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यूपी पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, विकास दुबे को फ़र्ज़ी मुठभेड़ में नहीं मारा गया

गैंगस्टर विकास दुबे और उसके सहयोगियों की मौत के मामले में यूपी पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपने जवाब में कहा है कि राज्य सरकार ने इस मामले में पूरी सक्रियता दिखाई और यह सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठाए कि घटना को लेकर कोई संदेह नहीं रहे.

विकास दुबे के कथित एनकाउंटर की जगह और पुलिस काफिले की दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी. (फोटो: पीटीआई)

विकास दुबे के कथित एनकाउंटर की जगह और पुलिस काफिले की दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्लीः उत्तर प्रदेश (यूपी) पुलिस का कहना है कि गैंगस्टर विकास दुबे की मुठभेड़ में हुई मौत को ‘फर्जी मुठभेड़’ में हुई मौत नहीं कहा जा सकता.

यूपी पुलिस ने विकास दुबे और उसके सहयोगियों की हत्या के संबंध में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दायर अपने जवाब में यह बात कही.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) ने यह भी कहा है कि राज्य सरकार ने इस मामले में पूरी सक्रियता दिखाई और यह सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठाए कि इस घटना को लेकर कोई संदेह नहीं रहे.

दुबे और उनके सहयोगियों की अदालत की निगरानी में जांच के लिए दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा.

इन याचिकाओं पर चीफ जस्टिस के नेतृत्व वाली पीठ सुनवाई करेगी. अदालत वकील घनश्याम उपाध्याय और अनूप प्रकाश अवस्थी, इन दो वकीलों द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है.

पुलिस के मुताबिक, मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तारी के एक दिन बाद 10 जुलाई को एक दुर्घटना में भागने की कोशिश के दौरान दुबे को मार गिराया गया. दुबे ने एक पुलिसकर्मी की बंदूक छीनकर गोली चलाई थी.

 

विकास दुबे दो जुलाई को कानपुर के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का मुख्य आरोपी है. वहीं, पुलिस विकास दुबे के चचेरे भाई शशि पांडेय की पत्नी मनु पर भी मामला दर्ज करने पर विचार कर रही है.

शशिकांत बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोपी   था, जिसे बाद में गिरफ्तार किया गया लेकिन पुलिस ने मुठभेड़ में उसे मार गिराया.

इस मामले में शशिकांत की पत्नी मनु का एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें मनु को कथित तौर पर फोन पर अपने ससुर से यह कहते हुए सुना जा सकता है कि विकास दुबे उनके घर आया था और उसने उनके पति (शशिकांत) को पुलिस के आने पर छत पर जाकर गोली चलाने को कहा है.

शशिकांत को बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उसके पिता प्रेम कुमार को भी पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया था.

मालूम हो कि दो जुलाई की देर रात उत्तर प्रदेश में कानपुर के चौबेपुर थानाक्षेत्र के बिकरू गांव में पुलिस की एक टीम गैंगस्टर विकास दुबे को पकड़ने गई थी, जब विकास और उसके साथियों ने पुलिस पर हमला कर दिया था.

इस मुठभेड़ में डिप्टी एसपी सहित आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी और दुबे फरार हो गया था.

पुलिस के मुताबिक, विकास दुबे को नौ जुलाई को मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार कर उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (यूपी-एसटीएफ) का दल अपने साथ कानपुर ला रहा था कि पुलिस दल की एक गाड़ी पलट गई.

पुलिस का कहना था कि इस दौरान विकास दुबे ने भागने की कोशिश की तो पुलिस को गोली चलानी पड़ी, जिसके बाद दुबे को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया.