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केरल सामूहिक बलात्कार मामला: राष्ट्रीय महिला आयोग ने केरल पुलिस से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम ज़िले का मामला. 25 वर्षीय महिला को जबरन शराब पिलाकर उसके पति के दोस्तों ने उनके बेटे के सामने ही उनके साथ बीते चार जून को बलात्कार किया था. इस मामले में पुलिस ने महिला के पति सहित सात आरोपियों को गिरफ़्तार किया है.

Thiruvananthapuram

नई दिल्ली: राष्ट्रीय महिला आयोग ने केरल में एक महिला के साथ सामूहिक बलात्कार के मामले में राज्य पुलिस से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है. आयोग ने इस घटना का स्वत: संज्ञान लिया और राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है.

तिरुवनंतपुरम में महिला से उसके पति और उसके दोस्तों ने उसके पांच साल के बच्चे के सामने ही सामूहिक बलात्कार किया था. 25 वर्षीय महिला को जबरन शराब पिलाकर उसके साथ इस यौन अपराध को अंजाम दिया गया.

रविवार को आयोग ने कहा, ‘इसको नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और तत्काल इस पर बात करने की जरूरत है.’

आयोग ने एक बयान में कहा, ‘आयोग को तिरुवनंतपुरम (ग्रामीण) पुलिस अधीक्षक द्वारा सूचित किया गया है कि मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और पीड़िता की चिकित्सीय जांच कराई गई है. वह और उनका बच्चा सुरक्षित संरक्षण में हैं.’

इसने कहा गया है, ‘आयोग ने केरल के डीजीपी, आईपीएस आर. श्रीलेखा को पत्र लिखकर मामले में आरोपपत्र दायर होने तक की कार्रवाई रिपोर्ट जल्द से जल्द सौंपने का निर्देश दिया है.’

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट की रिपोर्ट के अनुसार, चार जून को घटना की रात में ही पुलिस ने मंसूर (40), अकबर शाह उर्फ अक्कू (20), अरशद (35), राजन सेबेस्टियन (62) और महिला के 33 वर्षीय पति को गिरफ्तार किया था. इसके बाद दो अन्य आरोपियों मनोज और नौफाल को गिरफ्तार किया गया.

घटना चार जून की रात को तिरुवनंतपुरम के नजदीक कदिनामकुलम कस्बे में घटित हुई.

महिला के पति और सेबेस्टियन के अलावा सभी आरोपी कदिनामकुलम के पास चन्ननकरा के रहने वाले हैं. पुलिस ने बताया था कि महिला को चोटें भी आई हैं. उनके शरीर पर सिगरेट से दागे जाने के निशान के अलावा काटे जाने के भी निशान मिले हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, कदिनामकुलम के पुलिस इंस्पेक्टर पीवी विनेश कुमार ने बताया कि महिला कदिनामकुलम के पास ही अपने पति और पांच व तीन साल के छोटे बच्चों के साथ रहती हैं.

उन्होंने पुलिस को बताया कि घटना के एक दिन पहले तीन जून को उनका पति उन्हें और बच्चों को वेट्टूथुरा बीच पर ले गया था. इसके बाद नजदीक स्थित आरोपी राजन सेबेस्टियन के घर भी वे लोग गए थे, जहां सेबेस्टियन ने उनके पति को कुछ पैसे दिए थे.

महिला के अनुसार, अगले दिन चार जून को उनका परिवार फिर सेबेस्टियन के घर गया था, जहां पांच अन्य आरोपी पहले से ही मौजूद थे. इन लोगों ने शराब पी हुई थी और उनको भी शराब पीने के लिए मजबूर करने लगे थे.

महिला ने पुलिस को बताया कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपी उन्हें गलत तरीके से छूने लगे. इसे दौरान उनका पति और सेबेस्टियन बाहर चले गए थे.

रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद आरोपी मंसूर, अकबर शाह, अरशद और नौफाल महिला और उनके तीन साल के बेटे को एक ऑटोरिक्शा से एक किलोमीटर दूर एक वीरान बिल्डिंग में लेकर गए और उनके साथ बेटे के सामने ही बलात्कार किया. इस दौरान आरोपी मनोज और महिला का बड़ा बेटा राजन के घर पर ही थे.

महिला ने बताया कि अरशद ने उनका मोबाइल और एक हजार रुपये छीन लिए थे. उन्होंने बताया कि वह किसी तरह से अपने बेटे को लेकर वहां से गुजर रहे तीन युवाओं की मदद से भाग निकलीं.

रिपोर्ट के अनुसार, तीनों युवाओं ने उन्हें उनके घर पहुंचा दिया और तब तक रहे जब तक कि पुलिस नहीं आ गई. पुलिस के आने से पहले ही महिला का पति बड़े बेटे को लेकर घर आ गया था.

द न्यूज़ मिनट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 376डी (गैंगरेप), 366 (अपहरण), 323 (चोट पहुंचाना), 324 (खतरनाक हथियारों से चोट पहुंचाना), 354, 354 बी (महिला के सम्मान को चोट पहुंचाने के इरादे से किया गया हमला), 349 (जबरदस्ती) और 34 (सामान उद्देश्य से कई लोगों द्वारा किया गया अपराध) आदि के तहत केस दर्ज किया गया है.

आरोपियों पर उनके एक बच्चे का यौन उत्पीड़न करने का भी आरोप है, इसलिए उन पर यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉस्को) अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)