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लॉकडाउन: नोएडा में वेतन भुगतान को लेकर मज़दूरों का प्रदर्शन

नोएडा के सेक्टर-63 स्थित ओरियंट क्राफ्ट कंपनी का मामला. मज़दूरों का आरोप है कि पुलिस और जिला प्रशासन कंपनी मैनेजमेंट का पक्ष ले रहा है. कंपनी ने उन्हें कई महीनों से वेतन नहीं दिया है.

Noida Orient Craft

नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा में थाना फेस -3 क्षेत्र के सेक्टर 63 स्थित ओरियंट क्राफ्ट नामक कंपनी के सैकड़ों मजदूरों ने बुधवार सुबह वेतन की बात को लेकर हंगामा कर दिया. मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ उग्र हो गई. इस मामले में थाना फेस-3 पुलिस ने मामला दर्ज किया है.

अपर उपायुक्त (जोन द्वितीय) अंकुर अग्रवाल ने बताया कि थाना फेस-3 क्षेत्र के सेक्टर 63 में ओरिएंट क्राफ्ट नाम की कंपनी है. यहां काम करने वाले करीब 300 मजदूर वेतन की मांग को लेकर हंगामा करने लगे थे.

उन्होंने बताया कि मौके पर पहुंची पुलिस ने कंपनी के मैनेजमेंट तथा मजदूरों के बीच बातचीत कराई, लेकिन मजदूर उग्र हो गए.

उन्होंने बताया कि मजदूरों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी तो पुलिस ने आवश्यक बल प्रयोग कर भीड़ को वहां से हटाया. इस मामले में थाना फेस-3 में मजदूरों खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है.

पुलिस ने घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग की है उसके आधार पर हंगामा करने वालों की पहचान की जा रही है. इस मामले में पुलिस ने कुछ मजदूरों को हिरासत में लिया है.

वही़ं, मजदूरों का आरोप है कि पुलिस व जिला प्रशासन कंपनी मैनेजमेंट का पक्ष ले रहा है. उनका कहना है कि कंपनी ने काफी दिनों से उनका वेतन नहीं दिया. वेतन मांगने पर कंपनी के लोग उन्हें धमका रहे हैं. इसके बावजूद भी पुलिस व जिला प्रशासन मजदूरों की कोई बात नहीं सुन रहे.

जनसत्ता के मुताबिक एक मजदूर सुनीता ने कहा, ‘कई लोग दूसरा काम तलाश रहे हैं. हमें सिर्फ मार्च महीने तक का भुगतान किया गया था. अप्रैल में हम गए थे तो बताया गया कि कंपनी जुलाई से फिर खुल जाएगी. एक जुलाई को सुबह हम वहां गए तो देखा एक नोटिस लगा हुआ था, जिसमें कहा गया था कंपनी सितंबर में खुलेगी.’

उन्होंने कहा, ‘हमने कंपनी से स्पष्ट करने को कहा कि हमारी बकाया राशि कब तक मिलेगी और कंपनी कब खुलेगी. पुलिस मौके पर पहुंच गई और कंपनी के इशारे पर हमारे ऊपर लाठीचार्ज किया गया.

मजदूरों ने कहा कि वे किराये के मकानों में रहते हैं और बच्चों की फीस का भुगतान करने के लिए भी समर्थ नहीं हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि फर्म की दो अलग-अलग इकाइयों में 5,000 लोग काम करते थे लेकिन लॉकडाउन के कारण आधे लोग अपने गांवों को लौट गए हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)