नॉर्थ ईस्ट

भाजपा सांसद के अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ के दावे पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर चल रहे गतिरोध के बीच कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि भाजपा सांसद तापिर गाव ने एक साक्षात्कार में अरुणाचल प्रदेश में 50-60 किलोमीटर क्षेत्र पर चीन की सेना के कब्ज़े का दावा किया है जिस पर सरकार को तत्काल स्पष्टीकरण देना चाहिए.

(फोटो: रॉयटर्स)

(फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर चल रहे तनाव के बीच भाजपा सांसद के अरुणाचल प्रदेश में भी चीनी सेना द्वारा घुसपैठ के दावों पर विपक्षी कांग्रेस ने केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, कांग्रेस ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के ऐसे मसलों पर चर्चा करने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए.

कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि भाजपा सांसद तापिर गाव ने अरुणाचल प्रदेश में 50-60 किलोमीटर क्षेत्र पर चीन की सेना के कब्जा करने का दावा किया है जिस पर सरकार को तत्काल स्पष्टीकरण देना चाहिए. मालूम हो कि गाव प्रदेश के अरुणाचल पूर्व संसदीय क्षेत्र के सांसद हैं.

पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने एक संवाददाता समेलन में सवाल भी किया कि सरकार को बताना चाहिए कि तापिर गाव की बात सही है या गलत है?

तिवारी ने कहा, ‘अरुणाचल पूर्व के सांसद तापिर गाव ने 18 जून को एक असमिया चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा था कि सुबानसरी नदी के दोनों तरफ जमीन जो भारतीय सीमा में है, उस पर चीन की सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने कब्जा कर लिया है, नदी के ऊपर पुल बना दिया है, पास में हेलीपैड और सड़क का निर्माण भी किया है.’

तिवारी ने दावा किया कि इस साक्षात्कार में भाजपा सांसद ने यह भी कहा कि चीन की पीएलए ने मैकमोहन रेखा के 10-12 किलोमीटर के अंदर माझा इलाके में स्थित भारतीय सेना के बेस पर भी कब्जा कर लिया है.

उन्होंने आगे कहा, ‘गाव ने यह भी कहा था कि पीएलए ने भारतीय सेना के एक बेस पर कब्ज़ा किया है… याद कीजिये कि सर्वदलीय बैठक में भरत के प्रधानमंत्री ने कहा था कि पीएलए द्वारा भारतीय सेना की किसी भी पोस्ट पर कब्ज़ा नहीं किया गया है. गाव की बात प्रधानमंत्री की बात के उलट नजर आती है… ‘

उन्होंने वीडियो लिंक के माध्यम से कहा, ‘लद्दाख में चीनी घुसपैठ की खबर आने के बाद से भाजपा नीत सरकार इसे नकारने और दबाने की कोशिश करती रही. अब भाजपा सांसद तापिर गाव ने जो कहा है, उस पर सरकार को सच्चाई बतानी चाहिए.’

तिवारी ने यह भी कहा कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि गाव ने ऐसा कोई खुलासा किया है… ये दावे बेहद गंभीर हैं.

उन्होंने पिछले साल 19 नवंबर को लोकसभा की कार्यवाही के दौरान शून्यकाल में तापिर गाव की ओर से उठाए गए मुद्दे का एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि अगर भाजपा सांसद ने यह कहा है कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश में 50-60 किलोमीटर क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है तो यह गंभीर बात है.

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘हम सरकार से जानना चाहते हैं कि तापिर गाव की बात सही है या गलत है? इसकी सच्चाई क्या है? सरकार की तरफ से इस पर तत्काल स्पष्टीकरण आना चाहिए.’

वहीं असम से कांग्रेस के सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश दूसरा डोकलाम नहीं होना चाहिए तथा लद्दाख और अन्य सभी क्षेत्रों में पूर्व की यथास्थिति बहाल होना चाहिए.

गोगोई ने कहा कि पूर्वोत्तर के राज्यों और सीमाओं को लेकर सरकार को और सतर्क रहना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘हमारा कहना है कि अरुणाचल प्रदेश या लद्दाख में जो हुआ, भारत सरकार उसे अकेली घटनाओं की तरह न देखे. यह एक बड़ी योजना है और हमें इसका जवाब देने की जरूरत है…’

कांग्रेस सांसद ने सोशल डिस्टेंसिंग और राष्ट्रीय सुरक्षा, दोनों का ध्यान रखते हुए संसद का विशेष सत्र रखने की मांग की है. उन्होंने आरोप भी लगाया, ‘प्रधानमंत्री अपनी छवि में इतने मस्त हैं कि उन्हें अर्थव्यवस्था और देश की सुरक्षा की स्थिति नहीं दिख रही है.’

वहीं मनीष तिवारी ने संसदीय समितियों को डिजिटल तरीके से मिलने की अनुमति न देने पर सरकार क आड़े हाथों लिया.

उन्होंने कहा, ‘यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत, रूस, चीन की शिखर वार्ता वर्चुअली हो सकती है, जी-20 और चीन पर सर्वदलीय बैठक ऑनलाइन हो सकते हैं, लेकिन संसदीय समितियों के मिलने की बात पर सरकार नियमों के पीछे छिप रही है…’

भारत-चीन गतिरोध के बाद से केंद्र सरकार पर हमलावर कांग्रेस पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत कई नेताओं द्वारा निशाना साधा जा रहा है.

भाजपा की आलोचना की शिकार कांग्रेस ने 26 जून को ‘शहीदों को सलाम दिवस’ मनाने का निर्णय किया है. पार्टी द्वारा मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि देने के कार्यक्रम किये जाएंगे, साथ ही ‘स्पीक अप फॉर अवर जवांस’ (Speak up for our jawans) नाम का ऑनलाइन अभियान भी शुरू किया जाएगा.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)