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एमपी: केंद्रीय मंत्री के जन्मदिन पर सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन, पूर्व भाजपा विधायक पर केस

इंदौर में 12 जून को केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के जन्मदिन पर पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता की अगुवाई में कमला नेहरू कॉलोनी में अनाज वितरण कार्यक्रम किया गया, जहां लोगों द्वारा राशन की छीनाझपटी देखने को मिली. इस कॉलोनी में तीन कोरोना हॉटस्पॉट हैं.

केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के जन्मदिन पर अनाज वितरण कार्यक्रम का आयोजन करते पूर्व भाजपा विधायक सुदर्शन गुप्ता. (स्क्रीनशॉट: @Sudarshanguptaa)

केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के जन्मदिन पर अनाज वितरण कार्यक्रम का आयोजन करते पूर्व भाजपा विधायक सुदर्शन गुप्ता. (स्क्रीनशॉट : @Sudarshanguptaa)

इंदौर: कोरोना वायरस की महामारी के बीच लागू लॉकडाउन के दौरान न तो राजनीतिक कार्यक्रमों पर रोक लग रही है और न उनमें सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन सही से हो रहा है.

मध्य प्रदेश का इंदौर शहर देश में कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल है. हालांकि सामने आई एक हालिया घटना को देखकर लगता है कि राज्य सरकार और भाजपा नेता इससे बिल्कुल बेपरवाह हैं.

इस जिले में 12 जून को केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के 63वें जन्मदिन को भाजपा कार्यकर्ता सेवा संकल्प दिवस के रूप में मना रहे थे.

इसके तहत पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता की अगुवाई में भाजपा नेताओं ने अनाज वितरण कार्यक्रम का आयोजित किया था, जहां भोजन सामग्री के लिए यहां आए लोगों में छीनाझपटी हुई. यह बात सामने आने के बाद पुलिस ने सुदर्शन गुप्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है.

12 जून को कमला नेहरू कॉलोनी के एक खुले मैदान में 2,000 जरूरतमंद परिवारों को राशन बांटने का कार्यक्रम किया गया, जहां बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थीं.

चश्मदीदों के मुताबिक कार्यक्रम में कुछ देर तक तो व्यवस्थित तरीके से राशन बंटता रहा, लेकिन बाद में जरूरतमंदों के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने राशन के लिए लूट मचाते हुए बुरी तरह छीनाझपटी शुरू कर दी.

एनडीटीवी के अनुसार, कमला नेहरू कॉलोनी में कोरोना हॉटस्पॉट के तीन जोन हैं. कार्यक्रम के बाद सुदर्शन गुप्ता ने कहा, ‘हमारे कार्यकर्ताओं ने खाद्यान्न वितरण का आयोजन किया था, सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे इसके लिए पहले से ही कार्यकर्ताओं ने तैयारी कर रखी थी. 4-4 फीट के गोल घेरे बनाकर उनमें परिवार के एक-एक सदस्यों को बैठाया गया था.’

उन्होंने कहा, ‘एक-एक परिवार को बुलवाकर राशन किट दी जा रही थी. टोकन वितरण किया था उसके अनुसार ही राशन बांटा जा रहा था लेकिन जिनके पास टोकन नहीं था वो बीच में आए जिससे अव्यवस्था हुई, जिसे नियंत्रित कर लिया गया. हम खेद व्यक्त करते हैं, भविष्य में ऐसा न हो ये सुनिश्चित करेंगे.’

वहीं मल्हारगंज पुलिस थाने के प्रभारी संजय मिश्रा ने शनिवार को बताया कि पहले इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 (किसी सरकारी अधिकारी का आदेश नहीं मानना) के तहत शुक्रवार देर रात प्राथमिकी दर्ज की गयी थी, लेकिन जांच में राशन वितरण कार्यक्रम के आयोजन से गुप्ता के जुड़े होने की बात सामने आने पर प्राथमिकी में आरोपी के रूप में उनका नाम जोड़ा गया है.

उन्होंने बताया, ‘जांच में हमें पता चला है कि राशन वितरण कार्यक्रम के लिए प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गयी थी. इस कार्यक्रम के आयोजन से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है.’

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि गुप्ता की अगुवाई में आयोजित राशन वितरण कार्यक्रम में भाजपा नेताओं ने शहर में कोविड-19 के प्रकोप के बावजूद अनियंत्रित तरीके से भीड़ जुटायी और सस्ती वाहवाही लूटने के लिए सैकड़ों लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया.

कांग्रेस ने पुलिस पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को चेतावनी दी थी कि अगर पूर्व भाजपा विधायक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी, तो वह शहर में आंदोलन करेगी.

इससे पहले 26 मई को केंद्र सरकार में कृषि एवं ग्रामीण पंचायत विकास मंत्री तोमर के श्‍योपुर में आयोजित कार्यक्रम में भी सोशल डिस्‍टेंसिंग की इसी तरह अनदेखी हुई थी.

तोमर मई माह के अंतिम सप्‍ताह में मध्य प्रदेश के श्योपुर में एक कार्यक्रम में कोरोना वॉरियर्स का सम्मान करने पहुंचे थे. उनके रेस्ट हाउस पहुंचते ही उनसे मिलने जिले के भाजपा पदाधिकारियों सहित बड़ी तादाद में कार्यकर्ताओं का जमावड़ा हो गया था. मंत्री ने इस दौरान एक बार भी उन्हें दूर रहने की कहते नहीं दिखे थे.

बता दें कि मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की तादाद 10,443 तक पहुंच गई है, जिसमें सबसे ज्यादा 3972 संक्रमित इंदौर में हैं, सबसे ज्यादा 164 मरीज़ों की मौत भी इंदौर में ही हुई है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)