भारत

भारत शांति चाहता है लेकिन उकसावे का जवाब देने में सक्षम है: नरेंद्र मोदी

लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक टकराव में 20 भारतीय जवानों के शहीद होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं देश को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. हमारे लिए भारत की अखंडता और संप्रभुता सर्वोच्च है.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi paying tributes to the Martyrs during the Virtual Conference with the Chief Ministers, in New Delhi on June 17, 2020.

बुधवार को एक बैठक से पहले शहीदों को श्रृद्धांजलि देते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: पीआईबी)

लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक टकराव में 20 भारतीय जवानों के शहीद होने का मामला सामने आने के बाद पहली बार बोलते हुए बुधवार दोपहर को प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘मैं देश को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि हमारे जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. हमारे लिए भारत की अखंडता और संप्रभुता सर्वोच्च है और इसकी रक्षा करने से हमें कोई भी रोक नहीं सकता है.’

उन्होंने कहा, ‘इस बारे में किसी को भी भ्रम और संदेह नहीं होना चाहिए. भारत शांति चाहता है लेकिन उकसाने पर हर हाल में यथोचित जवाब देने में सक्षम है. हमारे दिवंगत और शहीद जवान मारते-मारते मरे हैं और देश को इस पर गर्व होगा.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-चीन सीमा पर हालात को लेकर चर्चा करने के लिए 19 जून को सर्वदलीय डिजिटल बैठक भी बुलाई है.

प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया, ‘भारत एवं चीन के सीमा क्षेत्रों में हालात को लेकर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जो 19 जून को अपराह्न पांच बजे होगी. इस डिजिटल बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के अध्यक्ष शामिल होंगे.’

वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीनी सेना के साथ हिंसक झड़प में शहीद हुए भारतीय जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए बुधवार को कहा कि गलवान घाटी में सैनिकों को गंवाना बहुत परेशान करने वाला और दुखद है.

सिंह ने ट्वीट किया कि भारतीय जवानों ने कर्तव्य का पालन करते हुए अदम्य साहस एवं वीरता का प्रदर्शन किया और अपनी जान न्योछावर कर दी.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘देश अपने सैनिकों की बहादुरी और बलिदान को कभी नहीं भूलेगा. शहीद सैनिकों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं. देश इस मुश्किल समय में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है. हमें भारत के वीरों की बहादुरी और साहस पर गर्व है.’

गलवान में हुई झड़प में चीन के 35 जवान हताहत हुए: सूत्र

पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय सेना के साथ हिंसक झड़प में चीनी सेना के 35 जवान हताहत हुए हैं.

आधिकारिक सूत्रों ने अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों के हवाले से बुधवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस संख्या में मारे गए जवान और घायल हुए जवान दोनों शामिल हो सकते हैं.

सूत्रों ने अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों के हवाले से कहा कि चीनी पक्ष के 35 जवान हताहत हुए हैं. चीन ने झड़प में अपनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के हताहत हुए जवानों के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं दी है.

भारत और चीन के बीच हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं: अमेरिका

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिका पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है और वह उम्मीद करता है कि विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से हल कर लिया जाएगा.

विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत और चीन की सेनाओं के बीच हालात पर हम करीब से नजर रख रहे हैं.’

उन्होंने कहा, ‘भारतीय सेना ने घोषणा की है कि उसके 20 सैनिक मारे गए हैं. हम उनके परिजन के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं.’

प्रवक्ता ने कहा कि भारत और चीन दोनों ही देशों ने तनाव कम करने की इच्छा जताई है और अमेरिका वर्तमान हालात के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करता है.

उन्होंने कहा, ‘(अमेरिका के) राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच दो जून 2020 को फोन पर हुई बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और चीन सीमा के हालात पर चर्चा की थी.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)