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ओडिशा: व्यक्ति की पिटाई और मुंडन करने के बाद कथित तौर पर पेशाब पीने को मज़बूर किया

मामला ओडिशा के भद्रक ज़िले का है. घटना 29 जुलाई की है. पुलिस ने बताया कि प्राथमिक जांच में पता चला है कि यह पुरानी दुश्मनी का मामला है. इस मामले में 17 आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया है.

Bhadrak

भद्रक: ओडिशा के भद्रक जिले के एक गांव में पुरानी दुश्मनी की वजह से बदमाशों ने 35 वर्षीय एक व्यक्ति की कथित रूप से पिटाई करने के बाद उसका सिर मुंडा दिया और पेशाब पीने के लिए मजबूर किया. पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

भद्रक जिले के जिलाधिकारी ज्ञानरंजन दास ने पीड़ित व्यक्ति की पत्नी की शिकायत पर मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

उन्होंने कहा, ‘सभ्य समाज में इस तरह की घटना अस्वीकार्य है. मैंने संबंधित अधिकारी को गंभीरता से मामले की जांच करने को कहा है.’

दास ने भद्रक के उपजिलाधिकारी पितांबर समल को तिहिडी थाने के अंतर्गत वाउंसबाग गांव में हुई इस घटना की जांच करने का निर्देश दिया है. पुलिस भी इस मामले की जांच कर रही है.

तिहिडी थाने के प्रभारी निरीक्षक रमेश चंद्र सिंह ने बताया कि यह घटना 29 जुलाई की है और पीड़ित की पत्नी ने सोमवार को पुलिस के समक्ष मामले की शिकायत दर्ज कराई.

द टेलीग्राफ के मुताबिक पीड़ित सुकदेव महालिक की पत्नी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है कि 29 जुलाई की शाम कुछ लोग उनके घर आए और बरामदे में खड़ी मोटरसाइकिल को क्षतिग्रस्त कर दिया. जब सुकदेव ने विरोध किया तो उसे घर से बाहर खींच लिया और बेरहमी से पीटा. उसके बाद उसे रस्सी से बांध दिया.

पीड़ित की पत्नी ने आरोप लगाया कि उसके बाद उनका मुंडन कर जूतों की माला पहनाकर उन्हें गांव में घुमाया.

पत्नी के मुताबिक जब असहाय व्यक्ति ने पीने के लिए पानी मांगा तो बदमाशों ने उसके चेहरे पर पेशाब कर उसे मूत्र पीने के लिए मजबूर किया.

पत्नी ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ गांववालों ने उसकी भी पिटाई की और उसके सोने के गहने छीन लिए.

सिंह ने बताया कि 17 लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है.

पुलिस ने कहा कि मामले में शामिल सभी लोगों को हिरासत में ले लिया गया है और पूछताछ की जा रही है.

सिंह ने कहा, ‘हमने पहले ही मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष भेज दिया है.’

उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और पता लगाया जा रहा है कि किन परिस्थितियों में यह घटना हुई. प्राथमिक जांच में पता चला है कि यह पुरानी दुश्मनी का मामला है.

रमेश चंद्र सिंह ने द टेलीग्राफ को बताया, ‘यह घटना दो परिवारों के बीच दुश्मनी का नतीजा था जो 29 जुलाई को भड़क गई. इससे पहले भी दोनों पक्ष संपत्ति के मामले को लेकर लड़ चुके थे. पीड़ित पिछले साल भी जेल गए थे और जमानत पर रिहा हुए थे.’

वहीं, पीड़ित सुकदेव पर आरोपियों में से एक ने अपनी पत्नी के साथ अवैध संबंध होने का आरोप लगाया है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)