: मुख्यमंत्री

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने कहा कि हमारी प्राथमिकता इस बीमारी को सामुदायिक स्तर पर फैलने से रोकना है.

मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह. (फोटो: पीटीआई)

मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह. (फोटो: पीटीआई)

इम्फाल: मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने कहा है कि देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से राज्य लौट रहे लोगों को अनिवार्य रूप से क्वारंटीन में रहना होगा और ऐसा नहीं करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया जाएगा.

सिंह ने कहा कि प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने वाले लोगों को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन कानून, 2005 के तहत सजा दी जाएगी.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘यह बहुत गंभीर मामला है. लौट रहे जो लोग प्रोटोकॉल का पालन नहीं करेंगे, उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा और जेल भेज दिया जाएगा.’

उन्होंने कहा कि विदेशों और देश के अन्य राज्यों से लौट रहे जो लोग जांच रिपोर्ट आने के बाद संक्रमित नहीं पाए जाएंगे, उन्हें उनके घर में ही क्वारंटीन में रहने की अनुमति दी जाएगी.

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हमारी प्राथमिकता इस बीमारी को सामुदायिक स्तर पर फैलने से रोकना है.’

उन्होंने कहा कि जिन लोगों के लिए घर में क्वारंटीन में रहना संभव नहीं है, उन्हें क्वारंटीन सेंटर में रखा जाएगा. सिंह ने लोगों से अपील की कि वे राज्य में संक्रमित लोगों की संख्या में हाल में बढ़ोतरी से घबराएं नहीं.

मणिपुर में फिलहाल कोरोना वायरस से संक्रमित 24 लोगों का इस समय इलाज चल रहा है. राज्य में कुल 29 मामले सामने आए हैं.

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार हालात काबू करने के लिए पूरी तरह तैयार है.

उन्होंने कहा कि सरकारी आरआईएमएस और जेएनआईएमस अस्पतालों की प्रयोगशालाओं में हर रोज 200 से 300 नमूनों की जांच की जा रही है और रोजाना 700 से 800 नमूने एकत्र किए जा रहे हैं.

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, रविवार को देश भर में इस महामारी के संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 131,868 हो गए, जबकि 3,867 लोगों की मौत हो चुकी है.

मालूम हो कि बीते अप्रैल महीने में मणिपुर में कम से कम पांच ऐसे लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिन्होंने कोरोना वायरस संकट से निपटने को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली एन. बीरेन सिंह सरकार पर सवाल उठाए थे. सरकार की आलोचना पर खामियाज़ा भुगतने वालों में उपमुख्यमंत्री से लेकर सरकारी कर्मचारी और एक शोधार्थी भी शामिल हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)