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आंध्र प्रदेश: पुलिस पर दलित युवक का सिर मुंडवाने और पीटने का आरोप, उपनिरीक्षक गिरफ़्तार

आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी ज़िले के सीतानगरम पुलिस थाने का मामला. आरोप है कि सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के एक नेता ने रेत से लदी लॉरी को कथित तौर पर रोकने की वजह से शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने ऐसा किया.

पीड़ित दलित युवक (फोटो साभार: ट्वीटर @ncbn )

पीड़ित दलित युवक (फोटो साभार: ट्वीटर @ncbn )

अमरावती: आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में पुलिस द्वारा एक दलित युवक का कथित तौर पर सिर मुंडवाने और उसकी पिटाई करने का मामला सामने आया है.

आरोप है कि सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के एक नेता ने रेत से लदी लॉरी को कथित तौर पर रोकने की वजह से शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने ऐसा किया.

यह घटना मंगलवार को सामने आई, जिसको लेकर विपक्षी दलों ने नाराजगी जताई, जिसके बाद मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने इसे गंभीरता से लिया और पुलिस को फटकार लगाई.

बीबीसी तेलुगू  के मुताबिक पूर्वी गोदावरी जिला के राजमुंदरी के नज़दीक सीतानगरम पुलिस थाने में एक दलित युवक को बुरी तरह पीटने के अलावा उसका सिर मुंडवाकर अपमानित किया गया.

सीतानगरम पुलिस थाना क्षेत्र के मुनिकूडली गांव के पास हाल ही में एक ट्रक ने किसी व्यक्ति को टक्कर मारी थी. ट्रक में बालू ले जाया जा रहा था. इस हादसे को लेकर स्थानीय युवकों और ट्रक संचालकों के बीच झगड़ा हुआ था.

इस पर ट्रक संचालकों ने पुलिस में शिकायत दर्ज़ कराई. उसके बाद सीतानगरम थाने के पुलिसवालों ने वेंडुगामिल्ली प्रसाद नामक दलित युवक को पकड़कर थाना लाया.

पीड़ित का आरोप है कि थाने में उसे बुरी तरह पीटा गया और ट्रिमर के साथ सिर मुंडवा दिया. उसकी दाढी भी मुंडवा दी गई.

पीड़ित युवक का फिलहाल राजमुंदरी के सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है. पीड़ित युवक ने दो दिन पहले मीडिया को एक बयान दिया. उसमें उन्होंने अपनी आपबीती सुनाई.

उन्होंने कहा, ‘हमारे गांव में एक सड़क हादसा हुआ था. उसमें जो व्यक्ति घायल हुआ वो मेरा परिचित था. हम सब मिलकर उसे उठाने गए थे. चूंकि उसका पैर टूटा था इसलिए वह उठ नहीं पा रहा था. इससे कुछ देर के लिए सड़क पर यातायात रुक गई.’

युवक ने कहा, ‘इतने में के. कृष्णमूर्ति नाम का एक व्यक्ति अपनी कार में तेजी से आया और हॉर्न बजाने लगा. हमने कुछ देर के लिए रुकने को कहा तो उसने अचानक कार का दरवाजा खोल दिया जो मेरे नाक पर लगा और खून बहने लगा.’

पीड़ित ने आगे कहा, ‘मुझे गुस्सा आया और कार पर एक मुक्का मारा. उसने गंदी-गंदी गालियां बकने लगा. उसके बाद फोन कर उसने अपने 30-40 आदमियों को बुलाया. उन लोगों ने हमारी बस्ती के लोगों से खूब झगड़ा किया.’

उन्होंने बताया कि अगले दिन वह पुलिस थाना जाकर केस दर्ज करवाना चाहा, लेकिन दबंग लोगों से पंगा न लेने की बात कहकर उनकी मां ने मना कर दिया.

पीड़ित के मुताबिक, उसके बाद खुद उन्हीं लोगों ने केस दर्ज कराया. दूसरे दिन थाने से एसआई और पुलिस जवान आए थे और उन्हें घसीटते हुए थाना ले गए.

उन्होंने कहा, ‘मेरे बार-बार पूछने पर भी नहीं बताया कि मुझे क्यों ले जाया जा रहा है. टायर के बेल्ट जिसमें लकड़ी का टुकड़ा भी लगा हुआ था, उससे मुझे खूब मारा. मेरे पैरों को फैलाकर पकड़ लिया. जूतों से चेहरे पर मारा. पेट पर मारा. मेरे घुटनों पर चढ़ गए.’

पीड़ित ने आगे कहा, ‘वो मुझे मारते हुए पूछ रहे थे- जानते हो कि तुमने किससे पंगा लिया? तुम्हें शर्मिंदगी में जीना होगा. फांसी लगाकर मर जाओगे कहते हुए एसआई ने एक नाई को बुलाया और मेरा सिर मुंडवा दिया. दाढ़ी भी कटवा दी.’

पुलिस महानिदेशक डीजी सवांग ने कहा कि संबंधित पुलिस थाने के एक उप-निरीक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो कॉन्स्टेबल को निलंबित कर दिया गया है.

उन्होंने बताया कि एससी/एसटी (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम के तहत एक मामला दर्ज कर लिया गया है.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वाईएसआर कांग्रेस के नेता के. कृष्णमूर्ति द्वारा की गई शिकायत पर दलित युवक पर मामला दर्ज किया गया था.

डीजीपी ने चेतावनी दी कि इस तरह के कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कहा कि मामले में आगे कानूनी कदम उठाए जाएंगे.

इस घटना पर पूर्व मुख्यमंत्री और तेलगु देशम पार्टी के अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू ने सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि प्रदेश में जंगल राज आ गया है. यह सब वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेताओं के कहने पर हुआ है.

नायडू ने कहा, ‘यह घटना पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हुई है. युवकों को पीटकर उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई गई. राज्य में अवैध खनन का काम चल रहा है और अधिकारी भ्रष्ट सत्ताधारी पार्टी के हाथों का खिलौना बने हुए हैं.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)