राजनीति

मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरियों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी: शिवराज सिंह चौहान

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब नौकरियों के अवसरों का अभाव है, ऐसे समय में राज्य के युवाओं की चिंता करना हमारा कर्तव्य है.

शिवराज सिंह चौहान. (फोटो: ट्विटर)

शिवराज सिंह चौहान. (फोटो: ट्विटर)

भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि प्रदेश में सरकारी नौकरियों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी.

उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार प्रदेश के नागरिकों के लिए ‘सिंगल सिटीजन डाटाबेस’ तैयार कर रही है, ताकि प्रदेश के लोगों को हर योजना के लिए अलग-अलग रजिस्ट्रेशन न कराना पड़े.

देश के 74वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भोपाल के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में ध्वजारोहण करने के बाद समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मध्य प्रदेश के युवाओं को सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी.’

उन्होंने कहा, ‘जब नौकरियों के अवसरों का अभाव है, ऐसे समय में राज्य के युवाओं की चिंता करना हमारा कर्तव्य है.’

चौहान ने कहा, ‘सरकारी भर्तियों के लिए अभियान चलाया जाएगा, साथ ही निजी क्षेत्रों में भी अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराए जाएंगे. विद्यार्थियों को 10वीं एवं 12वीं की अंकसूची के आधार पर नियोजित किया जाएगा.’

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के कौशल विकास के लिए काम कर रही है. भोपाल में सिंगापुर की सहायता से लगभग 600 करोड़ रुपये की लागत से एक कौशल विकास केंद्र बनाया जा रहा है.

चौहान ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान मध्य प्रदेश के 15 लाख प्रवासी मजदूर वापस प्रदेश लौट आए हैं. प्रवासी मज़दूरों को उनके निवास स्थान के समीप रोजगार मुहैया करने के उद्देश्य से घर-घर जाकर सर्वेक्षण कर 14 लाख से अधिक श्रमिकों के जॉब कार्ड बनाए गए हैं. अब तक 2,400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मजदूरी के रूप में श्रमिकों के खातों में डाली जा चुकी है.

उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किए जाने के संबंध में सरकार पूरी मजबूती के साथ न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रख रही है.

बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश की सभी औद्योगिक इकाइयों में 70 प्रतिशत रोजगार प्रदेश के लोगों को देने के लिए कानून बनाया था.

चौहान ने कहा कि जब (23 मार्च 2020 को) उन्होंने मुख्यमंत्री के तौर पर कार्यभार संभाला था, तब प्रदेश में कोविड-19 की जांच के लिए केवल एक प्रयोगशाला थी और अन्य व्यवस्थाओं का भी अभाव था.

उन्होंने कहा, ‘इसके बाद हमारी सरकार ने महामारी से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया.’

इसके साथ ही चौहान ने भोपाल में युद्ध संग्रहालय के तौर पर बनाए गए शौर्य स्मारक परिसर में भारत माता की 25 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमा का भी शनिवार को अनावरण किया.

स्वतंत्रता दिवस पर शौर्य स्मारक में भारत माता की प्रतिमा के अनावरण के बाद आधिकारिक विज्ञप्ति में मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि शौर्य स्मारक पर वीरों को श्रद्धा सुमन अर्पित करने आए सरसंघचालक मोहन भागवत सहित कई लोगों के मन में अक्सर यह भाव आता था कि यहां भारत माता की मूर्ति होनी चाहिए, यह सपना आज साकार हो गया.’

उन्होंने कहा कि शौर्य स्मारक आने वाला हर व्यक्ति वीर सपूतों को श्रद्धांजलि देकर भारत माता को प्रणाम कर देशभक्ति के भाव से भर जाएगा.

चौहान ने कहा, ‘देश पर सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीर सपूतों की स्मृति में निर्मित शौर्य स्मारक में भारत माता की दिव्य और भव्य प्रतिमा स्थापित करने का मेरा संकल्प आज साकार हुआ.’

जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आशीर्वचन की मुद्रा में राष्ट्रध्वज लिए कमल पर स्थित भारत माता की लगभग 25 फुट (चौकी सहित 37 फुट) ऊंची कांस्य प्रतिमा स्थापित की गई है.’

प्रतिमा की चौकी पर अशोक चक्र के साथ राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत भी उकेरा गया है. उल्लेखनीय है कि भोपाल में 13 एकड़ क्षेत्र में निर्मित शौर्य स्मारक का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अक्टूबर 2016 को किया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)