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दिल्ली हिंसा और भीमा-कोरेगांव मामले के जांच अधिकारियों को मिलेगा केंद्रीय गृहमंत्री का पदक

उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा और भीमा-कोरेगांव मामले की जांच करने वाले अधिकारियों सहित देशभर के 121 पुलिस अधिकारियों को जांच में उत्कृष्टता के लिए केंद्रीय गृह मंत्री के पदक से नवाज़ा गया है.

(फोटो: पीटीआई)

(फोटो: पीटीआई)

इस‌ साल फरवरी में हुई दिल्ली हिंसा की जांच करने वाले दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और भीमा-कोरेगांव मामले की जांच करने वाले पुणे सिटी पुलिस व एनआईए के अधिकारियों सहित देशभर के 121 पुलिस अधिकारियों वर्ष 2020 के लिए जांच में उत्कृष्टता के लिए दिए जाने वाले केंद्रीय गृह मंत्री के पदक से नवाजा गया है.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, पुणे सिटी पुलिस के एसीपी शिवाजी पवार भीमा-कोरेगांव मामले के जांच अधिकारी थे. इस मामले में पुणे सिटी पुलिस ने जांच की थी. अब यह मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) देख रही है.

द स्क्रॉल के अनुसार, भीमा-कोरेगांव मामले की जांच कर रहे एनआईए के पुलिस अधीक्षक विक्रम खलाटे को भी केंद्रीय गृहमंत्री का उत्कृष्टता जांच पदक दिया है.

इस मामले में अभी तक देशभर के प्रतिष्ठित कार्यकर्ताओं और वकीलों के साथ 12 लोग गिरफ्तार किए गए हैं. इन पर हिंसा भड़काने और देश में प्रतिबंधित सीपीआई-माओवादी से संबंध रखने का आरोप है.

इसमें पवार के अलावा महाराष्ट्र पुलिस के नौ और अधिकारी शामिल हैं, जिसमें इंस्पेक्टर रवींद्र बोकाडे, इंस्पेक्टर उत्तम सोनवणे, सीनियर इंस्पेक्टर नरेंद्र हीवारे, पुलिस अधीक्षक ज्योति क्षीरसागर, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी अनिल घर्डिकर, पुलिस उपाधीक्षक नारायण शिरगांवकर, एसीपी समीर शेख शामिल हैं.

एसीपी किसान गवली और इंस्पेक्टर कांदीराम पोपरे को जांच में उत्कृष्टता के लिए केंद्रीय गृह मंत्री के पदक से सम्मानित किया गया है.

द स्क्रॉल के अनुसार, फरवरी में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा मामले की जांच करने वाले दिल्ली पुलिस के उपायुक्त (क्राइम ब्रांच) राजेश देव को भी केंद्रीय गृहमंत्री के उत्कृष्टता जांच पदक से नवाजा गया है.

इस हिंसा में 53 लोगों की मौत हो गई थी जबकि सैकड़ों घायल हो गए थे. हालांकि, जांच की शुरुआत से ही अधिकारियों पर मामले की भेदभावपूर्ण तरीके से जांच करने का आरोप लग रहा है.

बता दें कि फरवरी में दिल्ली चुनाव प्रचार के दौरान शाहीन बाग इलाके में पिस्तौल से फायरिंग करने वाले एक शख्स को आम आदमी पार्टी से जुड़ा बताने पर चुनाव आयोग ने उन्हें चुनावी कार्य से हटा दिया गया था.

चुनाव आयोग ने कहा कि मीडिया में उनकी टिप्पणी बिल्कुल गैर जरूरी थी और 8 फरवरी को होने वाले स्वतंत्र एवं निष्पक्ष दिल्ली विधानसभा चुनाव कराने को प्रभावित करने वाली थी.

बाद में दिल्ली दंगों की जांच के लिए बनी दो एसआईटी में से एक का प्रभारी देव को बनाया गया था.

वहीं गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, ‘अपराध की जांच के उच्च पेशेवर मानकों को बढ़ावा देने और जांच अधिकारियों द्वारा जांच में इस तरह की उत्कृष्टता को मान्यता देने के उद्देश्य से साल 2018 में पदक का गठन किया गया था.’

यह सम्मान पाने वालों में 15 सीबीआई, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र पुलिस के 10-10, उत्तर प्रदेश पुलिस के आठ, केरल और पश्चिम बंगाल पुलिस के सात-सात और शेष अन्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारियों समेत 21 महिला पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं.