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अनलॉक 2: बंद रहेंगे शिक्षण संस्थान, मेट्रो-सिनेमाघर, घरेलू उड़ानों-ट्रेन सेवाओं का होगा विस्तार

‘अनलॉक-2’ के दिशा-निर्देश 01 जुलाई से 31 जुलाई तक लागू होंगे. इनके अनुसार सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, शिक्षण, सांस्कृतिक, धार्मिक कार्यक्रम और अन्य बड़े कार्यक्रमों को अभी मंज़ूरी नहीं मिलेगी.

Bengaluru: Sadar Patrappa road wears a deserted look as the state government announced strict lockdown due to surge in COVID-19 cases in the area, in Bengaluru, Saturday, June 27, 2020. (PTI Photo/Shailendra Bhojak)(PTI27-06-2020 000191B)

(फाइल फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बीते सोमवार रात ‘अनलॉक-2’ के लिए दिशा-निर्देश जारी किए और कहा कि शैक्षणिक संस्थान, मेट्रो रेल सेवाएं, सिनेमाघर तथा जिम अभी बंद रहेंगे.

दिशा-निर्देशों में कहा गया कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानें (वंदे भारत मिशन के तहत), जो अभी सीमित रूप में जारी हैं, का चरणबद्ध तरीके से विस्तार किया जाएगा.

गृह मंत्रालय ने कहा कि नए दिशा-निर्देश एक जुलाई से प्रभावी होंगे और चरणबद्ध रूप से गतिविधियां दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया विस्तारित कर दी गई है.

कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से लागू लॉकडाउन में ढील देने के क्रम में पूर्व में ‘अनलॉक-1’ के तहत कुछ ढील दी गई थीं और अब सरकार ने ‘अनलॉक-2’ की घोषणा की है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ‘अनलॉक-2’ के तहत व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए जो 30 जून को ‘अनलॉक-1’ के पूरा होने के बाद एक जुलाई से लागू होंगे.

केंद्रीय गृह मंत्रालय के सचिव अजय भल्ला द्वारा हस्ताक्षरित नए दिशा-निर्देशों के अनुसार जारी किए गए दिशा-निर्देश राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से मिले फीडबैक तथा संबंधित केंद्रीय मंत्रियों और विभागों के साथ गहन विचार-विमर्श पर आधारित हैं.

आवश्यक गतिविधियों को छोड़कर रात्रिकालीन कर्फ्यू रात 10 बजे से सुबह पांच बजे तक जारी रहेगा.

नए दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि मेट्रो रेल, सिनेमाघर, जिम, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थिएटर, बार, ऑडिटोरियम, असेंबली हॉल और ऐसे अन्य स्थल भी अभी बंद रहेंगे.

इसी तरह सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, शिक्षण, सांस्कृतिक, धार्मिक कार्यक्रम और अन्य बड़े कार्यक्रमों को अभी मंजूरी नहीं मिलेगी.

गृह मंत्रालय ने कहा कि इन्हें खोलने की तारीख स्थिति के आकलन के बाद अलग से तय की जाएगी. इसने कहा, ‘निषिद्ध क्षेत्रों में 31 जुलाई तक लॉकडाउन का कड़ा क्रियान्वयन जारी रहेगा.’

कोविड-19 के प्रसार को रोकने के मद्देनजर राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों पर विचार करने के बाद इन क्षेत्रों का चिह्नीकरण सावधानी से करने की आवश्यकता है.’

दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि निषिद्ध क्षेत्रों के भीतर केवल आवश्यक गतिविधियों को अनुमति होगी.

रात्रिकालीन कर्फ्यू में और ढील दी गई है, जो कि औद्योगिक इकाइयों में विभिन्न पालियों में काम करने वालों, राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर लोगों तथा सामान के आवागमन, माल उतारने-चढ़ाने, बसों, ट्रेनों और विमानों से उतरने के बाद अपने गंतव्यों की ओर जाने वाले लोगों को राहत देगी.

दुकानों में उनके क्षेत्र के आधार पर एक बार में पांच से अधिक लोग हो सकते हैं. हालांकि उन्हें उचित भौतिक दूरी रखनी होगी.

केंद्र और राज्य सरकारों के प्रशिक्षण संस्थानों को 15 जुलाई से काम करने की अनुमति होगी. इस संबंध में केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय एक मानक संचालन प्रक्रिया जारी करेगा.

गृह मंत्रालय ने कहा कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ गहन विचार-विमर्श के बाद यह तय किया गया है कि स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान अभी 31 जुलाई तक बंद रहेंगे.

राज्य और केंद्र शासित प्रदेश स्थिति के आकलन के आधार पर निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर कुछ गतिविधियों को प्रतिबंधित कर सकते हैं या आवश्यक होने पर ऐसे प्रतिबंध लगा सकते हैं.

एक राज्य से दूसरे राज्य में लोगों और माल के आवागमन पर कोई रोक नहीं होगी और इसके लिए अलग से अनुमति या ई-पास की आवश्यकता नहीं होगी. कोविड-19 प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय दिशा-निर्देश देश भर में जारी रहेंगे.

दुकानों में ग्राहकों को एक-दूसरे से पर्याप्त भौतिक दूरी रखनी होगी. गृह मंत्रालय राष्ट्रीय निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करेगा.

इसके अलावा 65 साल से अधिक आयु के लोगों, किन्हीं बीमारियों से पीड़ित लोगों, गर्भवती महिलाओं, 10 साल से कम उम्र के बच्चों को किसी बेहद जरूरी काम और स्वास्थ्य उद्देश्यों को छोड़कर, घरों में ही रहने की सलाह दी गई है.

गृह मंत्रालय ने कहा कि आरोग्य सेतु ऐप को बढ़ावा दिया जाएगा.

यात्रियों और श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का आवागमन, देश से बाहर फंसे भारतीय नागरिकों का आवागमन, विशिष्ट लोगों की विदेश यात्रा, विदेशी नागरिकों को निकालना, समुद्री उद्देश्य कार्य एसओपी के अनुसार जारी रहेंगे.

किसी शादी में अतिथियों की संख्या 50 से ज्यादा नहीं होगी. वहीं, अंतिम संस्कार के कार्यकम में 20 से अधिक लोग शामिल नहीं होने चाहिए. सार्वजनिक स्थलों पर थूकना दंडनीय रहेगा.

गृह मंत्रालय ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर शराब, गुटखा-पान, तंबाकू सेवन निषिद्ध रहेगा. इसने कहा कि जहां तक संभव हो, कर्मचारियों को घर से काम करने दिया जाना चाहिए.