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हिमाचल प्रदेश: सेप्टिक टैंक में उतरे दो श्रमिकों की ज़हरीली गैस से मौत

घटना हमीरपुर ज़िले की है. दो श्रमिक कई दिनों से बंद शटरिंग खोलने के लिए सेप्टिक टैंक में उतरे थे. कुछ देर बाद एक अन्य मज़दूर के अंदर झांककर देखने पर वे दोनों अचेत मिले. अस्पताल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में शुक्रवार को एक सेप्टिक टैंक में कथित तौर पर जहरीली गैस के कारण दो मजदूरों की मौत हो गई. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

उनकी पहचान हमीरपुर जिले के चामनेड़ गांव के देस राज (48) और उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के निवासी गुरबचन (30) के रूप में हुई.

एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया दोनों पंधेर गांव में कई दिनों से बंद शटरिंग खोलने के लिए सेप्टिक टैंक में उतरे थे, जहां वे जाने के कुछ देर में ही अचेत पाए गए.

अमर उजाला के मुताबिक, घटना शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे की. दो मजदूर नए बने सेप्टिक टैंक की शटरिंग खोलने के लिए टैंक में उतरे थे. तीसरा मजदूर बाहर खड़ा था.

उनके उतरने के बाद दोनों को आवाज लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला, तब तीसरे मजदूर ने झांककर देखा कि अंदर वे दोनों अचेत पड़े थे.

इसके बाद दमकल विभाग और पुलिस ने जेसीबी की मदद से पहले टैंक का लिंटर तुड़वाया गया, फिर दमकल कर्मी ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ टैंक में गए और दोनों को निकाला.

दोनों कर्मचारियों को दमकलकर्मियों ने टैंक से बाहर निकालाकर स्थानीय मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.

देशराज के परिवार में उनके बूढ़े माता-पिता, दो बेटे, दो बेटियां और पत्नी हैं, वहीं गुरवचन के परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं.

अधिकारियों ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया और हमीरपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है.

बता दें कि इसी महीने की शुरूआत में झारखंड के देवघर जिले में एक निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक के भीतर उतरे छह लोगों की जहरीली गैस के कारण मौत हो गई थी.

उससे पहले जुलाई महीने में तमिलनाडु में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान चार युवकों की मौत हो गई थी.

पुलिस ने बताया था कि मृतकों में से तीन पहले भी मैनुअल स्कैवेंजर्स के रूप में काम किया था लेकिन एक ने नहीं किया था. वह उनके साथ इसलिए काम पर गए थे, क्योंकि कोरोना वायरस महामारी कारण दिहाड़ी मजदूरी नहीं मिल रही थी.

बीते जून महीने में छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में सेप्टिक टैंक की सफाई करने के दौरान जहरीली गैस के प्रभाव में आने से सफाई कर्मचारी समेत चार लोगों की मौत हो गई थी

उससे पहले अप्रैल महीने में महाराष्ट्र के पालघर जिले में तीन मजदूरों की सेप्टिक टैंक सफाई करने के दौरान मौत हो गई थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)