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अस्पताल ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया- वरवरा राव की सेहत पर क़रीब से नज़र रखने की ज़रूरत

भीमा कोरेगांव मामले में 2018 से जेल में बंद 81 साल के राव तलोजा जेल में कोरोना संक्रमित होने के बाद 16 जुलाई से से अस्पताल में भर्ती हैं.

तेलुगू कवि वरवरा राव. (फोटो: पीटीआई)

तेलुगू कवि वरवरा राव. (फोटो: पीटीआई)

मुंबईः मुंबई के नानावती अस्पताल ने यहां भर्ती तेलुगू कवि और कार्यकर्ता वरवरा राव की मेडिकल रिपोर्ट बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष पेश की है.

इस रिपोर्ट में नानावती अस्पताल ने कहा है कि एलगार परिषद मामले में आरोपी कवि वरवरा राव की चिकित्सा स्थिति पर करीब से नजर बनाए रखने की जरूरत है.

जस्टिस अमजद सईद और जस्टिस अभय आहूजा की एक पीठ के समक्ष 17 अगस्त को दाखिल रिपोर्ट में कहा गया है कि 81 वर्षीय राव की हाइपोनेट्रेमिया स्थिति में सुधार है. हालांकि उनकी न्यूरोलॉजिकल स्थिति में सुधार होना अभी बाकी है.

बता दें कि हाइपोनेट्रेमिया एक ऐसी बीमारी है जिसमें मस्तिष्क में सूजन आ जाती है. कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद राव का 16 जुलाई से नानावती अस्पताल में विभिन्न बीमारियों के लिए इलाज चल रहा है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने हालिया आदेश में कहा कि वरवरा राव के शरीर का इलेक्ट्रोलाइट स्तर सामान्य कर दिया गया है. हालांकि उनकी मानसिक स्थिति अभी भी ठीक नहीं है और उन पर करीब से निगाह रखने की जरूरत है.

हाईकोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट का अवलोकन करते हुए कहा, ‘ उनके शरीर में सोडियम की मात्रा ठीक होने के बाद उनके हाइपोनेट्रेमिया में सुधार हुआ है लेकिन उनकी न्यूरोलॉजिकल स्थिति में अभी सुधार नहीं हुआ है क्योंकि उनकी मानसिक स्थिति अभी भी ठीक नहीं है, वह असंगत बातें कर रहे हैं. उनकी श्वांस प्रणाली में फिलहाल किसी तरह के असामान्य लक्षण नहीं दिख रहे हैं लेकिन उन्हें तेज खांसी है.

रिपोर्ट में कहा गया, आज की तारीख में बढ़ती उम्र के साथ कई बीमारियों से ग्रस्त होने, कोरोना मामले में लगातार हाइपोनेट्रेमिया की स्थिति को ध्यान में रखते हुए मरीज के स्वास्थ्य पर करीब से नजर रखने की जरूरत है.

इस रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि राव की मेडिकल स्थिति और प्रोटोकॉल के अनुरूप नानावती अस्पताल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राव के परिवार की उनसे (राव) बातचीत की आवश्यक व्यवस्था करे.

राव की जमानत याचिका पर पिछली सुनवाई में बॉम्बे हाईकोर्ट ने नानावती अस्पताल अधिकारियों को राव के स्वास्थ्य की स्थिति और उन्हें दिए जा रहे इलाज के बारे में एक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे.

इससे पहले वरवरा राव के परिवार के सदस्यों ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) में याचिका दायर कर जेल अधिकारियों और मुंबई के नानावती अस्पताल को यह निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया था कि वह उन्हें कोविड-19 से संक्रमित राव के स्वास्थ्य की पारदर्शी ताजा जानकारी मुहैया कराए.

एनएचआरसी ने शुक्रवार को यह फैसला लिया कि महाराष्ट्र सरकार ने उसके नोटिसों के जवाब में वरवरा राव की जो मेडिकल रिपोर्ट भेजी हैं उनकी जांच उसके पैनल में शामिल विशेषज्ञ करेंगे.

इसमें कहा गया कि विशेषज्ञों को अपनी रिपोर्ट दो हफ्ते के भीतर देना होगा ताकि आयोग उस पर विचार कर सके.

वरवरा राव के परिवार को उनके वकील के जरिए सोमवार को अदालत की रजिस्ट्री से उनकी विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट मिल सकती है.
इस मामले पर हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी.

वरवरा राव जून 2018 से जेल में हैं. उन्हें 11 मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और वकीलों के साथ एल्गार परिषद मामले में गिरफ्तार किया गया था.

उन सभी पर एक जनवरी, 2018 को भीमा कोरेगांव में दलितों के खिलाफ हिंसा भड़काने का आरोप लगाया गया है. पुलिस का यह भी दावा है कि उनका माओवादियों के साथ संबंध हैं.

कोरोना महामारी का हवाला देकर राव की अस्थाई रिहाई के लिए अंतरिम जमानत याचिका दायर की गई थी, लेकिन विशेष अदालत ने इसे खारिज कर दिया था.

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा था कि जेल में बंद सामाजिक कार्यकर्ता और कवि वरवरा राव जमानत पाने के लिए वैश्विक महामारी के कारण उत्पन्न हुई स्थिति और अपनी उम्र का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)