राजनीति

त्रिपुरा: कोविड नियमों के उल्लघंन के आरोप में भाजपा विधायक के ख़िलाफ़ केस दर्ज

त्रिपुरा के भाजपा विधायक सुदीप रॉय बर्मन पर आरोप है कि वह कोविड-19 के नियमों का उल्लंघन करते हुए अनाधिकृत तरीके से अगरतला स्थित एक कोविड केयर सेंटर गए थे.

त्रिपुरा से भाजपा विधायक सुदीप रॉय बर्मन (फोटो साभारः फेसबुक)

त्रिपुरा से भाजपा विधायक सुदीप रॉय बर्मन (फोटो साभारः फेसबुक)

अगरतलाः त्रिपुरा से भाजपा विधायक और राज्य के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सुदीप रॉय बर्मन पर कोविड-19 नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, उन पर आरोप है कि वह रविवार (दो अगस्त) शाम कोविड-19 नियमों का उल्लंघन कर अनाधिकृत रूप से पीपीई किट पहनकर कोविड केयर सेंटर का मुआयना करने गए थे.

हालांकि, इस दौरान उन्होंने पीपीई किट पहना हुआ था लेकिन नियमों के अनुसार वे कोविड सेंटर नहीं जा सकते थे.

मालूम हो कि सुदीप रॉय के विधानसभा क्षेत्र अगरतला के इस कोविड केयर सेंटर (भगत सिंह युवा आवास) से एक मरीज ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें कहा गया था कि सेंटर पर मरीजों के लिए उचित सुविधाओं का अभाव है.

इसके बाद विधायक पीपीई सूट पहनकर कोविड केयर सेंटर का निरीक्षण करने चले गए.

पश्चिमी त्रिपुरा के जिलाधिकारी ने उनकी और दूसरों की सुरक्षा के मद्देनजर विधायक से खुद को 14 दिनों तक संस्थागत क्वारंटीन में रहने को कहा, लेकिन विधायक ने इसके पीछे दुर्भावना बताते हुए संस्थागत क्वारंटीन में जाने से इनकार कर दिया है.

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा है कि जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश उन तक पहुंचने से पहले मीडिया तक कैसे पहुंचा.

भाजपा विधायक स्थितियों का जायजा लेने के लिए रविवार को त्रिपुरा के भगत सिंह युवा आवास पहुंचे थे, क्योंकि सेंटर में लापरवाही के कई आरोप लगे थे.

इस दौरान भाजपा विधायक ने वहां मीडियाकर्मियों से कहा, ‘सेंटर की दयनीय स्थिति से वह हैरान हैं. जो भी कारण हो मरीजों की सुरक्षा और उनके आराम के लिए कड़ी निगरानी की जरूरत है.’

मालूम हो कि इस कोविड केयर सेंटर को लेकर बीते कुछ दिनों में कई मरीजों ने शिकायतें की हैं.

सेंटर में मौजूद एक गर्भवती महिला ने फेसबुक के जरिये सेंटर की दयनीय स्थितियों का हवाला देते हुए राज्य सरकार से मदद की गुहार लगाई थी.

पश्चिमी त्रिपुरा के जिलाधिकारी संदीप महात्मे एन. ने उन्हें दिशानिर्देशों के उल्लंघन का जिम्मेदार मानते हुए कहा है कि स्वास्थ्य मंत्रालय के नियमों के अनुसार अधिकृत और प्रशिक्षित लोगों को ही ऐसी जगहों पर जाने और काम करने की अनुमति है.