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अमेरिका: अश्वेत की हत्या का आरोपी पुलिसकर्मी गिरफ़्तार, हिंसक प्रदर्शनों में एक की मौत

बीती 25 मई को अमेरिका के मिनीपोलिस अश्वेत अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड के गले को श्वेत पुलिस अधिकारी डेरेक चाउविन द्वारा आठ मिनट तक घुटने से दबाने के कारण मौत हो गई थी. फ्लॉयड की मौत के विरोध में अमेरिका के कई शहरों लॉकडाउन के बीच हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए हैं.

जॉर्ड फ्लॉयड की तस्वीर लेकर उनकी हत्या के खिलाफ विरोध प्रदर्शन. (फोटो: रॉयटर्स)

जॉर्ड फ्लॉयड की तस्वीर लेकर उनकी हत्या के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते लोग. (फोटो: रॉयटर्स)

वाशिंगटन/संयुक्त राष्ट्र: बीते 25 मई को एक अश्वेत अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड के गले को अपने घुटने से दबाकर उसे मौत के घाट उतारने वाले मिनीपोलिस के श्वेत पुलिस अधिकारी डेरेक चाउविन को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया और उस पर हत्या का आरोप लगाया गया है.

इस घटना ने अमेरिका में एक बार फिर से अफ्रीकी-अमेरिकी अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ कानून प्रवर्तन एजेंसियों के भेदभाव को उजागर कर दिया है.

एक वीडियो में पुलिस अधिकारी को घुटने से फ्लॉयड की गर्दन दबाते हुए देखा गया. फ्लॉयड की बाद में चोटों के कारण मौत हो गई थी. यह वीडियो एक राहगीर ने बनाया था.

अश्वेत फ्लॉयड को एक दुकान में नकली बिल का इस्तेमाल करने के संदेह में गिरफ्तार किया गया था.

वीडियो में दिख रहा है कि अधिकारी कम से कम आठ मिनट तक अपने घुटने से व्यक्ति की गर्दन दबाए रखता है. इस दौरान व्यक्ति सांस रुकने की बात कहता नजर आता है.

वीडियो में दिखता है कि व्यक्ति का हिलना-डुलना और बोलना बंद हो जाने पर भी पुलिस अधिकारी डेरेक चाउविन अपना घुटना नहीं हटाता.

श्वेत अधिकारी डेरेक चाउविन को गिरफ्तार कर लिया गया तथा उस पर शुक्रवार को थर्ड डिग्री हत्या और मानववध का आरोप लगाया गया है. चाउविन के साथ ही उन तीन अन्य अधिकारियों को भी बर्खास्त कर दिया गया जो घटनास्थल पर मौजूद थे.

हत्या का दोषी पाए जाने पर चाउविन को 12 साल से अधिक जेल की सजा होगी.

फ्लॉयड की मौत के विरोध में अमेरिका के कई शहरों में कर्फ्यू का उल्लंघन कर हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. प्रदर्शनकारियों ने शहर के कुछ हिस्सों में लूट और आगजनी की वारदात को अंजाम दिया.

मिनीपोलिस में प्रदर्शनकारियों ने कारों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों में आग लगा दी और दुकानों में घुस गए जिसके बाद उन पर काबू पाने के लिए अधिकारियों ने आंसू गैस के गोले दागे और रबड़ की गोलियां चलाईं.

बृहस्पतिवार को दंगाइयों ने मिनीपोलिस की उस पुलिस चौकी को फूंक दिया जहां फ्लॉयड को गिरफ्तार किया गया था.

मिनीपोलिस में सुरक्षा चिंताओं के चलते रेल और बस सेवाएं बाधित हुई हैं. सेंट पॉल में धुएं का गुबार उठता देखा गया. कई जगह लगाई गई आग को बुझाने के लिए दमकल दस्तों को मशक्कत करनी पड़ी.

वाशिंगटन डीसी, अटलांटा, फिनिक्स, डेनवर और लॉस एंजिलिस समेत कुछ शहरों में इसने हिंसक रूप ले लिया.

फिनिक्स, डेनवर, लास वेगास, लॉस एंजिलिस और कई अन्य शहरों में हजारों प्रदर्शनकारियों के हाथों में पोस्टर थे जिनपर लिखा था, ‘उसने कहा, मैं सांस नहीं ले पा रहा हूं. जॉर्ज के लिए न्याय.’

उन्होंने नारे लगाए, ‘न्याय नहीं, शांति नहीं’ और कहा, ‘उसका नाम पुकारो. जॉर्ज फ्लॉयड.’

अटलांटा में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के कुछ घंटे बाद कुछ प्रदर्शनकारी अचानक हिंसक हो गए, पुलिस की कार तोड़ने लगे, एक कार को आग लगा दी.

भीड़ ने अधिकारियों पर बोतलें फेंकी और नारे लगाए, ‘नौकरी छोड़ो.’

इस बीच डेट्रॉयट में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर एसयूवी में बैठे किसी शख्स ने गोलियां चलाई जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई.

पुलिस विभाग की प्रवक्ता निकोल किर्कवुड ने बताया कि डेट्रॉयट के ग्रीकटाउन एंटरटेनमेंट डिस्ट्रिक्ट के समीप शुक्रवार रात साढ़े 11 बजे गोलीबारी हुई. उन्होंने बताया कि इस गोलीबारी में कोई अधिकारी शामिल नहीं है.

किर्कवुड ने बताया कि 19 वर्षीय युवक को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया. उन्होंने बताया कि अभी मृतक या उस व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी नहीं है जिसने गोलियां चलाईं.

