राजनीति

विधायकों की ख़रीद-फ़रोख़्त की जा रही थी, हमारे पास सबूत हैं: अशोक गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि अच्छी अंग्रेज़ी बोलना, अच्छा बयान देना और हैंडसम होना ही सब कुछ नहीं होता है. यह नई पीढ़ी केंद्रीय मंत्री बनी, प्रदेश अध्यक्ष बनी,अगर वे देखेंगे हमने अपने समय में क्या कि तब उन्हें समझ में आएगा.

अशोक गहलोत. (फोटो: पीटीआई)

अशोक गहलोत. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: कांग्रेस के बागी नेता सचिन पायलट द्वारा भाजपा में न जाने की बात कहने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को एक बार फिर से कहा कि जयपुर में विधायकों की खरीद-फरोख्त की जा रही थी, हमारे पास सबूत हैं. हमें 10 दिनों तक लोगों को होटल में रखना पड़ा था और अगर हम ऐसा नहीं करते तो अभी जो मानेसर में हो रहा है वह तब होता.

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, उन्होंने कहा, ‘मैं राजनीति में 40 सालों से हूं. हम नई पीढ़ी से प्यार करते हैं और भविष्य उन्हीं का है. यह नई पीढ़ी केंद्रीय मंत्री बनी, प्रदेश अध्यक्ष बनी. अगर वे देखेंगे हमने अपने समय में क्या कि तब उन्हें समझ में आएगा.’

गहलोत ने आगे कहा, ‘अच्छी अंग्रेजी बोलना, अच्छा बयान देना और हैंडसम होना ही सब कुछ नहीं होता है. देश के लिए आपके दिल में क्या है, आपकी विचारधारा, नीति और प्रतिबद्धता हर चीज पर विचार किया जाता है.’

राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को संकट में डालने वाले कांग्रेस के बागी नेता सचिन पायलट ने बुधवार को कहा कि वे भाजपा में नहीं शामिल हो रहे हैं और अभी भी कांग्रेस पार्टी के सदस्य हैं.

पायलट ने कहा, ‘मैं भाजपा में शामिल नहीं हो रहा हूं. मैं यह साफ करना चाहता हूं कि भाजपा में शामिल होने की मेरी कोई इच्छा नहीं है. भाजपा के साथ मेरा संबंध जोड़कर मेरी छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है. मैं अभी भी कांग्रेस पार्टी का सदस्य हूं.’

उन्होंने कहा कि आगे क्या करना है, इस पर फैसला ले रहे हैं. मैं राजस्थान के लोगों की सेवा करना चाहता हूं. राजस्थान में कांग्रेस को सत्ता में वापस लाने के लिए मैंने बहुत मेहनत की है.

पायलट ने कहा था, ‘राहुल गांधी अब कांग्रेस अध्यक्ष नहीं हैं. पिछले साल उनके पद छोड़ने के बाद गहलोत जी और कांग्रेस में मेरे कई दोस्त मेरे ही खिलाफ एकजुट हो गए. तब से यह मेरे स्वाभिमान की रक्षा के लिए एक संघर्ष बन गया.’

गहलोत के साथ अपने मतभेदों पर पायलट ने कहा, ‘मैं उनसे गुस्सा नहीं हूं. मैं किसी विशेष शक्ति या विशेषाधिकार की मांग नहीं कर रहा हूं. मैं बस इतना चाहता था कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार ने चुनावों में जो वादे किए थे, उन्हें पूरा करने की दिशा में काम किया जाए.’

उन्होंने कहा, ‘उन्होंने (अशोक गहलोत) मुझे और मेरे समर्थकों को राजस्थान के विकास के लिए काम करने की गरिमा और स्थान नहीं दिया. नौकरशाहों को मेरे दिशानिर्देशों को मानने से मना कर दिया गया, फाइलें मेरे पास नहीं भेजी जाती थीं, कई महीनों तक कैबिनेट और सीएलपी (कांग्रेस विधायक दल) बैठकें नहीं की गईं. ऐसे पद का क्या फायदा जो लोगों से की गई मेरी प्रतिबद्धताओं को पूरा न करने दे.’

पायलट ने आगे कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को कई बार उठाया. उन्होंने कहा, ‘मैंने राजस्थान कांग्रेस प्रभारी और अन्य नेताओं को जानकारी दी. मैंने इसे गहलोत जी के साथ उठाया, लेकिन जैसा मैंने कहा कि बहुत मुश्किल से मंत्रियों या विधायकों की कोई बैठक होती थी. बहस और चर्चा के लिए कोई जगह नहीं थी.’

