मीडिया बोल

मीडिया बोल, एपिसोड 04: हिंदी मीडिया आज इतना बेदम और ग़ैर-पेशेवर क्यों?

मीडिया बोल की चौथी कड़ी में वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश, एनडीटीवी के सीनियर एंकर रवीश कुमार और वरिष्ठ पत्रकार विद्या सुब्रह्मण्यम के साथ हिंदी मीडिया के ग़ैर-पेशेवर रवैये पर चर्चा कर रहे हैं.

  • Sumit Sharma

    आज के दौर में आपकी जैसी संस्था सच में हम पत्रकारिता के छात्रों को एक एेसा विकल्प दे रही हैं, जो मौजूदा मीडिया के मुजरे करने वाले आँगन का हिस्सा नही हैं. प्रंशसनीय एवं अतुल्नीय !!

  • Amarjit Razz

    News anchor is being like a justifier same on that type of anchor..
    Focus on education, ground reality not on government speech

  • Amarjit Razz

    Mujhe lagata hai sir isame unlogo ko bula kar same question karne Chahiye
    Jaise sudhir Chaudhry , anjana om kashyap ye sab hi bata sakate hai kyun wo log Sahi reporting nahi kar pa rhe hai… Please once you call we want their answer.

  • Raj Mishra

    हमारा मिडिया किस हद तक बिकाऊ और बेशरम हो चुका है सरकारें तो किसानों को
    अनदेखा कर रही है हमारे तथा कथित सम्पदाक भी बेहद बेईमानी कर रहे है ये
    रिपोर्टिग के मूल नियम भी लगता है भूल गए कब, कहाँ, क्यों, कैसे जब भी आप
    किसानों की खुदखुशी की खबर पढ़ते या सुनते है यह कभी पता नहीं चलता किस बैंक
    का उसके ऊपर कर्ज था बैंक का नाम ये जानबूझ कर नहीं लिखते वे ये भी नहीं
    लिखते किस विधानसभा किस लोकसभा छेत्र में वह रहता था ? विधायक या संसद का
    नाम लिखने की तो इनमे हिम्मत ही नहीं है ये तो सरपंच का नाम लिखने में
    भी घबराते है काश वे यह सब लिखे जो उनका फर्ज है शायद इतने भर से किसानों
    की मौत में ब्रेक लग सकता है