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आतंकी हमले की निंदा करने वाले कश्मीर के लोगों को सलाम: राजनाथ

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की.

New Delhi: Home Minister Rajnath Singh during the inauguration of two mobile applications “MHA Grievances Redressal App” & “BSFMyApp” at a function in New Delhi on Thursday. PTI Photo by Kamal Singh(PTI5_11_2017_000193B)

(फाइल फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और आतंकी हमले में सात अमरनाथ यात्रियों की मौत की पृष्ठभूमि में अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा बढ़ाए जाने का आदेश दिया.

राजनाथ ने कहा कि वह हमले से बेहद दुखी हैं और इस कायराना हमले की निंदा करते हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं अमरनाथ तीर्थयात्रियों की मौत से दुखी हूं और इसकी निंदा करने वाले कश्मीर के लोगों को सलाम करना चाहता हूं.’

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्री ने घंटे भर लंबी चली बैठक में कश्मीर घाटी खासकर पवित्र गुफा की ओर जाने वाले दो रास्तों में जारी हालात का जायजा लिया.

इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, गृह मंत्रालय के उच्चाधिकारी, खुफिया एजेंसियों तथा केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए.

इसमें अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा और भविष्य में ऐसे संभावित हमलों को रोकने के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई. सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्री ने अधिकारियों को यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया. यात्रा 29 जून से शुरू हुई थी, इसका समापन सात अगस्त को हेागा.

बैठक के तुरंत बाद, एनएसए ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बैठक में हुई चर्चा की जानकारी दी, साथ ही अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों के बारे में भी बताया.

गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय केंद्रीय दल अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा का आकलन करने के लिए जम्मू-कश्मीर दौरे पर है.

सीआरपीएफ के महानिदेशक आरआर भटनागर यात्रा मार्ग पर केंद्रीय बलों के तैनाती का निरीक्षण करने के लिए पहले ही श्रीनगर पहुंच चुके हैं. कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकियों ने सोमवार रात एक बस पर हमला कर सात अमरनाथ तीर्थयात्रियों की हत्या कर दी थी.

मृतकों में छह महिलाएं शामिल हैं. इस हमले में 19 लोग घायल हो गए थे. यात्रा मार्ग की सुरक्षा के लिए राज्य पुलिस बल के अलावा अर्द्धसैनिक बलों के 21,000 जवानों को तैनात किया गया है.

पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष अर्द्धसैनिक बलों के 9,500 अधिक जवान तैनात किए गए हैं. हालांकि जिस बस पर हमला हुआ वह उन वाहनों के काफिले का हिस्सा नहीं था जो पर्याप्त सुरक्षा के बीच अमरनाथ यात्रा पर है.

हमले के वक्त बस श्रीनगर से जम्मू जा रही थी. हमला अनंतनाग जिले में रात आठ बजकर बीस मिनट पर हुआ. पुलिस ने बताया कि बस चालक ने यात्रा के लिए तय नियमों का उल्लंघन किया है. नियमों के अनुसार शाम सात बजे के बाद हाईवे से सुरक्षा हटा ली जाती है इसलिए उस पर यात्रा के लिए किसी वाहन को जाने की इजाजत नहीं होती है.