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कोरोना वायरस: सरकार का फैसला, इस साल हज यात्रा के लिए सऊदी अरब नहीं भेजे जाएंगे श्रद्धालु

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर सऊदी अरब सरकार के फैसले का सम्मान करते हुए और लोगों के स्वास्थ्य और सलामती को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया गया है कि भारत से हज के लिए मुसलमानों को सऊदी अरब नहीं भेजा जाएगा.

(फोटो: रॉयटर्स)

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नई दिल्ली: कोरोना वायरस के मद्देनजर सऊदी अरब द्वारा बेहद सीमित संख्या में हज की अनुमति देने की घोषणा के एक दिन बाद मंगलवार को सरकार ने बिना किसी कटौती के श्रद्धालुओं द्वारा यात्रा के लिए किए गए भुगतान को लौटाने का फैसला किया है.

केंद्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने कहा है, ‘हमने फैसला किया है कि भारत से इस साल हज के लिए श्रद्धालुओं को सऊदी अरब नहीं भेजा जाएगा. 2.13 लाख श्रद्धालुओं द्वारा वहां जाने के आवेदन के लिए किया गया भुगतान बिना किसी कटौती के उन्हें वापस किया जाएगा.’

मुख़्तार अब्बास नक़वी ने बताया कि उन्हें सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्री डॉ. मोहम्मद सालेह बिन तहर बेनतेन का फोन आया कि भारत से इस बार हज यात्री न भेजे जाएं.

मुख़्तार अब्बास नक़वी ने ट्वीट कर कहा है, ‘हज 2020 के लिए तकरीबन 2 लाख 13 हजार आवेदन मिले हुए थे. बिना किसी कटौती के आवेदकों के पैसे लौटाने की प्रक्रिया आज से शुरू कर दी गई है. पैसे डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर के माध्यम से आवेदकों के खाते में ऑनलाइन भेजे जाएंगे.’

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री नक़वी ने कहा है, ‘कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर सऊदी अरब सरकार के फैसले का सम्मान करते हुए और लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया गया है कि भारत से मुसलमानों को हज के लिए सऊदी अरब नहीं भेजा जाएगा.’

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब ने बीते 22 जून को घोषणा की थी कि इस साल बहुत ही सीमित संख्या में लोगों को हज यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी. सरकार की ओर से कहा गया था विभिन्न देशों के ऐसे लोग जो सऊदी अरब में रह रहे हैं, उन्हें ही यात्रा की अनुमति होगी. हालांकि सरकार ने यह नहीं बताया कि कितनी संख्या में लोग इस बार हज यात्रा में शामिल होंगे.

उन्होंने कहा, ‘हज 2020 के लिए 2300 से अधिक मुस्लिम महिलाओं ने बिना मेहरम (पुरुष रिश्तेदार) के हज पर जाने के लिए आवेदन किया था, इन महिलाओं को हज 2021 में इसी आवेदन के आधार पर हज पर भेजा जाएगा, साथ ही अगले वर्ष भी जो महिलाएं बिना मेहरम हज हेतु नया आवेदन करेंगी उन सभी को भी हज यात्रा पर भेजा जाएगा.’

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के अंतर्गत 2018 में शुरू की गई बिना मेहरम महिलाओं को हज पर जाने की प्रक्रिया के तहत अब तक बिना मेहरम के हज पर जाने वाली महिलाओं की संख्या 3040 हो चुकी है.’

इस बार यह सालाना आयोजन जुलाई के आखिरी में शुरू होने वाला है. इसमें दुनिया भर के तकरीबन 20 लाख लोग मक्का में पांच दिन तक इबादत और अन्य धार्मिक रीति रिवाज़ों को पूरा करते हैं.