राजनीति

राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार ने विश्वास मत जीता

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से बग़ावत करने वाले पूर्व उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि आज सदन में कांग्रेस सरकार ने विश्वास मत जीता है. जो भी अटकलें लगाई जा रही थीं, उन पर विराम लग गया. कांग्रेस के विधायकों ने एकजुटता का संदेश दिया. आने वाले समय में हम पूरी ताक़त के साथ काम करेंगे.

TWITTER IMAGE POSTED BY @kcvenugopalmp ON THURSDAY, AUG 13, 2020** Jaipur: Rajasthan Chief Minister Ashok Gehlot (R), Congress leaders Sachin Pilot (L) and KC Venugopal pose for a photograph, in Jaipur. (PTI Photo)(PTI13-08-2020 000210B)

जयपुर में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (दाएं) के साथ कांग्रेस नेता सचिन पायलट (बाएं) और केसी वेणुगोपाल. (फोटो: पीटीआई)

जयपुर: राजस्थान में करीब एक महीने चली सियासी खींचतान के बाद अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में विश्वास मत जीत लिया. सदन ने सरकार द्वारा लाए गए विश्वास मत प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया.

प्रस्ताव पर अपना जवाब देते हुए गहलोत ने विपक्ष द्वारा लगाए गए तमाम आरोपों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, ‘तमाम आरोपों को मैं अस्वीकार करता हूं… कोरोना वायरस महामारी की स्थिति से निपटने में राजस्थान की सराहना देश-दुनिया ने की है.’

गहलोत ने आरोप लगाया, ‘भाजपा व केंद्र की सरकार ने उनकी सरकार को गिराने का षड्यंत्र रचा, लेकिन कांग्रेस के कुनबे में फूट डालने के उनके सपने कभी पूरे नहीं होंगे.’

विपक्षी भाजपा की ओर इशारा करते हुए गहलोत ने कहा, ‘आपके आलाकमान ने तय कर रखा है कि राजस्थान सरकार को गिरा के रहेंगे और मैंने तय कर रखा है किसी भी कीमत पर गिरने नहीं दूंगा.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में दो लोग ही राज कर रहे हैं. गहलोत ने कहा, ‘देश में लोकतंत्र खतरे में है जिसकी चिंता हम सभी को होनी चाहिए.’

प्रस्ताव पर बहस के दौरान विपक्षी नेताओं द्वारा कई बार मुख्यमंत्री और सचिन पायलट के बीच चली खींचतान पर कटाक्ष किए जाने का जिक्र करते हुए गहलोत ने इसे पार्टी का अंदरूनी मामला बताया.

उन्होंने कहा, ‘भाजपा वाले कौन होते हैं हमारी पार्टी के बारे में बोलने वाले. ये हमारी पार्टी का अंदरूनी मामला है.’

विधायकों के फोन टैप के आरोपों को खारिज करते हुए गहलोत ने कहा, ‘हमारे यहां कोई फोन टैप नहीं होता. मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं.’

मुख्यमंत्री के जवाब के बाद सदन ने सरकार के विश्वास मत प्रस्ताव को ध्वनिमत से स्वीकार कर लिया.

विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने सदन द्वारा मंत्रिपरिषद में विश्वास व्यक्त करने का प्रस्ताव स्वीकार किए जाने की घोषणा की. इसके बाद सदन की कार्रवाई 21 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी गई.

इससे पहले संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने सरकार की ओर से विश्वास मत प्रस्ताव पेश किया और कहा कि राजस्थान में ‘न किसी शाह की चलती है न तानाशाह की.’

बता दें कि कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने 18 विधायकों के साथ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ बगावत करते हुए बीते 12 जुलाई को दावा किया था कि उनके साथ 30 से अधिक विधायक हैं और अशोक गहलोत सरकार अल्पमत में है.

इसके बाद अशोक गहलोत ने दो बार विधायक दल की बैठक बुलाई, जिसमें पायलट और उनके समर्थक विधायक नहीं आए. इसके बाद पायलट को उपमुख्यमंत्री पद के साथ-साथ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से भी हटा दिया गया था.

पायलट के दो सहयोगी विश्वेंदर सिंह और रमेश मीणा को भी कैबिनेट के साथ ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी निलंबित कर दिया गया था.

इस बीच कांग्रेस ने एक ऑडियो टेप का हवाला देते हुए केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को गिरफ्तार करने की मांग की है और आरोप लगाया है कि वह पार्टी के एक बागी विधायक भंवरलाल शर्मा के साथ मिलकर अशोक गहलोत सरकार को गिराने की साजिश में शामिल हैं.

इन दोनों टेप में कथित रूप से गहलोत सरकार को गिराने के लिए किए गए षड्यंत्र से जुड़ी बातचीत रिकॉर्ड है. राजस्थान पुलिस के भ्रष्टाचार निरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने दोनो ऑडियो क्लिप के मामले में भ्रष्टाचार निरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया है.

हालांकि शेखावत ने कहा है कि ऑडियो में उनकी आवाज नहीं है और वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं. शर्मा एवं भाजपा ने इस ऑडियो को फर्जी बताया है. भाजपा ने इन टेपों की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है.

सरकार के बचाव में खड़े हुए पायलट, खुद को बताया सबसे मजबूत योद्धा

राजस्थान के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने हालिया सियासी घटनाक्रम को लेकर विपक्ष की आलोचनाओं पर पलटवार करते हुए खुद को सबसे मजबूत योद्धा बताया और कहा कि वे विपक्ष के हमलों से सत्ता पक्ष को हर कीमत पर सुरक्षित रखेंगे.

