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एनआईए ने गिरफ्तारी को सही ठहराते हुए कहा- आरोपी ने सोशल मीडिया पर लाल सलाम, कॉमरेड लिखा था

एनआईए ने असम के किसान नेता अखिल गोगोई और उनके सहयोगियों के ख़िलाफ़ दायर चार्जशीट में ये कहा है. गोगोई के संगठन ने आरोप लगाया है कि एनआईए उनके सदस्यों को माओवादी ठहराने की कोशिश कर रही है.

(फोटो: पीटीआई)

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने असम के किसान नेता अखिल गोगोई और उनके सहयोगियों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर कहा है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने कुछ दोस्तों को ‘कॉमरेड’ कहा था और एक-दूसरों के बीच ‘लाल सलाम’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था.

एनआईए ने गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून (यूएपीए) के तहत गोगोई और उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी को सही ठहराने के लिए ये दलील दी है.

इसके लेकर असम के किसान संगठन कृषक मुक्ति संग्राम समिति (केएमएसएस) ने आरोप लगाया है कि एनआईए उनके संगठन और इसके सदस्यों को माओवादी घोषित करने की कोशिश कर रही है.

एनआईए ने विवादित नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन करने के संबंध में केएमएसएस के नेता अखिल गोगोई और धैजय कोंवर तथा छात्र संघ नेता बिट्टू सोनोवाल और मनीष कोंवर को यूएपीए कानून के तहत गिरफ्तार किया था.

आउटलुक की खबर के मुताबिक एनआईए द्वारा 29 मई को दायर चार्जशीट में यह उल्लेख किया गया था कि सोनोवाल ने लेनिन की एक तस्वीर को ‘पूंजीपति हमें वह रस्सी बेचेंगे जिसके साथ हम उन्हें फांसी देंगे’ इन शब्दों के साथ अपलोड किया था.

हालांकि केएमएसएस ने 40 पेज की चार्जशीट में कई कमियों को उजागर करते हुए एनआईए द्वारा जबरदस्ती उन्हें प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है.

संगठन के संयुक्त महासचिव मुकुट डेका ने द टेलीग्राफ से कहा, ‘हमारे पास कहने के लिए सिर्फ एक चीज है. एक लोकतांत्रिक जन आंदोलन का नेतृत्व करने से कोई माओवादी नहीं बनता है. माओवाद पर किताबें पढ़ने से कोई माओवादी नहीं बनता. सीएए विरोधी आंदोलन जनता का आंदोलन है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘लोग विरोध कर रहे हैं क्योंकि वे अपनी पहचान और संस्कृति के बारे में डरते हैं. एनआईए कह रहा है कि केएमएसएस नेताओं की सीएए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में भूमिका है और यह माओवादी हमले की तरह है, लेकिन हम यह कहना चाहते हैं कि हम हिंसा में विश्वास नहीं करते हैं.’

उन्होंने यह भी कहा कि एनआईए के लोगों ने यहां के चांदमारी स्थित कार्यालय से लगभग सात-आठ किताबें जब्त की थीं.

डेका ने कहा, ‘उसमें कम्युनिस्ट मैनिफेस्टो एंड सोशलिज्म: अ वेरी शॉर्ट इंट्रोडक्शन जैसी किताबें भी थीं. इसका मतलब यह नहीं है कि हम कम्युनिस्ट विचारधारा को अपना रहे हैं. वे कहते हैं कि हमारे छात्र नेता अपने फेसबुक पोस्ट में लाल सलाम और कामरेड जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे शब्दों का इस्तेमाल उन्हें माओवादी कैसे बना सकता है?’

केएमएसएस नेता ने चेतावनी दी कि यदि अखिल गोगोई और अन्य लोगों को रिहा नहीं किया गया तो देशव्यापी आंदोलन होगा.

गोगोई 16 दिसंबर, 2019 से भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120 बी, 253 ए, 153 बी और यूएपीए की धारा 18 और 39 के तहत जेल में बंद हैं.