हिंसक विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने शुक्रवार को मिनीपोलिस में सेना की तैनाती का आदेश दिया. इस आदेश की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि नॉर्थ कैरोलिना में फोर्ट ब्रैग और न्यूयॉर्क में फोर्ट ड्रम के सैनिकों को आदेश दिया गया है कि अगर उन्हें बुलाया जाए तो वे चार घंटों के भीतर तैनाती के लिए तैयार रहें.

यह आदेश शुक्रवार को तब दिया गया जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रक्षा मंत्री मार्क एस्पर को मिनीपोलिस में हालात को काबू करने में मदद के लिए सैन्य विकल्पों पर गौर करने के लिए कहा.

अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद पुलिस कार्रवाई की निंदा करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों पर सख्त पुलिस कार्रवाई की चेतावनी दी.

 

देश में जड़ें जमा चुके नस्लवाद के ‘खुले घाव’ पर अफसोस: जो बाइडेन

डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार माने जा रहे जो बाइडेन ने जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस के हाथों हत्या पर अपनी प्रतिक्रिया में देश में जड़ें जमा चुके नस्लवाद के ‘खुले घाव’ पर शुक्रवार को अफसोस प्रकट किया.

उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बिल्कुल भिन्न रुख अपनाया जिन्होंने कहा है कि प्रशासन जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद होने वाले प्रदर्शन पर बिल्कुल सख्ती कर सकता है.

बाइडेन ने डेलावेयर के विल्मिंगटन में अपने घर से प्रसारित भाषण में कहा, ‘इस देश का मूल पाप आज भी हमारे राष्ट्र पर दाग है.’

बाइडेन ने कहा कि उन्होंने फ्लॉयड के परिवार से मुलाकात की है और इंसाफ की मांग की है. उन्होंने एक ऐसे पुलिस सुधार का आह्वान किया जिसमें सभी पुलिसकर्मी उच्च मानदंड पर खरा उतरें और यहां कई वाकई ऐसे हैं भी.

मिनेसोटा के गवर्नर ने सीएनएन पत्रकार की गिरफ्तारी के लिए मांगी माफी

पुलिस हिरासत में अश्वेत व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद हो रहे हिंसक प्रदर्शनों पर रिपोर्टिंग कर रहे सीएनएन के एक पत्रकार की टेलीविजन पर सीधे प्रसारण के दौरान गिरफ्तारी के बाद मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज ने माफी मांगी है.

सीएनएन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेफ जकर ने वाल्ज से यह जवाब मांगने की अपील की कि उन्हें पुलिस की वैन में क्यों ले जाया गया. इसके एक घंटे के भीतर सीएनएन संवाददाता उमर जिमेनेज और उनके दो सहकर्मियों को रिहा कर दिया गया.

वाल्ज ने कहा, ‘हमने यह सुनिश्चित किया है कि यह कहानी बताने के वास्ते पत्रकारिता के लिए सुरक्षित स्थान हो.’

जिमेनेज और उनके सहकर्मी बिल किर्कोस और लियोनेल मेंदेज अश्वेत फ्लॉयड की मौत के बाद हुई आगजनी और लोगों के आक्रोश को बताते हुए सीएनएन के ‘न्यू डे’ कार्यक्रम के लिए लाइव रिपोर्टिंग कर रहे थे.

रिहा होने के बाद अश्वेत जिमेनेज ने कहा कि वह खुश हैं कि उनकी गिरफ्तारी का सीधा प्रसारण किया गया.

बाद में संवाददाता सम्मेलन में वाल्ज ने कहा, ‘मैं पूरी जिम्मेदारी लेता हूं. इस तरह की चीजें होने की कोई वजह नहीं है. उस टीम से मैं सार्वजनिक रूप से माफी मांगता हूं.’

सीएनएन ने वाल्ज की माफी स्वीकार करते हुए कहा कि नेटवर्क उनके शब्दों की सच्चाई की सराहना करता है.

चीन और रूस ने सुरक्षा परिषद में उठाया मुद्दा

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक आपात चर्चा में अमेरिका और ब्रिटेन ने हांगकांग पर चीन के विवादास्पद सुरक्षा कानून का मुद्दा उठाया जिससे नाराज चीन ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को इसके बजाए मिनीपोलिस में प्रदर्शनकारियों पर अमेरिका के अत्यधिक बल प्रयोग और अश्वेत समुदायों के खिलाफ भेदभाव पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए.

अमेरिका और ब्रिटेन ने शुक्रवार को आपात चर्चा की मांग की थी जिसके बाद 15 सदस्यों वाली सुरक्षा परिषद ने हांगकांग के मुद्दे पर अनौपचारिक ऑनलाइन बैठक की.

अमेरिका द्वारा हांगकांग का मुद्दा उठाए जाने के बाद संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत झांग जुन और रूस ने अमेरिका को जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या का जिम्मेदार ठहराया.

झांग ने कहा, ‘हमारा मानना है कि इस मुद्दे पर वक्त बर्बाद करने के बजाए परिषद को ऐसे मामलों पर ध्यान देना चाहिए और उन पर कार्रवाई करनी चाहिए जो अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए जरूरी हैं.’

उन्होंने कहा, ‘उदाहरण के तौर पर अंतराराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा पर ब्रेक्जिट का प्रभाव, अमेरिका और अन्य देशों की तरफ से लगाए गए एकतरफा प्रतिबंध, मिनीपोलिस में प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग, अफ्रीकी-अमेरिकी युवा की हत्या और अफ्रीकी-अमेरिकियों के खिलाफ नस्लीय भेदभाव. यह सूची अंतहीन हो सकती है. चीन इन मुद्दे पर आप के साथ मिल कर काम करने के लिए तैयार है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)