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जम्मू: कोरोना वायरस के कारण पांच महीने से बंद वैष्णो देवी मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुला

कोरोना वायरस के मद्देनज़र लगभग पांच महीने तक बंद रहने के बाद जम्मू कश्मीर स्थित वैष्णो देवी मंदिर समेत अन्य धार्मिक स्थलों को भी भक्तों के लिए खोल दिया गया है. नए दिशानिर्देशों के मुताबिक, अब प्रतिदिन केवल 2,000 श्रद्धालुओं को ही वैष्णो देवी मंदिर में दर्शन की अनुमति होगी, जिसमें से केवल 100 श्रद्धालु ही जम्मू कश्मीर से बाहर के होंगे.

(फोटो साभार: विकिपीडिया कॉमंस)

(फोटो साभार: विकिपीडिया कॉमंस)

कटरा: जम्मू कश्मीर के रियासी जिले में त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर के कपाट रविवार को श्रद्धालुओं के लिए दोबारा खोल दिए गए.

कोरोना वायरस के मद्देनजर लगभग पांच महीने तक बंद रहने के बाद जम्मू कश्मीर स्थित इस मंदिर समेत अन्य धार्मिक स्थलों को भी भक्तों के लिए खोल दिया गया है.

जम्मू से मंदिर दर्शन के लिए आए 12 सदस्यीय समूह में शामिल खुशविंदर सिंह ने बताया, ‘मैं महीने में कम से कम एक बार मंदिर दर्शन के लिए आता था. मंदिर खुलने के पहले ही दिन यहां आकर मैं सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं.’

सिंह कटरा स्थित आधार शिविर में रविवार तड़के चार बजे ही पहुंच गए थे. पवित्र गुफा के दर्शन करने वाला यह पहला जत्था था.

इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के दरवाजे छह बजे फिर खुले.

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमेश कुमार ने बताया, ‘कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए 18 मार्च को एहतियाती तौर पर वैष्णो देवी यात्रा रोक दी गई थी. अब जब प्रशासन ने धार्मिक स्थलों को दोबारा खोलने का फैसला किया है तो बोर्ड ने इस भयावह संक्रामक रोग की चुनौती को देखते हुए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं.’

नए दिशानिर्देशों के मुताबिक, अब प्रतिदिन केवल 2,000 श्रद्धालुओं को ही मंदिर में दर्शन की अनुमति होगी, जिसमें से 1,900 श्रद्धालु जम्मू कश्मीर से होंगे जबकि केवल 100 श्रद्धालु ही जम्मू कश्मीर से बाहर के होंगे.

उन्होंने बताया कि रेड जोन और जम्मू कश्मीर के बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को कोविड-19 जांच करवानी होगी, जिनमें कोरोना के लक्षण नहीं होंगे, सिर्फ वे ही आगे जा सकेंगे.

श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा. इसके साथ ही उन्हें फोन में आरोग्य सेतु ऐप इंस्टॉल करना होगा. फेस मास्क और फेस कवर सभी श्रद्धालुओं के लिए अनिवार्य कर दिया गया है. यात्रा के प्रवेश द्वार पर सभी श्रद्धालुओं को थर्मल स्क्रीनिंग से गुजरना होगा.

वहीं, गर्भवती महिलाएं, दो से अधिक बीमारियों से ग्रस्त लोग, 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को यात्रा से बचने की सलाह दी गई है.

बता दें कि कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए देश में बाकी तीर्थ यात्राओं की तरह वैष्णो देवी की यात्रा भी 18 मार्च को रोक दी गई थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)