भारत

जम्मू कश्मीर: साल भर के प्रतिबंध के बाद दो ज़िलों में ट्रायल के आधार पर 4जी इंटरनेट सेवा बहाल

जम्मू कश्मीर के गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, 4जी मोबाइल इंटरनेट सेवा जम्मू क्षेत्र के उधमपुर ज़िले और कश्मीर के गांदेरबल ज़िले में तत्काल प्रभाव से बहाल होंगी.

FILE PHOTO: Children play games on their mobile phones in a neighbourhood in Srinagar October 10, 2019. REUTERS/Danish Ismail

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर प्रशासन ने साल भर से अधिक समय तक निलंबित रहने के बाद रविवार को जम्मू और कश्मीर क्षेत्रों के एक-एक जिले में ट्रायल के आधार पर तेज गति वाली 4जी मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल कर दी है. एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गई है.

कुछ ही दिन पहले केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि एक विशेष समिति केंद्र शासित प्रदेश के 20 जिलों में से दो जिलों में परीक्षण के आधार पर 4जी इंटरनेट सेवाओं की सुविधा की अनुमति देने पर विचार कर रही है.

जम्मू कश्मीर के गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक तेज गति वाली मोबाइल इंटरनेट सेवाएं कश्मीर के गांदेरबल जिले और जम्मू क्षेत्र के उधमपुर में तत्काल प्रभाव से बहाल होंगी.

प्रधान सचिव शालीन काबरा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि यह निर्देश रविवार रात नौ बजे से प्रभावी होकर आठ सितंबर तक वैध रहेगा.

आदेश में कहा गया है कि तेज गति इंटरनेट सेवा पोस्टपेड ग्राहकों को मुहैया होगी, जबकि प्रीपेड ग्राहक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही इस सेवा का लाभ उठा पाएंगे.

वहीं फिक्स्ड लाइन इंटरनेट सेवाएं बिना किसी गति संबंधी प्रतिबंध के जारी रहेंगी. केंद्र शासित प्रदेश के शेष हिस्से में सिर्फ 2जी मोबाइल सेवाएं उपलब्ध हैं.

पिछले साल पांच अगस्त को पूर्ववर्ती राज्य जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा रद्द किए जाने और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों- जम्मू कश्मीर और लद्दाख- में विभाजित किए जाने की केंद्र की घोषणा के कुछ समय पहले से इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं.

हालांकि बाद में केंद्र शासित प्रदेश में 25 जनवरी को मोबाइल पर कम गति वाली इंटरनेट सेवाएं चरणबद्ध तरीके से बहाल की गई थीं.

इस महीने की शुरुआत में एक एनजीओ फाउंडेशन फॉर मीडिया प्रोफेशनल्स की याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने जम्मू कश्मीर प्रशासन से कुछ इलाकों में 4जी इंटरनेट सेवाएं बहाल करने की संभावनाएं तलाशने को कहा था.

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था, ‘विशेष समिति ने बैठक में इस बात पर सहमति जताई है कि जम्मू कश्मीर में डर की स्थिति कायम है. समिति का विचार था कि 4जी इंटरनेट सेवाओं को बहाल करने के लिए अभी भी स्थिति अनुकूल नहीं है.’

उन्होंने आगे कहा था, ‘समिति ने यह भी कहा है कि कड़ी निगरानी के साथ कुछ क्षेत्रों में हाई स्पीड इंटरनेट को बहाल किया जा सकता है. यह काम ऐसे क्षेत्रों में किया जाना चाहिए, जहां आतंकी गतिविधियां कम हैं.’

मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने 11 मई को जम्मू कश्मीर में 4जी इंटरनेट सेवाओं को बहाल करने की याचिकाओं पर विचार करने के लिए केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में ‘विशेष समिति’ के गठन का आदेश दिया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)