नॉर्थ ईस्ट

असम के 33 में से 25 ज़िले बाढ़ की चपेट में, अब तक 22 की मौत, 13 लाख लोग प्रभावित

असम के बरपेटा, दक्षिण सालमारा और नलबाड़ी ज़िले बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं. तक़रीबन 27,500 लोग 12 ज़िलों के 273 राहत शिविरों में रह रहे हैं.

Villagers row a makeshift raft through a flooded field to reach a safer place at the flood-affected Mayong village in Morigaon district, in the northeastern state of Assam, India, June 29, 2020. REUTERS/Anuwar Hazarika

बीते सोमवार को असम के मोरीगांव जिले के बाढ़ग्रस्त मयॉन्ग गांव से निकलता एक परिवार. (फोटो: रॉयटर्स)

गुवाहाटी: असम के 33 में से 25 जिले बीते सोमवार को बाढ़ की चपेट में आ गए तथा बाढ़ के कारण चार और लोगों के मरने के कारण अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने यह जानकारी दी.

इस बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश जारी है.

प्राधिकरण के अनुसार, डिब्रूगढ़ में दो तथा बरपेटा एवं गोआलपाड़ा जिलों में एक-एक व्यक्ति की जान चली गयी.

धेमाजी, लखीमपुर, उदालगिरि, चिरांग, दरांग, नलबाड़ी, बरपेटा, बोंगाईगांव, कोकराझाड़, धुबरी, दक्षिण सालमारा, गोआलपाड़ा, कामरूप, कामरूप (मेट्रो), मोरीगांव, होजाई, नगांव, गोलाघाट, जोरहाट, माजुली, शिबसागर, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया और पश्चिमी कर्बी आंगलोंग जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं.

प्राधिकरण के अनुसार, बराक घाटी को छोड़कर राज्य के अधिकांश हिस्सों के 72 राजस्व क्षेत्रों में 2,402 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं. बाढ़ से विभिन्न जिलों के तकरीबन 13 लाख लोग प्रभावित हैं.

बरपेटा, दक्षिण सालमारा और नलबाड़ी जिले बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं. तकरीबन 27,500 लोग 12 जिलों के 273 राहत शिविरों में रह रहे हैं.

बाढ़ की सबसे अधिक मार बरपेटा पर पड़ी है, जहां तीन लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. दक्षिण सालमारा में 1.95 लाख, नलबाड़ी में 1.17 लाख तथा मोरीगांव एवं धेमाजी जिले में एक-एक लाख लोग बाढ़ से बेहाल हैं.

बाढ़ में 10,200 से अधिक लोग फंसे हुए हैं, जिन्हें आपदा प्रबंधन के कर्मचारी निकालने में लगे हुए हैं. बाढ़ के कारण 83,168 हेक्टेयर की फसल डूब गई है.

ब्रह्मपुत्र नदी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. उसकी सहायक नदियां भी उफान पर हैं.

एएसडीएम की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, बाढ़ के कारण दो राष्ट्रीय अभयारण्य भी प्रभावित हुए हैं. काजीरंगा राष्ट्रीय अभयारण्य में वन अधिकारियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे 203 शिविरों में से 146 बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, नौ शिविरों को खाली करा दिया गया है. ओरांग में कुल 40 शिविरों में 22 प्रभावित हुए हैं.

हिंदुस्तान टाइम्स ने केंद्रीय जल आयोग के हवाले से बताया है कि ब्रह्मपुत्र नदी नेमतीघाट, तेजपुर, गुवाहाटी, गोआलपाड़ा और धुबरी में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. राज्य की सात अन्य नदियां भी विभिन्न जगहों पर लाल निशान के ऊपर बह रही हैं.

बीते मई महीने में असम में बाढ़ से 11 जिलों 321 गांवों में लगभग तीन लाख लोग प्रभावित हुए थे. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया था कि गोआलपाड़ा जिला बाढ़ से सर्वाधिक हुआ था, जहां से दो लाख से अधिक लोगों को विस्थापित किया गया था. दीमा हजाओ ज़िले में तीन गांवों में भूस्खलन ने 18 घर नष्ट हुए थे, अन्य जगहों पर तीन पुल बह गए और करीब 240 किमी सड़कें क्षतिग्रस्त, अवरुद्ध या जलमग्न थे.

बीते दो जून को असम की बराक घाटी स्थित हैलाकांडी, करीमगंज और सिलचर जिलों में भारी बारिश की वजह से हुए भूस्खलन की चपेट में आने से कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)