पायलट ने सदन में सरकार की ओर से लाए गए विश्वास मत प्रस्ताव पर बहस के दौरान हस्तक्षेप करते हुए यह बात कही.

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व के प्रति बगावत के बाद पायलट को उप-मुख्यमंत्री व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पद से हटा दिया गया था. सदन में उनके बैठने की जगह भी बदल दी गई.

पहले वे सत्तापक्ष में मुख्यमंत्री के पास वाली सीट पर बैठते थे अब उन्हें ऐसी सीट दी गई है जहां उनके एक और सत्ता पक्ष तो दूसरी ओर विपक्ष है.

प्रस्ताव पर बहस के दौरान उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने हालिया राजनीतिक और अन्य घटनाक्रम, पुलिस के विशेष कार्यबल द्वारा नोटिस दिए जाने सहित अनेक बातों में पायलट का जिक्र किया.

इस पर पायलट ने हस्तक्षेप करते हुए कहा, ‘वह (राठौड़) बार-बार मेरा नाम ले रहे हैं. मैंने सोचा कि हमारे अध्यक्ष और मुख्य सचेतक ने मेरी सीट यहां क्यों रखी है? मैंने दो मिनट सोचा और फिर देखा कि यह सरहद है एक तरफ पक्ष है और दूसरी तरफ विपक्ष… तो सरहद पर किसको भेजा जाता है. सबसे मजबूत योद्धा को भेजा जाता है.’

पायलट ने कहा, ‘आज इस विश्वास मत में जो चर्चा हो रही है… उसमें बहुत से बातें बोली गईं बहुत सी बातें बोली जाएंगी. समय के साथ-साथ सब बातों का खुलासा होगा.’

उन्होंने कहा, ‘लेकिन मैं इतना कहना चाहता हूं कि जो कुछ कहना था सुनना था चाहे मैं हूं या मेरा कोई साथी हो… हम लोगों को जिस डाक्टर के पास अपने मर्ज को बताना था वो बता दिया… इलाज कराने के बाद हम सब लोग आज सदन में खड़े हैं. सदन में जब हम सब लोग आए हैं तो कहने सुनने वाली बातों से परे हटकर आज वास्तविकता पर ध्यान देना पड़ेगा.’

पायलट ने कहा, ‘हमने कल जब संकल्प लिया बैठकर बातें कीं और सारी बातें खत्म हो गईं. जब आज हमने सदन में प्रवेश किया है तो इस सरहद पर कितनी भी गोलाबारी हो हम सब लोग और मैं कवच और ढाल… गदा और भाला बनकर यहां पर इसे सुरक्षित रखूंगा… ये मैं आपको बताना चाहता हूं.’

उल्लेखनीय है कि आलाकमान के हस्तक्षेप के बाद ही पायलट व उनके खेमे के 18 विधायक बृहस्पतिवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल हुए. इससे पहले पायलट ने मुख्यमंत्री गहलोत से अलग से मुलाकात भी की थी.

विश्वासमत जीतने पर कांग्रेस नेताओं ने कहा, एकजुटता का दिखा दम

कांग्रेस ने राजस्थान विधानसभा में अशोक गहलोत सरकार के विश्वासमत जीतने को लोकतंत्र की जीत बताते हुए कहा है कि पार्टी के नेताओं ने एकजुटता का सबूत दे दिया है.

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ‘प्रजातंत्र के कई कोनों में व्याप्त अंधकार के लिए राजस्थान का विश्वासमत एक नई रोशनी लेकर आया है.’

सुरजेवाला ने कहा, ‘देश भर में बहुमत का चीरहरण करने वाली मोदी सरकार और भाजपा ये जान ले कि राजस्थान ने कभी हार नहीं मानी है, राजस्थान कभी हारा नहीं है. हम गोरे अंग्रेजों से लड़े तो आख़िरी सांस तक… आज के काले अंग्रेजों से भी लड़कर संविधान व प्रजातंत्र की रक्षा करेंगे.’

पार्टी के प्रदेश प्रभारी और संगठन महासचिव अविनाश पांडे ने कहा कि जनता की चुनी हुई सरकार को गिराने के भाजपा के मंसूबे पूरे नहीं हुए. पांडे ने कहा कि भाजपा अपने तमाम प्रयासों के बावजूद कांग्रेस के किसी एक विधायक को टस से मस नहीं कर पाई.

उन्होंने कहा, ‘विधायकों को डिगाने के सभी प्रकार के प्रयास किए गए उन्हें डराने धमकाने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने पूरे विश्वास के साथ लोकतंत्र की इस लड़ाई में, सत्य की इस लड़ाई में सत्य का साथ दिया और असत्य को पराजित किया.’

पूर्व उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा, ‘आज सदन में कांग्रेस सरकार ने विश्वास मत जीता है. जो भी अटकलें लगाई जा रही थीं, उन सब पर आज विराम लग गया. कांग्रेस के विधायकों ने एकजुटता का संदेश दिया. आने वाले समय में हम पूरी ताकत के साथ काम करेंगे.’

राज्य के चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा, ‘हमारी पार्टी एकजुट है और आपने देखा होगा सदन में मतभेद हो सकते हैं मनभेद नहीं हैं. पार्टी सोनिया गांधी, राहुल गांधी व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में एकजुट हैं.’

शर्मा ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार प्रचंड बहुमत के साथ लोगों की सेवा कर रही है, करती रहेगी और आगे भी सरकार बनाएगी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)