भारत

बेंगलुरुः कोरोना संक्रमित मिलने के बाद टीन लगाकर सील किए घर, विवाद होने पर हटाया गया

घटना बेंगलुरु के डोम्लूर में हुई, जहां एक घरेलू सहायिका के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद दो फ्लैट्स के दरवाजे को बेंगलुरु महानगरपालिका ने टीन की शीट लगाकर सील कर दिया. तस्वीरें सोशल मीडिया पर आने पर हुई आलोचना के बाद इन्हें हटाया गया.

(फोटो साभार: ट्विटर)

(फोटो साभार: ट्विटर)

बेंगलुरुः कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में कोरोना संक्रमित घरों के दरवाजों को टीन से सील करने का मामला सामने आया है.

बेंगलुुरु मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरु के डोम्लूर में गुरुवार को दो घरों में कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद बेंगलुरु महानगरपालिका (बीबीएमपी) ने दोनों घरों के दरवाजों को टीन की शीट से सील कर दिया.

इसकी तस्वीरें ट्विटर पर शेयर की गईं, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ा. जिन दो घरों को सील किया गया है, उसमें से एक घर में एक महिला अपने दो छोटे बच्चों के साथ रहती हैं जबकि दूसरे घर में एक बुजुर्ग दंपति रहता है. दोनों घरों के दरवाजों को टीन की शीट से सील कर दिया गया.

इस घटना को अमानवीय और असंवेदनशील बताते हुए लोगों ने बीबीएमपी की आलोचना की, जिसके बाद बीबीएमपी ने अपने कर्मियों से इन टीन शीट को तत्काल हटाने को कहा.

बीबीएमपी के कमिश्नर एन. मंजूनाथ प्रसाद ने इस घटना में शामिल कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया और माफी मांगी.

बीबीएमपी के कमिश्नर एन. मंजूनाथ ने ट्वीट कर माफी मांगते हुए कहा, ‘मैंने मामले के सामने आने के बाद तुरंत इन बैरिकेड को हटाना सुनिश्चित किया. हम सभी मरीजों के साथ सम्मान के साथ व्यवहार किए जाने को लेकर प्रतिबद्ध हैं. इस तरह से रोकथाम करने का उद्देश्य संक्रमितों की सुरक्षा करना और असंक्रमित लोगों को भी सुरक्षा देना है. हम हर मुद्दे के समाधान के लिए प्रतिबद्ध हैं. स्थानीय स्टाफ के अति-उत्साही व्यवहार के लिए माफी मांगता हूं.’

जिन महिला के घर को टीन की शीट से सील किया गया, उनका कहना है, ‘उनकी घरेलू सहायिका कोरोना संक्रमित पाई गई थीं, उसमें किसी तरह के लक्षण नहीं थे. गुरुवार को सुबह लगभग 11 बजे मेरे घर को सील कर दिया गया. ट्विटर पर मामले के तूल पकड़ने के बाद उस दिन शाम में बीबीएमपी ने यह टीन की शीट हटाई.’

वहीं, बीबीएमपी ने इस गलती का ठीकरा एक ‘नौसिखिये’ पर फोड़ दिया है.

डोम्लूर के कॉरपोरेटर सीआर लक्ष्मीनारायण ने इसके लिए नए बढ़ई को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, ‘यह उस बढ़ई की गलती है, जिसे अपार्टमेंट सील करने को कहा गया था लेकिन उसने इसके लिए टेप का इस्तेमाल करने के बजाय किसी और चीज का इस्तेमाल किया. वहां के स्थानीय लोगों को उसे इस तरह से काम करने से रोकना चाहिए था. बढ़ई ने माफी मांग ली है और अब इस मामले को सुलझा लिया गया है.’

बीबीएमपी के कमिश्नर एन. मंजूनाथ प्रसाद ने कहा, ‘मुझे जैसे ही इस घटना की जानकारी मिली, मैंने तुंरत इस बैरिकेड को हटाने के आदेश दिए. मैंने एग्जिक्यूटिव इंजीनियर को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है. उन्होंने जो किया वह बहुत बुरा था और ऐसा हमारे निर्देशों पर नहीं किया गया.’

नगरपालिका शक्ति के संयोजक नरेंद्र कुमार का कहना है, ‘इस तरह से किसी के घर को सील करना अमानवीय है और बीबीएमपी के इस कृत्य को किसी भी तरह से न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता. ये परिवार जिस तरह के मानसिक आघात से गुजरे हैं, किसी भी तरह की कार्रवाई के जरिए इनके साथ न्याय नहीं किया जा सकता.’