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कई देशों की कोरोना वायरस से अकेले निपटने की नीति इसे हरा नहीं पाएगी: संयुक्त राष्ट्र महासचिव

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा कि कोविड-19 चीन से शुरू होकर यूरोप, उत्तर अमेरिका और अब दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका और भारत में फैल गया है. इसके बावजूद इससे निपटने के मामले में देशों के बीच समन्वय का पूर्णतया अभाव है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस (फोटो: रॉयटर्स)

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस (फोटो: रॉयटर्स)

संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कोविड-19 वैश्विक महामारी से निपटने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के पूर्णतया अभाव की निंदा करते हुए सचेत किया है कि कई देशों की कोरोना वायरस से अकेले निपटने की नीति इस संक्रमण को हरा नहीं पाएगी.

गुतारेस ने समाचार एजेंसी ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि देशों को यह समझने की आवश्यकता है कि इस बीमारी से अकेले निपटने की कोशिश करके वे ऐसे हालात पैदा कर रहे हैं, जो बेकाबू होते जा रहे हैं और इस संक्रमण से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग सबसे महत्वपूर्ण है.’

उन्होंने कहा कि कोविड-19 चीन से शुरू होकर, यूरोप, फिर उत्तर अमेरिका और अब दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका और भारत में फैल गया है तथा कुछ लोग इसके किसी भी समय दोबारा जोर पकड़ने की आशंका जता रहे हैं.

गुतारेस ने कहा, ‘इसके बावजूद कोविड-19 से निपटने के मामले में देशों के बीच समन्वय का पूर्णतया अभाव है.’

उन्होंने कहा कि देशों को यह समझना आवश्यक है कि वे वैश्विक महामारी के इलाज, जांच तंत्र, टीका विकसित करने और उन तक सभी की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में समन्वित प्रयास करके इस संक्रमण को मात दे सकते हैं.

महासचिव ने कहा कि देश नौकरियां जाने, हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघन के मामले बढ़ने समेत कोविड-19 के कारण पैदा हुईं चुनौतियों से निपटने के लिए समन्वित राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक कदम उठाकर इस महामारी से असर को कम कर सकते हैं.

उन्होंने कहा, ‘निस्संदेह मैं मौजूदा समय में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के अभाव से हताश हूं, लेकिन मुझे उम्मीद है कि नई पीढ़ियां भविष्य में चीजें बदलने में सक्षम होंगी.’

गुतारेस ने कोविड-19 से निपटने के लिए संयम और विनम्रता से काम लेने पर जोर दिया. उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि हमें विनम्रता को बढ़ावा देने की आवश्यकता है क्योंकि हम केवल विनम्रता से ही अपने अवसर को समझेंगे. हमारे अवसर को समझते हुए हम सब एकजुटता और एकता से बेहतर काम कर पाएंगे.’

महासचिव ने कहा कि वे समाजों और समुदायों में एकजुटता का बड़ा आंदोलन देख रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘फिलहाल लोगों को कोविड-19 का टीका चाहिए, न कि देशों के बीच वाणिज्यिक विवाद ताकि सभी गरीबों को इसका लाभ मिल सके. मैं युवाओं की आवाज सुन रहा हूं, जिससे लगता है कि भविष्य में ऐसी महामारियों में बेहतर समन्यव के साथ काम किया जा सकता है.’

उन्होंने कहा यह महामारी दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय चुनौती है जिसका सामना करने के लिए अंतरराष्ट्रीय एकजुटता की आवश्यकता है.

उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए 23 मार्च को संयुक्त राष्ट्र ने सभी संघर्षों के लिए वैश्विक संघर्ष विराम का आह्वान किया गया था, लेकिन इसकी प्रतिक्रिया बहुत सीमित रही. इसके अलावा कोविड-19 के खिलाफ लड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय एकजुटता के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने बार-बार आह्वान किया है, लेकिन इसका भी कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं दिखा है.

उल्लेखनीय है कि दुनिया भर में कोरोना वायरस संक्रमण के 92 लाख से ज्यादा मामले सामने आए हैं और 4.77 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)