बता दें कि राजस्थान में पिछले चार दिनों से जारी सियासी घमासान के बीच 14 जुलाई को दूसरी बार बुलाई गई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों के शामिल नहीं होने के बाद पार्टी ने उन्हें उपमुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया. हालांकि, वे अभी भी पार्टी के सदस्य बने हुए हैं.

पायलट के साथ ही उनके दो समर्थकों विश्वेंदर सिंह और रमेश मीणा को भी राजस्थान कैबिनेट से हटा दिया गया.

सचिन पायलट माफी मांग लें तो बात बन सकती है: कांग्रेस महासचिव

कांग्रेस महासचिव और राजस्थान के प्रभारी अविनाश पांडे ने बुधवार को कहा कि अगर प्रदेश के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट अपनी ‘गलतियों’ के लिए माफी मांग लें तो बात बन सकती है, लेकिन हर चीज की समयसीमा होती है.

पायलट के बयान के बारे में पूछे जाने पर पांडे ने कहा, ‘भगवान उनको सद्बुद्धि दे. जिस पार्टी ने उनको पाला-पोसा और बड़ा किया वह उनसे एक जिम्मेदार नेता होने की अपेक्षा करती है. उनको मेरा यही संदेश है.’

उन्होंने यह आरोप फिर दोहराया कि अशोक गहलोत सरकार को गिराने की साजिश में पायलट शामिल थे. यह पूछे जाने पर कि क्या अब भी पायलट के लिए कांग्रेस में कोई गुंजाइश है तो उन्होंने कहा, ‘गुंजाइश क्यों नहीं होती? पांच दिनों से गुंजाइश ही गुंजाइश थी.’

फिर यह सवाल करने पर कि क्या अब भी पायलट के लिए दरवाजे खुले हुए हैं तो कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘दरवाजे हमेशा खुले रहते हैं, खुले हैं.’

अगर पायलट ‘सरकार गिराने की साजिश’ के लिए अपनी गलती स्वीकार कर लें और माफी मांग लें तो बात बन सकती है के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘निश्चित रूप से बन सकती है. लेकिन हर चीज की समयसीमा होती है. जो उन्होंने गलतियां की हैं अगर उनके लिए माफी मांग लेते हैं तो सब हो सकता है.’

पांडे ने कहा कि कांग्रेस ने सभी जिला कांग्रेस समितियों और ब्लॉक कांग्रेस समितियों को तत्काल प्रभाव से भंग करने का फैसला किया है. नई समितियों के गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी.

बता दें कि राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष ने सचिन पायलट सहित कांग्रेस पार्टी के 19 बागी विधायकों को नोटिस जारी किया है और शुक्रवार तक जवाब देने के लिए कहा है.

अगर बागी विधायक अयोग्य ठहरा दिए जाते हैं तो यह अशोक गहलोत सरकार के लिए फायदेमंद होगा, क्योंकि इससे सदन में बहुमत साबित करने की संख्या कम हो जाएगी.

ये जानकारी विधायकों को पत्र, ईमेल और उनके घरों पर नोटिस चस्पा करके दी गई है. ऐसा एक नोटिस कांग्रेस पार्टी ने विधायक हेमराम चौधरी के घर पर चस्पा किया है.

इस बीच, मंगलवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से विधानसभा में बहुमत साबित करने वाली भाजपा ने बुधवार को इससे इनकार कर दिया.

राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने कहा, हमें अभी इसकी आवश्यकता नहीं महसूस हो रही है. अगर ऐसा कुछ लगेगा तो पार्टी एक साथ बैठकर कोई फैसला लेगी.

उन्होंने यह भी कहा कि हमने सचिन पायलट के प्रेस कॉन्फ्रेंस के आधार पर एक बैठक तय की थी लेकिन अब उसे स्थगित कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि वसुंधरा राजे जी को शाम तक आने के लिए कहा गया है.

बता दें कि कांग्रेस में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच भाजपा ने बुधवार को एक बार फिर से बैठक बुलाई थी. बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम माथुर, प्रदेश अध्यक्ष सतीश पुनिया, नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया, राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव (संगठन) वी. सतीश और प्रदेश संगठन सचिव चंद्रशेखर के शामिल होने की उम्मीद थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)