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उत्तर प्रदेश: कथित तौर पर मंदिर में प्रवेश को लेकर दलित किशोर की हत्या की

एक अन्य मामले में उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में पुलिस ने एक लेखपाल के खिलाफ एक दलित युवती का कथित रूप से अपहरण कर उसके साथ चलती जीप में बलात्कार करने का मामला दर्ज किया है.

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नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में बीते 6 जून को एक 17 वर्षीय दलित किशोर विकास की गांव के कथित ऊंची जाति के लोगों द्वारा हत्या कर दी गई.

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, विकास की हत्या का कारण उसका कथित तौर पर एक स्थानीय मंदिर में पूजा करना था.

विकास के पिता ओम प्रकाश जाटव के अनुसार, 31 मई को डोमखेड़ा गांव के मंदिर में विकास के प्रवेश करने के बाद उसके और कथित ऊंची जाति के चार लोगों में झगड़ा हो गया था.

द टेलीग्राफ के अनुसार, ओम प्रकाश ने कहा, ‘जाटव जाति का होने के कारण ऊंची जाति के एक युवक होरम चौहान  व कुछ अन्य लोगों ने उसे मंदिर में प्रवेश करने से रोका. लेकिन विकास ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया और वहां पूजा की.’

ओम प्रकाश ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की पिटाई की गई और पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया.

उन्होंने कहा, ‘उसके पूजा खत्म करने के बाद ऊंची जाति के कई लोगों ने उसकी पिटाई की. उस समय हमने पुलिस से शिकायत की लेकिन उन्होंने एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया.’

आरोप है कि इसके बाद शनिवार की रात चार लोग लाला चौहान, होरम चौहान, जसवीर और भूषण विकास के घर में घुस गए और गोलियां चलानी शुरू कर दीं.

ओम प्रकाश ने कहा, ‘गोलियों की आवाज सुनकर हम विकास को बचाने के लिए दौड़े, लेकिन तब तक चारों भाग गए. विकास का खून बह रहा था और अस्पताल पहुंचने तक उसकी मौत हो गई.’

चारों आरोपियों पर आईपीसी की धारा 302 और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारक) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.

टाइम्स ऑफ इंडिया को एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘लाला चौहान और होरम चौहान को गिरफ्तार कर लिया गया है और बाकी दो को जल्द पकड़ लिया जाएगा.’

हालांकि, पुलिस का यह भी कहना है कि हत्या पैसों को लेकर की गई है. शुरुआती जांच में पता चला है कि विकास और आरोपियों के बीच पैसों को लेकर विवाद था.

अमरोहा के पुलिस अधीक्षक विपिन ताड़ा ने कहा, ‘विकास के भाई ने आम के बगीचे को किराए पर लिया था. लाला और होरम इसमें पार्टनर थे. बाद में पैसों के लेन-देन को लेकर वे अलग हो गए. कुछ दिन पहले उनमें लड़ाई भी हुई थी.’

स्थानीय पुलिस स्टेशन के प्रभारी नीरज कुमार ने भी दावा किया कि शुरुआती जांच में मंदिर या छुआछूत से संबंधित कोई विवाद सामने नहीं आया है.

कुमार ने द टेलीग्राफ से कहा, ‘हमारी जांच से संकेत मिलता है कि पीड़ित, हत्यारा और अन्य युवक सात दिन पहले मैदान में खेल रहे थे और उनके बीच झगड़ा हो गया था.’

बांदा में लेखपाल के खिलाफ दलित युवती के अपहरण, बलात्कार का मामला दर्ज

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की नरैनी कोतवाली की पुलिस ने क्षेत्र के पुंगरी गांव में तैनात लेखपाल के खिलाफ एक युवती का कथित रूप से अपहरण कर उसके साथ चलती जीप में बलात्कार करने का मामला दर्ज किया है.

सोमवार को कोतवाली में पीड़िता की ओर से दर्ज करवाई गई प्राथमिकी के आधार पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) गिरीन्द्र सिंह ने मंगलवार को बताया कि 18 साल की दलित लड़की के साथ यह घटना शनिवार सुबह करीब छह बजे हुई, लेकिन मामला दो दिन बाद सोमवार को दर्ज कराया गया.

उन्होंने बताया कि शनिवार को युवती अपने दरवाजे पर झाड़ू लगा रही थी, तभी पुंगरी गांव में तैनात लेखपाल (राजस्वकर्मी) सुशील पटेल दो अज्ञात साथियों के साथ अपनी जीप से पहुंचा और लड़की को जबरन जीप में डालकर ले जाने लगा. लड़की की मां ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन उसे धक्का देकर गिरा दिया गया.

एसएचओ ने बताया कि पीड़िता ने अपनी तहरीर में कहा कि लेखपाल ने चलती जीप में उससे बलात्कार किया और हनुमान मंदिर के पास सड़क में बैठे आवारा जानवरों की वजह से जीप के रुकने पर वह कूद कर भाग निकली.

उन्होंने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर लेखपाल सुशील पटेल और उसके दो अज्ञात साथियों के खिलाफ आईपीसी की धारा-376बी, 323, 504, 364 और एससी/एसटी अधिनियम की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है.

इसके साथ ही पीड़िता को चिकित्सकीय जांच के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)