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झारखंडः मज़दूर ने ट्रेन में खाना न मिलने की शिकायत की तो अधिकारी बोले- ट्रेन से कूद जाओ

झारखंड के एक प्रवासी मज़दूर और राज्य के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एपी सिंह की बातचीत का कथित ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. हालांकि अधिकारी का कहना है कि यह बात उन्होंने दूसरे संदर्भ में कही थी.

Lingamapally: Migrants board a special train for Hatia in Jharkhand, amid the nationwide lockdown, at Lingampally Station in Telangana, early Friday morning, May 1, 2020. This was the first special train to transport the stranded migrants. The 24-coach train, which usually seats 72 people in a compartment, contained only 54 people in each in accordance with social distancing guidelines. (PTI Photo)  (PTI01-05-2020_000217B) *** Local Caption ***

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

रांचीः कोरोना वायरस के मद्देनजर लॉकडाउन के बीच प्रवासी मजदूर लगातार अपने घर लौट रहे हैं. ऐसे में झारखंड के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की एक प्रवासी मजदूर के साथ बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ऑडियो क्लिप में कथित तौर पर राज्य के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एपी सिंह और एक प्रवासी मजदूर की बातचीत दर्ज है. मजदूर ट्रेन में सफर के दौरान खाना नहीं मिलने की शिकायत एपी सिंह से करता है तो इस पर एपी सिंह उनसे ट्रेन से कूद जाने को कहते हैं.

इस ऑडियो क्लिप में झारखंड के एक प्रवासी मजदूर शिकायत करते हुए एपी सिंह से कह रह हैं कि वे श्रमिक विशेष ट्रेन से वापस आ रहे हैं लेकिन उन्हें सुबह से खाना नहीं मिला है.

इस पर एपी सिंह कहते हैं कि खाना देने की जिम्मेदारी रेलवे की है.

इस पर मजदूर उनसे पूछता है कि रेलवे कब खाना देगा, उन्हें सिर्फ सुबह में एक पैकेट ब्रेड, एक केला और एक बोतल पानी दिया गया है, जिसमें वे दिनभर काट रहे हैं.

इस पर अधिकारी एपी सिंह उन्हें ट्रेन से कूदने की बात कहकर फोन काट देते हैं.

इस ऑडियो क्लिप के बारे में पूछने पर आईएएस अधिकारी कहते हैं कि इस पूरी बातचीत को गलत संदर्भ में लिया गया है क्योंकि जब यह कॉल की गई, उस वक्त वह शायद घर पर थे.

उन्होंने कहा कि ऐसा हो सकता है कि मजदूर ने कुछ गलत सुन लिया गया क्योंकि उस वक्त वे अपने परिवार और बच्चों के साथ थे.

उन्होंने कहा, ‘अगर आप ऑडियो को धैर्य से सुनें तो आपको दो बार बेटा शब्द सुनाई देगा. इससे पता चलता है कि मैं इस दौरान घर पर हो सकता हूं और मेरा बेटा किसी चीज पर चढ़ गया है और मैं अपने बेटे से उस चीज से उतरने को कह रहा हूं.ऑडियो में मैं मजदूर को यह समझाने की कोशिश कर रहा हूं कि रेलवे की ओर से खाना उपलब्ध कराया जाएगा.’

बता दें कि झारखंड सरकार की तरफ से प्रवासी मजदूरों को वापस लाने के लिए 15 से ज्यादा आईएएस अधिकारियों को राज्यवार नोडल अधिकारी बनाया गया है.

इस व्यवस्था का नेतृत्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एपी सिंह ही कर रहे हैं. वे सीधे चीफ सेक्रेट्री को रिपोर्ट करते हैं.

लॉकडाउन के दौरान मुसीबत में फंसे प्रवासी मजदूर मदद मांग सके, इसलिए हर नोडल अधिकारी का नंबर जारी किया गया है.