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उत्तर प्रदेश: आपसी विवाद के बाद सात दलितों के घर जलाने का आरोप, 35 गिरफ़्तार

मामला जौनपुर ज़िले के सरायख्वाज़ा क्षेत्र के भदेठी गांव का है. 9 जून को आम तोड़ने को लेकर दो समुदायों के बच्चों में विवाद हुआ, जिसके बाद स्थानीयों के बीच हिंसक झड़प हुई. सौ के क़रीब लोगों पर मामला दर्ज हुआ है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोपियों पर रासुका और गैंगस्टर एक्ट लगाने के निर्देश दिए हैं.

Jaunpur

जौनपुर: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में दो समुदायों के बच्चों के बीच आपसी विवाद के बढ़ जाने के बाद दलितों के घरों को जलाए जाने का मामला सामने आया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.

इस घटना के बाद गांव में बड़ी संख्या में पुलिस तैनात कर दी गई है और 35 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इस मामले को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वत: संज्ञान लेते हुए आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट और रासुका लगाने का निर्देश दिया है.

दैनिक भास्कर के मुताबिक सरायख्वाज़ा इलाके में भदेठी गांव में बच्चों के आम तोड़ने को लेकर 9 जून को विवाद हुआ था, जब भदेठी गांव का शहबाज़ (13) बाग में आम तोड़ने गया था, वहां उसका दलित बच्चों के साथ विवाद हो गया.

उसके बाद शहबाज घर लौटकर परिजनों को बताने से वे लोग लाठी-डंडा लेकर मौके पर पहुंचे और कहासुनी के बाद मारपीट हुई. इस विवाद में चार लोग घायल हो गए. उसके बाद गांव प्रधान आफताब ने बीच-बचाव कर मामला को शांत कराया था.

लेकिन रात तक ये हिंसक झड़प में बदल गई, जब दलित बस्ती पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हमला कर दिया और मारपीट, तोड़फोड़ करने के बाद सात ग्रामीणों के घरों में आग लगा दी. घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस हालत पर काबू पाया और आग को बुझाया गया.

आईजी विजय सिंह मीणा ने बताया कि इस मामले में 58 नामजद और 100 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और 35 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

उन्होंने कहा कि गांव में पीएसी व चार थानों की पुलिस को तैनात कर दिया गया है. गांव में स्थिति काबू में है और घटना की जांच करायी जा रही है. आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

हालांकि इस बीच आरोपी पक्ष का कहना है कि विवाद के दौरान ग्रामीणों ने खुद अपने मड़हे में आग लगाई है.

न्यूज़ 18 के मुताबिक भदेठी निवासी राजेश ने सरायख्वाज़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई है. उसमें कहा गया है कि पहले उनके भाई के साथ बकरी चराने को लेकर विवाद हुआ था और उनके भाई के साथ मारपीट की थी.

फिर देर रात उनके घरों पर हमला किया और आग लगा दी. इस हमले में कई लोग घायल हो गए और 10 घरों का सामान जल गया. आगजनी में बकरी और भैंस के बछड़े भी जलकर मर गए.

मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 147, 148, 149, 307, 452, 323, 504, 506, 436, 427, 429, 34, 188, 269 के अलावा आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम 1932 की धारा 7, एससी/एसटी एक्ट, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनयिम 1984 की धारा 3, महामारी अधिनियम, 1897 की धारा 3 और आपदा प्रबंधन अधिनयिम 2005 की धारा 51 के तहत केस दर्ज किया है.

वहीं, मुख्यमंत्री निर्देश दिया है कि स्थानीय एसएचओ ने लापरवाही बरती है, उनके विरुद्ध तत्काल विभागीय कार्रवाई हो.

साथ ही, मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा की है. इसके अलावा समाज कल्याण विभाग की तरफ से एक लाख रुपये की सहायता अलग से मिलेगी. सात पीड़ित परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिया जाएगा.