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चीन ने हांगकांग में अलगाववाद के ख़िलाफ़ कार्रवाई से संबंधित विवादित क़ानून को मंज़ूरी दी

वैश्विक आक्रोश और हांगकांग में नाराज़गी के बीच चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने विवादित राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून पर हस्ताक्षर कर दिए, जो कि हांगकांग के संबंध में बीजिंग को नई शक्तियां प्रदान करता है.

चीन के विवादित राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को लेकर हांगकांग में लगातार विरोध प्रदर्शन होता रहा है. (फोटो: रॉयटर्स)

चीन के विवादित राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को लेकर हांगकांग में लगातार विरोध प्रदर्शन होता रहा है. (फोटो: रॉयटर्स)

हांगकांग/बीजिंग: चीन ने हांगकांग में अलगाववाद और पृथकतावादी गतिविधियों में शामिल लोगों पर कार्रवाई करने के लिए एक विवादित क़ानून को मंजूरी दे दी. इस कानून की वजह से लोगों में डर है कि इसका इस्तेमाल इस अर्धस्वायत्त क्षेत्र में विरोध की आवाजों को दबाने के लिए किया जा सकता है.

वैश्विक आक्रोश और हांगकांग में नाराजगी के बीच चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने मंगलवार को उस विवादित सुरक्षा कानून पर हस्ताक्षर कर दिए जो कि हांगकांग के संबंध में बीजिंग को नयी शक्तियां प्रदान करता है.

इस कानून के तहत चीनी सुरक्षा बलों की हांगकांग में मौजूदगी सुनिश्चित हो सकेगी.

मंगलवार को चीनी संसद की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) की 162 सदस्यीय स्थायी समिति ने सर्वसम्मति से हांगकांग के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को मंजूरी दे दी.

इसे मंजूरी दिए जाने के तुरंत बाद चिनफिंग ने इस कानून पर हस्ताक्षर किए जिसके साथ ही कानून लागू करने योग्य हो गया.

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, एक विवादित कानून एक जुलाई को लागू हो जाएगा. इसी तारीख को हांगकांग को ब्रिटिश शासन से चीन को सौंपा गया था. एक जुलाई को इसकी 23 वर्षगांठ थी.

मालूम हो कि हांगकांग ब्रिटिश उपनिवेश रहा है. साल 1997 में इसे ‘एक देश दो सरकार’ सिद्धांत के तहत चीन को सौंप दिया गया था. इस सिद्धांत के तहत हांगकांग को एक तरह की स्वायत्तता मिली हुई है.

हांगकांग का शासन 1200 सदस्यों की चुनाव समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा चलाया जाता है.

इस विवादित कानून में अलगाववाद, स्थापित सत्ता की शक्ति और अधिकार के खिलाफ तोड़फोड़ की गतिविधि, आतंकवाद और विदेशी ताकतों के साथ मिलीभगत को लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है.

चीनी संसद की स्थायी समिति में हांगकांग के एकमात्र प्रतिनिधि ताम यियू-चुंग ने भी संवाददाताओं से बातचीत में मंगलवार को इस बात की पुष्टि की कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून पारित हो गया है.

उन्होंने कहा कि इस कानून में मौत की सजा का प्रावधान नहीं है. हालांकि उन्होंने इसके बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी कि इस कानून के प्रावधान अतीत के घटनाक्रमों पर भी लागू होंगे (अर्थात क्या यह कानूनी पिछली तिथि से लागू होगा).

ताम ने साक्षात्कार में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह कानून लोगों को परेशानी खड़ी करने से रोकेगा. उन्होंने कहा, ‘हांगकांग का इस्तेमाल देश को बांटने के हथियार के तौर पर नहीं होने दें.’

‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ अखबार और सरकारी चैनल ‘आरटीएचके’ ने अनाम स्रोतों का हवाला देते हुए इससे पहले बताया था कि मंगलवार को संसद की स्थायी समिति ने सर्वसम्मति से हांगकांग के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को मंजूरी दे दी.

हांगकांग की नेता कैरी लाम ने संवाददाताओं के साथ सप्ताहिक बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून पर यह कहते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था कि स्थायी समिति की बैठक अभी चल रही है और ऐसे में कोई टिप्पणी करना ‘अनुचित’ होगा.

इस विवादित कानून के खिलाफ हांगकांग में लगातार विरोध प्रदर्शन होते आ रहे हैं. लोकतंत्र समर्थक लोगों का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य पूर्व में ब्रिटेन के उपनिवेश रहे हांगकांग पर चीन के नियंत्रण को और मजबूत करना है.

हांगकांग में लोकतंत्र के प्रख्यात समर्थक जोशुआ वांग, एग्नेश चाउ और नाथन लाउ ने फेसबुक पर बयान जारी करके यह संकेत दिया कि वे लोकतंत्र समर्थक संगठन डेमोसिस्टो से खुद को अलग कर सकते हैं.

वांग ने कहा कि वह अपनी जान और सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा मुद्दा बन चुका है और किसी को भी इस बारे में जानकारी नहीं है कि इस कानून के परिणाम क्या होंगे, लोगों को चीन प्रत्यर्पित किया जाएगा या उन्हें 10 साल तक की सजा या इससे ज्यादा की सजा हो सकती है.

मंगलवार को हांगकांग के मध्य कारोबारी जिले में एक लग्जरी मॉल के बाहर सैकड़ों की संख्या में लोग जमा हो गए और वे ‘हांगकांग को स्वतंत्र करने और अब क्रांति’ के नारे लगा रहे थे.

इनमें से कई ‘हांगकांग स्वतंत्रता’ वाले झंडे और पोस्टर अपने हाथों में लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की निंदा कर रहे थे. पुलिस ने बाद में इस मॉल वाले क्षेत्र की घेराबंद कर ली. लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है और तलाशियां हो रही हैं.

इस कानून का हांगकांग के भीतर काफी विरोध हो रहा है और ब्रिटेन, अमेरिका, यूरोपीय संघ सहित अन्य भी इसका विरोध कर रहे हैं.

ब्रिटेन ने कहा कि वह हांगकांग के 75 लाख लोगों में से करीब 30 लाख को रहने की पेशकश और संभवत: नागरिकता देने की पेशकश भी कर सकते हैं. हालांकि चीन ने इन सभी कदमों को उसके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बताया है.

चीन ने अमेरिका को नए हांगकांग सुरक्षा कानून को लेकर उस पर प्रतिबंध लगाने के खिलाफ चेतावनी दी

चीन ने मंगलवार को अमेरिका को नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को लेकर उस पर प्रतिबंध लगाने के खिलाफ चेतावनी दी और कहा कि बीजिंग अपने आवश्यक जवाबी उपायों के साथ पूरी तरह तैयार है.

एक बयान में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा कि बीजिंग के अपने नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को लेकर आगे बढ़ने के मद्देनजर वॉशिंगटन अमेरिका में निर्मित रक्षा उपकरणों को हांगकांग के लिए निर्यात करना बंद कर देगा और इसी तरह के प्रतिबंध रक्षा प्रौद्योगिकी को लेकर भी उठाएगा.

इस पर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा, ‘हांगकांग का राष्ट्रीय सुरक्षा कानून चीन का आंतरिक मामला है और किसी बाहरी देश को इसमें हस्तक्षेप को कोई अधिकार नहीं है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)