भारत

बिहार में बिजली गिरने से 37 लोगों की मौत, अरुणाचल में भूस्खलन और बाढ़

असम और अरुणाचल प्रदेश में हालात नाज़ुक. अरुणाचल प्रदेश में तीन दिन से हो रही बारिश से प्रमुख नदियां ख़तरे के निशान से ऊपर.

Kaziranga: A man sails his boat in the flood-affected Kuthori village near Kaziranga National Park in Nagaon district of Assam on Monday. PTI Photo (PTI7_10_2017_000149A)

असम के नौगांव ज़िले में काज़ीरंगा नेशनल पार्क के पास स्थित बाढ़ प्रभावित कुथोरी गांव. (फोटो: पीटीआई)

पटना/ईटानगर: बिहार में पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश के दौरान आसमानी बिजली गिरने से उसकी चपेट में आकर मरने वालों की संख्या 37 पहुंच गई है.

आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्युष अमृत ने बताया कि रविवार से अब तक बिजली की चपेट में आकर मरने वालों में वैशाली और रोहतास ज़िलों में 55, पटना में 4, बक्सर में 3, सारण, नालंदा और भोजपुर में 22 और अररिया, औरंगाबाद, सिवान, गोपालगंज और समस्तीपुर में एक-एक व्यक्ति शामिल हैं.

उन्होंने बताया कि बिजली गिरने से मरने वाले के आश्रितों को सरकारी प्रावधान के तहत 8,37,744 रुपये अनुग्रह अनुदान के तौर पर दिया गया है.

अरुणाचल प्रदेश में एक बच्चे की मौत

उधर, अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार तीन दिन से हो रही मूसलाधार बारिश से भूस्खलन और बाढ़ के मामले सामने आ रहे हैं. इन घटनाओं में एक बच्चे की मौत होने की सूचना है.

अधिकारियों के मुताबिक राज्य की प्रमुख नदियां ख़तरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. अरुणाचल प्रदेश को असम के साथ जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 415 पर कई स्थानों पर सड़क संपर्क टूट गया है.

पुलिस के मुताबिक रविवार शाम यहां पुलिस कॉलोनी के पास तीन साल का एक बच्चा पानी में बह गया और बाद में उसका शव मिला.

ज़िला आपदा प्रबंधन अधिकारी मोरोमी सोनम ने कहा कि सिविल सचिवालय के पास भूस्खलन से रविवार को शहर के अंदर सड़क संपर्क लंबे वक़्त तक अवरुद्ध रहा.

Assam Flood PTI

बाढ़ की वजह से असम में काजीरंगा राष्ट्रीय वन्य जीव अभयारण्य के जानवर भी प्रभावित हुए हैं. (फोटो: पीटीआई)

ईटानगर नगर निगम के पार्षद गोरा लोतक ने कहा कि राजभवन के पास एक बिजलीघर को बहुत नुकसान पहुंचा है वहीं पार्षद डोनिक तायू ने कहा कि उप मुख्यमंत्री चौना मीन का निजी आवास भी भूस्खलन से प्रभावित हुआ है.

बारापानी, सेनकी व्यू और चंद्रनगर में नदियां ख़तरे के निशान से ऊपर बह रहीं हैं. अन्य प्रभावित ज़िलों में पापुम पारे, वेस्ट सियांग और तवांग हैं.

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिन तक और बारिश का पूर्वानुमान लगाया है.

असम और अरुणाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण दोनों राज्यों में बाढ़ एवं भूस्खलन की समस्या गंभीर हो गई है.

वहीं मणिपुर में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में राज्य के अधिकांश राजमार्ग बुरी तरह से प्रभावित होने के कारण यातायात पर बुरा असर पड़ा है. इससे राज्य में ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हुई है.

पूर्वोत्तर के राज्यों को केंद्र सरकार सहायता भेज रही है: रिजिजू 

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि बाढ़ और भूस्खलन की समस्या से जूझ रहे पूर्वोत्तर के राज्यों को केंद्र सरकार हरसंभव सहायता भेज रही है.

रिजिजू ने कहा कि पूर्वोत्तर के राज्यों के अधिकांश इलाके बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित हैं। इससे उत्पन्न हालात को सामान्य करने के लिये केन्द्र सरकार द्वारा बाढ़ राहत सहायता के अलावा मानव श्रम सहित अन्य सहायता भी भेजी जा रही है.

असम में बाढ़ से हालात बिगड़े, 26 की मौत और पांच लाख लोग प्रभावित

Bamboo Bridge at Ramkrishana Nagar Village in Karimganj district Assam PTI

असम के करीमगंज ज़िले के रामकृष्ण गांव में बांस के सहारे बाढ़ के पानी को पार करती एक महिला. (फोटो: पीटीआई)

गुवाहाटी: असम में बाढ़ से हालात दिनोंदिन बिगड़ते जा रहे हैं. असम में रविवार को बाढ़ से एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि राज्य के 15 ज़िले में तकरीबन पांच लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की एक रिपोर्ट के मुताबिक करीमगंज में बाढ़ के पानी में एक व्यक्ति की मौत हो गई. इसके साथ ही इस वर्ष बाढ़ से मरने वालों की संख्या 26 हो गई है जिनमें सात की मौत गुवाहाटी में हुई है.

एएसडीएमए ने कहा कि लखीमपुर, जोरहाट, गोलाघाट, कचार, धेमाजी, बिनाथ, करीमगंज, सोनीतपुर, माजुली, बारपेटा, नौगांव, नलबाड़ी, शिवसागर, मारीगांव और चिरांग ज़िले में 4.87 लाख से ज़्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं.

राज्य में बाढ़ से शनिवार तक 3.83 लाख लोग प्रभावित थे. एएसडीएमए ने कहा कि करीब 1096 गांव बाढ़ग्रस्त हैं और करीब 41 हज़ार 200 हेक्टेयर फसलों को क्षति पहुंची है.

मणिपुर में भूस्खलन से यातायात बाधित, वाहन फंसे

इंफाल: मणिपुर में मूसलाधार बारिश के कारण हुए भूस्खलन से यातायात गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है. राज्य में भूस्खलन के कारण यात्री बसें, मालवाहक ट्रक और ईंधन ले जाने वाले टैंकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर फंसे हुए हैं.

यह भूस्खलन रविवार को इंफाल-जिरि राष्ट्रीय राजमार्ग 37 पर स्थित तामेंगलांग ज़िले के सिनाम गांव में हुआ. भूस्खलन से करीब 200 मीटर सड़क ध्वस्त हो गई, जिससे मणिपुर की राजधानी समेत असम और नगालैंड को जोड़ने वाला रास्ता कट गया.

नगालैंड और असम से इंफाल जाने वाले वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग 37 पर फंसे हुए हैं. इंफाल-दिमापुर राजमार्ग संख्या 39 में रविवार को कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ था, जिसके बाद सेनापति ज़िले का यातायात प्रभावित हो गया था.

राष्ट्रीय राजमार्ग 39 मणिपुर के इंफाल-सेनापति ज़िले को नगालैंड के दिमापुर और असम से जोड़ता है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)