नॉर्थ ईस्ट

जेलियांग ने नगालैंड के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली

शक्ति परीक्षण के लिए नहीं पहुंचे नगालैंड के निवर्तमान मुख्यमंत्री शुरहोजेली लिजित्सू. विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित.

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नगालैंड के नए मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग. फोटो: पीटीआई

कोहिमा: नगा पीपुल्स फ्रंट के नेता और सत्तारूढ डीएएन के प्रमुख टीआर जेलियांग ने बुधवार को नगालैंड के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. पांच महीने पहले उन्हें राज्यव्यापी प्रदर्शन के बीच इस्तीफा देना पड़ा था.

राज्यपाल पीबी आचार्य ने उन्हें पद की शपथ दिलाई.

जेलियांग ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि वह 21 जुलाई को शक्ति परीक्षण का सामना करेंगे. कैबिनेट सदस्यों को शक्ति परीक्षण के बाद शपथ दिलाई जाएगी.

राज्यपाल ने उनसे 22 जुलाई या उससे पहले सदन में अपना बहुमत साबित करने को कहा है.

जेलियांग इस राज्य के 19वें मुख्यमंत्री बने.

उन्हें राज्यपाल द्वारा सुबह मुख्यमंत्री बनाया गया क्योंकि निवर्तमान मुख्यमंत्री शुरहोजेलि लिजित्सू और उनके साथी गौहाटी उच्च न्यायालय के मंगलवार को दिए गए निर्देश के अनुसार सदन में बहुमत साबित करने के लिए उपस्थित नहीं हुए.

इसके बाद सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।

इससे पहले अदालत ने 15 जुलाई या इससे पहले सदन में विश्वासमत हासिल करने के राज्यपाल के निर्देश पर रोक लगाने का लिजित्सू का अनुरोध ठुकरा दिया था.

राज्यपाल पीबी आचार्य ने मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष इमतिवपांग को निर्देश दिया था कि वह बुधवार सुबह साढ़े नौ बजे सदन का विशेष आपात सत्र आहूत करें ताकि मुख्यमंत्री लिजित्सू बहुमत साबित कर सकें. शुरहोजेलि लिजित्सू अपनी पार्टी नगालैंड पीपल्स फ्रंट (एनपीएफ) के विधायकों का विद्रोह झेल रहे हैं.

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शुरहोजेली लिजित्सू और टीआर जेलिआंग. (फोटो: एएनआई/पीटीआई)

बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा बहुमत साबित करने का प्रस्ताव नहीं रखा जा सकता क्योंकि वह सदन में उपस्थित नहीं हैं. सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित की जाती है.

पूर्व मुख्यमंत्री और एनपीएफ के बागी विधायकों के नेता टीआर जेलिआंग अपने समर्थकों के साथ सदन में मौजूद थे.

अध्यक्ष ने कहा, वह सदन की कार्यवाही की रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपेंगे. लिजित्सू धड़े के विधायकों से संपर्क करने के सभी प्रयास विफल साबित हुए हैं.

मुख्यमंत्री ने 15 जुलाई को सदन में बहुमत साबित करने के राज्यपाल के निर्देशों पर स्थगन लगाने का अनुरोध उच्च न्यायालय से किया था, लेकिन अदालत की कोहिमा पीठ ने उसे ख़ारिज कर दिया. अदालत के फैसले की पृष्ठभूमि में आचार्य ने विधानसभा अध्यक्ष से बुधवार को शक्ति परीक्षण के लिए विशेष सत्र बुलाने को कहा था.

मुख्यमंत्री ने 14 जुलाई को अदालत में याचिका दायर की थी जिसके बाद अदालत ने अंतरिम आदेश जारी कर राज्यपाल के निर्देशों पर 17 जुलाई तक के लिए रोक लगा दी थी.

नेतृत्व में बदलाव की मांग को लेकर जेलियांग की अध्यक्षता में 43 नगा पीपुल्स फ्रंट विधायकों की बगावत का सामना कर रहे लिजित्सु ने 14 जुलाई को याचिका दायर कर राज्यपाल के निर्देश पर रोक का अनुरोध किया था.