राजनीति

राज्यसभा चुनाव: गुजरात में भाजपा को तीन, कांग्रेस को एक सीट, आंध्र में वाईएसआर कांग्रेस का दबदबा

दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया, शीबू सोरेन और केसी वेणुगोपाल जैसे अनुभवी नेताओं ने जीत दर्ज की. राज्यसभा की 19 सीटों के लिए आठ राज्यों में चुनाव हुए थे.

New Delhi: Monsoon clouds hover over the Parliament House, in New Delhi on Monday, July 23, 2018.(PTI Photo/Atul Yadav) (PTI7_23_2018_000111B)

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: राज्यसभा की 19 सीटों के लिए शुक्रवार को आठ राज्यों में हुए चुनाव में दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया और शिबू सोरेन जैसे अनुभवी नेता आसानी से निर्वाचित हो गए. आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस ने सभी चार सीटों पर जीत हासिल की.

कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर सभी एहतियाती उपायों के बीच आठ राज्यों में 19 सीटों के लिए मतदान हुआ. मध्य प्रदेश और राजस्थान में दो विधायक क्वारंटीन में थे और वे पीपीई किट पहनकर मतदान करने आए.

गुजरात में भाजपा तीन सीटों पर जीत गई, जबकि एक सीट पर कांग्रेस विजयी हुई.

मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए हुए चुनाव में भाजपा ने अपनी दो सीटें बरकरार रखी हैं, जबकि एक सीट कांग्रेस ने जीती.

राजस्थान में कांग्रेस ने दो सीटें जीतीं. झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा और भाजपा ने एक-एक सीट जीती, जबकि मेघालय और मिजोरम में सत्तारूढ़ गठबंधन के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की.

मणिपुर में राज्यसभा की एक सीट के लिए हुआ चुनाव राजनीतिक घटनाक्रम से भरा रहा. चुनाव में भाजपा उम्मीदवार लिसेम्बा सानाजाओबा ने जीत हासिल की. उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार टी. मांगी बाबू को हराकर चुनाव जीता. अधिकारियों ने बताया कि सानाजाओबा को 28 वोट मिले जबकि बाबू को 24 वोट मिले.

गुजरात में भाजपा ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस ने एक सीट जीती. भाजपा के अभय भारद्वाज, रामिलाबेन बारा और नरहरि अमीन के अलावा कांग्रेस के शक्ति सिंह गोहिल विजयी हुए. पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के उम्मीदवार भरत सिंह सोलंकी चुनाव हार गए.

गुजरात में राज्यसभा की चार सीटों के लिए मतों की गिनती में देरी हुई, क्योंकि कांग्रेस की मांग थी कि निर्वाचन आयोग विभिन्न आधार पर भाजपा के दो मतों को अमान्य करार दे.

निर्वाचन आयोग ने मांग को खारिज कर दिया और पर्यवेक्षक द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट को बरकरार रखा.

राजस्थान में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने दो सीटें जीतीं, जबकि एक सीट भाजपा के खाते में गई. कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल व नीरज डांगी तथा भाजपा के राजेंद्र गहलोत ने जीत दर्ज की.

भाजपा के दूसरे प्रत्याशी ओंकार सिंह लखावत थे जो चुनाव हार गए.

राजस्थान में कुल 200 विधायकों में से 198 ने मतदान किया. कांग्रेस के भंवर लाल मेघवाल गुड़गांव के अस्पताल में भर्ती हैं, वहीं माकपा के गिरधारी लाल भी तबीयत खराब होने के कारण मतदान करने नहीं आए.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा, ‘कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और नीरज दांगी को चुनाव में मिली जीत के लिए बधाई. यह जीत सोनिया गांधी के नेतृत्व में पार्टी की विचारधारा, नीतियों और कार्यक्रमों की जीत है.’

राजस्थान से राज्यसभा की कुल 10 सीटें हैं. इस चुनाव परिणाम के बाद भाजपा की सात सीटें व कांग्रेस की तीन सीटें हो गई हैं.

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि राजस्थान में पार्टी की जीत राहुल गांधी के लिए जन्मदिन का उपहार है.

मतदान के दौरान कांग्रेस विधायक वाजिब अली ने पीपीई किट पहनकर मतदान किया. वाजिब अली हाल ही में ऑस्ट्रेलिया से लौटे हैं. भाजपा ने आपत्ति जताई कि विधायक एक ही दिन पहले विदेश से लौटे हैं.

इस बीच विधायक के खिलाफ कोरोना वायरस संक्रमण के बारे में गृह मंत्रालय व स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देशों का पालन नहीं करने की शिकायत पुलिस में की गई है. पुलिस ने कहा है कि उसे शिकायत मिली है, जिसकी जांच की जाएगी.

मध्य प्रदेश से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और भाजपा उम्मीदवार ज्योतिरादित्य सिंधिया और सुमेर सिंह सोलंकी ने जीत हासिल की. कांग्रेस के दूसरे उम्मीदवार और दलित नेता फूल सिंह बरैया चुनाव हार गए.

सिंह लगातार दूसरी बार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं. वहीं मध्य प्रदेश कांग्रेस में एक समय उनके प्रतिद्वंद्वी रहे सिंधिया पहली बार उच्च सदन में प्रवेश कर रहे हैं. सिंधिया अब भाजपा के साथ हैं.

झारखंड की दो सीटों पर झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने जीत दर्ज की. कांग्रेस प्रत्याशी शहजादा अनवर 18 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे.

आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस ने उम्मीद के मुताबिक राज्यसभा की चारों सीटों पर जीत हासिल कर ली. वाईएसआर से उप-मुख्यमंत्री पिल्ली सुभाष चंद्र बोस, मंत्री मोपिदेवी वेंकटरमन, उद्योगपति परिमल नाथवानी और रियल इस्टेट कारोबारी अयोध्या रामी रेड्डी विजयी रहे. सभी को 38-38 वोट मिले.

राज्य में विपक्षी तेलुगू देसम पार्टी को संख्या बल न होने के बावजूद चुनाव लड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था. पार्टी को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा. पार्टी की उम्मीदवार वरला रमैया को सिर्फ 17 वोट ही मिले.

मेघालय में सत्तारूढ़ मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस के उम्मीदवार वानवेई रॉय खरलुखी ने एकमात्र सीट पर जीत दर्ज की. उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार केनेडी खीरियम को 20 मतों के अंतर से हराया.

मिजोरम में सत्तारूढ़ मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) ने राज्य की एकमात्र सीट पर जीत हासिल की. एमएनएफ के के. वनललवेना ने 39 में 27 वोट हासिल किए, जबकि मुख्य विपक्षी दल जोराम पीपुल्स मूवमेंट के बी. लालछनजोवा को उनकी पार्टी के विधायकों से सिर्फ सात वोट ही मिल सकें.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)