राजनीति

संसद की स्थायी समिति के एजेंडे से जम्मू कश्मीर में इंटरनेट का मसला हटाया गया: रिपोर्ट

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला द्वारा संसदीय समितियों की बैठकों में अदालत में विचाराधीन मामलों को नहीं लेने का सुझाव दिया गया था. इस संबंध में सूचना प्रौद्योगिकी पर संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा है कि जम्मू कश्मीर में इंटरनेट का मसला अब अदालत में लंबित नहीं है.

(फोटो: पीटीआई)

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: सूचना प्रौद्योगिकी पर संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को पत्र लिखकर कहा है कि समिति जम्मू कश्मीर में इंटनेट सेवाओं से जुड़े मामलों को उठा सकती है.

इंडियन एक्सप्रेस अपनी एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया है कि थरूर ने अपने पत्र में कहा है कि कश्मीर से जुड़ा इंटरनेट का मामला अब अदालत में लंबित नहीं है.

सूत्रों ने यह भी बताया है कि दो सितंबर को होने वाली समिति के बैठक के एजेंडे से जम्मू कश्मीर हटा दिया गया है, लेकिन समिति के सदस्य इस मामले पर भी चर्चा करेंगे.

इससे पहले 25 अगस्त को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला द्वारा संसदीय समितियों की बैठकों में न्यायालय में विचाराधीन मामलों को नहीं लेने का सुझाव दिए जाने के कुछ दिन बाद सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) पर संसदीय समिति ने बीते शुक्रवार को अपने एजेंडे से जम्मू कश्मीर में इंटरनेट सेवा के निलंबन के विषय को हटा लिया था.

सूत्रों के अनुसार, शशि थरूर ने बताया था कि इंटरनेट का मामला अब अदालत में लंबित नहीं है.

मालूम हो कि न्यायालय ने 11 मई को जम्मू कश्मीर में 4जी इंटरनेट सेवाओं को बहाल करने की याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार करते हुए इस मुद्दे पर विचार करने के लिए केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में ‘विशेष समिति’ के गठन का आदेश दिया था.

इसके बाद बीते 16 अगस्त को जम्मू कश्मीर के उधमपुर और गांदेरबल जिले में साल भर प्रतिबंध के बाद ट्रायल के आधार पर 4जी सेवा बहाल की गई है.

इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की ओर दबाव पड़ने के बाद थरूर को समिति की बैठक में बातचीत के एजेंडे में बदलाव कर जम्मू कश्मीर का नाम राज्यों की सूची से हटाना पड़ा, जहां से अधिकारियों को सबूत देने के लिए बुलाया जाना है.

सूत्रों ने बताया कि समिति गृह मंत्रालय के अधिकारियों से जम्मू कश्मीर में दूरसंचार और इंटरनेट सेवाओं के मुद्दे पर सबूत लेगी.

बहरहाल, लोकसभा सचिवालय द्वारा बीते शुक्रवार को जारी नए एजेंडे के अनुसार, कांग्रेस नेता शशि थरूर की अध्यक्षता वाली सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसद की स्थायी समिति अपनी बैठक में बिहार और दिल्ली में दूरसंचार या इंटरनेट सेवाओं के निलंबन पर चर्चा करेगी. पहले के एजेंडा में इसमें जम्मू कश्मीर भी शामिल था.

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले ऐसे कई उदाहरण उपलब्ध हैं जहां संसदीय समिति ने 2जी स्पेक्ट्रम, कोयला खदान आवंटन, अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर जैसे मामलों को अदालत में लंबित होने के बावजूद इसे उठाया है और समिति में इस पर चर्चा की गई है.

जम्मू कश्मीर में इंटरनेट सेवाओं के निलंबन के विषय को लेने तथा और फेसबुक इंडिया के अधिकारियों को बुलाने के लिए समिति के भाजपा सदस्यों ने थरूर की आलोचना की है.

दरअसल बीते 14 अगस्त को वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत में फेसबुक की दक्षिण और मध्य एशिया प्रभार की पॉलिसी निदेशक आंखी दास ने भाजपा नेता टी. राजा सिंह के खिलाफ फेसबुक के हेट स्पीच नियमों को लागू करने का विरोध किया था, क्योंकि उन्हें डर था कि इससे कंपनी के संबंध भाजपा से बिगड़ सकते हैं.

टी. राजा सिंह तेलंगाना विधानसभा में भाजपा के एकमात्र विधायक हैं और वह अपने सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ बयानों के लिए जाने जाते हैं.

अमेरिकी अख़बार की इस रिपोर्ट में फेसबुक के कुछ पूर्व और कुछ वर्तमान कर्मचारियों के हवाले से कहा गया था कि आंखी दास ने अपने स्टाफ को बताया कि मोदी के नेताओं द्वारा नियमों का उल्लंघन करने पर उन्हें दंडित करने से भारत में कंपनी की कारोबारी संभावनाओं को नुकसान पहुंच सकता है.

रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि भारत में फेसबुक की शीर्ष अधिकारी ने भाजपा नेता के अलावा अन्य ‘हिंदू राष्ट्रवादी लोगों और समूहों’ की नफरत भरी पोस्ट को लेकर उन पर फेसबुक के हेट स्पीच नियम लगाए जाने का विरोध किया था.

इस दावे के बाद समिति ने फेसबुक के अधिकारियों को बुलाने का फैसला किया.

इस बीच समिति के सदस्य भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को पत्र लिखकर उनसे अनुरोध किया था कि थरूर को समिति के अध्यक्ष पद से हटाया जाए और किसी अन्य सदस्य को मनोनीत किया जाए.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)